पालघर: वंजारवाडा रेलवे फाटक पर उड्डाण पुल सर्वे का विरोध, अंडरपास की मांग पर अड़े ग्रामीण; प्रशासन को सर्वेक्षण रोकना पड़ा।
पालघर: वंजारवाडा रेलवे फाटक पर उड्डाण पुल सर्वे का विरोध, अंडरपास की मांग पर अड़े ग्रामीण; प्रशासन को सर्वेक्षण रोकना पड़ा।
अखिलेश चौबे
पालघर। जिले के पश्चिम रेलवे के अंतर्गत बोईसर और वाणगांव रेलवे स्टेशनों के बीच स्थित वंजारवाडा रेलवे फाटक क्षेत्र में गुरुवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई, जब प्रस्तावित उड्डाण पुल (ओवरब्रिज) के सर्वेक्षण के लिए पहुंची प्रशासनिक टीम को स्थानीय ग्रामीणों के तीव्र विरोध का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों ने स्पष्ट रूप से अपनी मांग रखते हुए कहा कि इस स्थान पर पहले भूमिगत मार्ग (अंडरपास) का निर्माण किया जाए, उसके बाद ही किसी भी प्रकार के उड्डाण पुल पर विचार किया जाए। इसी मांग को लेकर बड़ी संख्या में एकजुट हुए लोगों ने सर्वेक्षण कार्य को पूरी तरह बाधित कर दिया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन को अंततः सर्वेक्षण कार्य स्थगित करना पड़ा।
इस आंदोलन का नेतृत्व “गांव बचाव संघर्ष समिति” द्वारा किया गया। वंजारवाडा, होळीपाडा, सुतारपाडा और दांडीपाडा क्षेत्रों के बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक, महिलाएं, विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए। जैसे ही प्रशासन ने सर्वेक्षण शुरू करने का प्रयास किया, प्रदर्शनकारियों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया।
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक अंडरपास निर्माण की उनकी मांग पूरी नहीं होती, तब तक ओवरब्रिज से संबंधित किसी भी कार्य का इसी प्रकार विरोध जारी रहेगा।
घटनास्थल पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था, बावजूद इसके ग्रामीणों की एकजुटता के चलते प्रशासन को पीछे हटना पड़ा और पूरे दिन का सर्वेक्षण कार्य रोक दिया गया।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वंजारवाडा रेलवे फाटक उनके लिए लंबे समय से बड़ी समस्या बना हुआ है। रेलगाड़ियों के लगातार आवागमन के कारण यह फाटक दिन में कई बार और लंबे समय तक बंद रहता है, जिससे क्षेत्र में भारी यातायात जाम की स्थिति बन जाती है।
ग्रामीणों ने बताया कि कई बार गंभीर मरीजों को ले जा रही एम्बुलेंस भी इस जाम में फंस जाती हैं, जिससे समय पर इलाज मिलना मुश्किल हो जाता है। इसके अलावा स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों को भी रोजाना देरी का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन सभी समस्याओं का स्थायी समाधान केवल अंडरपास का निर्माण है। यह मांग कई वर्षों से लंबित है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से इस गंभीर समस्या पर तत्काल ध्यान देने और जल्द से जल्द समाधान निकालने की मांग की है।
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