पालघर: जिले में 77 अनधिकृत स्कूलों पर सख्त कार्रवाई, अभिभावकों को केवल मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ही प्रवेश दिलाने की अपील।

पालघर: जिले में 77 अनधिकृत स्कूलों पर सख्त कार्रवाई, अभिभावकों को केवल मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ही प्रवेश दिलाने की अपील।

अखिलेश चौबे 
पालघर। विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य को सुरक्षित रखने और शिक्षा की गुणवत्ता को बनाए रखने के उद्देश्य से जिला परिषद पालघर ने जिले में संचालित अनधिकृत विद्यालयों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए जिले के कुल 77 अनधिकृत प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों की सूची जारी की गई है। जिला परिषद के शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों का प्रवेश इन अनधिकृत विद्यालयों में न कराएं।
प्रशासन के अनुसार, बालकों के निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 18 (5) के तहत बिना सरकारी मान्यता के विद्यालय शुरू करना या संचालित करना गंभीर कानूनी अपराध है। ऐसे मामलों में संबंधित संस्था पर एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा, यदि नियमों का उल्लंघन जारी रहता है तो प्रतिदिन दस हजार रुपये तक का अतिरिक्त दंड भी लगाया जा सकता है।
जिला परिषद द्वारा जारी सूची के अनुसार, वसई तालुका में सर्वाधिक 60 अनधिकृत विद्यालय पाए गए हैं। वहीं पालघर तालुका में 15, जबकि डहाणू और विक्रमगड तालुका में एक-एक विद्यालय अनधिकृत पाए गए हैं। इस प्रकार जिले में कुल 77 विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इन अनधिकृत विद्यालयों का संचालन मुख्य रूप से नालासोपारा, विरार, पेल्हार, दहिसर, कळंब, मालजीपाडा, बोळींज, बोईसर, सरावली, सातपाटी, नवली, केळवा रोड, सफाळे और झांजरोळी जैसे क्षेत्रों में किया जा रहा था। जांच में पाया गया कि ये विद्यालय शासन द्वारा निर्धारित आवश्यक मानकों को पूरा किए बिना संचालित हो रहे थे।
जिला परिषद प्रशासन के निर्देशानुसार, इन सभी अनधिकृत विद्यालयों को तत्काल प्रभाव से बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही, इन विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को निकटवर्ती मान्यता प्राप्त विद्यालयों में प्रवेश दिलाने के लिए शिक्षा विभाग को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
अभिभावकों को जागरूक करने के लिए संबंधित विद्यालयों के आसपास तथा सार्वजनिक स्थानों पर "अनधिकृत शाला" के बोर्ड लगाए जाएंगे और व्यापक जनजागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा, ताकि किसी प्रकार की धोखाधड़ी से बचा जा सके।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि विद्यालय संचालक आदेशों का पालन नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे। इस कार्रवाई के लिए गटशिक्षणाधिकारी को अधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है।
प्रभारी मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र पाटील ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों का प्रवेश केवल मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ही कराएं और प्रवेश से पहले संबंधित विद्यालय की मान्यता अवश्य जांच लें। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के हित को ध्यान में रखते हुए किसी भी अनधिकृत विद्यालय में प्रवेश लेना उचित नहीं है।

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