पालघर: बोईसर के महाराष्ट्र खादी भंडार में महात्मा गांधी की 157वीं जयंती श्रद्धा और उत्साह से मनाई गई।खादी भंडार में बापू को पुष्पांजलि अर्पित कर स्वदेशी और खादी के महत्व पर दिया गया जोर।
पालघर: बोईसर के महाराष्ट्र खादी भंडार में महात्मा गांधी की 157वीं जयंती श्रद्धा और उत्साह से मनाई गई। खादी भंडार में बापू को पुष्पांजलि अर्पित कर स्वदेशी और खादी के महत्व पर दिया गया जोर। अखिलेश चौबे पालघर। सत्य, अहिंसा और सेवा का संदेश देने वाले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती औद्योगिक शहर बोईसर (पश्चिम) के ओस्तवाल एम्पायर स्थित गणेश मंदिर के सामने ‘महाराष्ट्र खादी भंडार’ में श्रद्धा, गरिमा और उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत उपस्थित अतिथियों द्वारा महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर वक्ताओं ने बापू के विचारों को याद करते हुए उन्हें दैनिक जीवन में अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। कार्यक्रम में खादी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए वक्ताओं ने कहा कि खादी केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि स्वदेशी भावना और आत्मसम्मान का प्रतीक है। वर्तमान समय में खादी के कपड़ों में आधुनिक डिजाइन और आकर्षक तैयार परिधानों की नई श्रृंखला उपलब्ध होने से लोगों में इसे पहनने का रुझान बढ़ रहा है। वक्ताओं ने कहा कि खादी का उपयोग बढ़ने से खादी ग...