पालघर: मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों पर कांग्रेस का प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार को हटाने और गिरफ्तारी की मांग।एसआईआर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर पालघर जिला कांग्रेस ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन।
पालघर: मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों पर कांग्रेस का प्रदर्शन, ज्ञानेश कुमार को हटाने और गिरफ्तारी की मांग।
एसआईआर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर पालघर जिला कांग्रेस ने तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन।
अखिलेश चौबे
पालघर। भारत के लोकतंत्र और संविधान की रक्षा तथा मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ी और ‘मत चोरी’ के मुद्दे को लेकर पालघर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से बुधवार, 30 सितंबर को सुबह 10:30 बजे तहसीलदार कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विभिन्न आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने तथा उनके विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
पालघर जिला कांग्रेस अध्यक्ष कैप्टन सत्यम ठाकुर के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। अपने संबोधन में सत्यम ठाकुर ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग एक स्वायत्त संवैधानिक संस्था है, लेकिन उनके आरोप के अनुसार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पिछले कुछ वर्षों से सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी के हित में काम कर रहे हैं। उन्होंने इन आरोपों के आधार पर ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके विरुद्ध देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तारी की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर (SIR) को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए। सत्यम ठाकुर ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के नाम पर व्यापक स्तर पर मनमानी और कथित अनियमितताएं की जा रही हैं तथा इससे निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया प्रभावित होने की आशंका है।
हालांकि, इन आरोपों के बीच निर्वाचन आयोग ने 26 सितंबर को जारी अपने स्पष्टीकरण में कहा था कि एसआईआर से जुड़े निर्णयों को तीनों निर्वाचन आयुक्तों की सर्वसम्मति से मंजूरी मिली थी। आयोग ने आंतरिक मतभेदों से संबंधित मीडिया रिपोर्टों पर भी स्पष्टीकरण दिया था।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मीडिया में प्रकाशित रिपोर्टों का हवाला देते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी के बीच कथित मतभेदों का मुद्दा भी उठाया। प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, दोनों निर्वाचन आयुक्तों ने पिछले करीब 10 महीनों में कम से कम 14 अवसरों पर कुछ निर्णयों और प्रक्रियाओं को लेकर आपत्तियां दर्ज की थीं।
कांग्रेस का आरोप है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने अपने सहयोगी निर्वाचन आयुक्तों को विश्वास में लिए बिना महत्वपूर्ण निर्णय लिए तथा सूचना प्रौद्योगिकी प्रणाली के केंद्रीकरण के माध्यम से निर्वाचन प्रक्रिया पर नियंत्रण बढ़ाया। दूसरी ओर, निर्वाचन आयोग ने इन आरोपों के जवाब में कहा है कि एसआईआर सहित संबंधित निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए थे और 26 सितंबर की बैठक के बाद आयोग ने तकनीकी व्यवस्था तथा मतदाता पंजीकरण से जुड़े कई मुद्दों पर स्पष्टीकरण भी दिया।
प्रदर्शनकारियों ने महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2024 के दौरान मतदाता सूची में करीब 47 लाख मतदाताओं की वृद्धि का मुद्दा भी उठाया। कांग्रेस ने पहले निर्वाचन आयोग को दिए अपने ज्ञापन में जुलाई से नवंबर 2024 के बीच मतदाता सूची में लगभग 47 लाख की वृद्धि और मतदान के आंकड़ों में कथित विसंगतियों पर सवाल उठाए थे। यह कांग्रेस द्वारा किया गया दावा था, जिसे पार्टी ने जांच और स्पष्टीकरण की मांग के आधार के रूप में रखा था।
कांग्रेस नेताओं ने पश्चिम बंगाल और बिहार की मतदाता सूचियों से नाम हटाए जाने को लेकर भी सवाल उठाए तथा कहा कि पात्र मतदाताओं के नाम हटाए जाने की किसी भी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेता पराग पस्टे, बलवंत गावित, योगेश नम, अविश राऊत, सुरेंद्र शेट्टी, रामप्रकाश निराला, रोशन पाटिल, सिकंदर शेख, संदीप मेणे, मनोज पाटील, अशोक पाटील और सुनील इंगोले सहित अनेक पदाधिकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की।
कांग्रेस नेताओं ने अपने आरोपों को लोकतांत्रिक और संवैधानिक व्यवस्था से जोड़ते हुए ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई तथा गिरफ्तारी की मांग दोहराई।
इस दौरान बहुजन विकास आघाडी के प्रशांत पाटील तथा वाढवण बंदरगाह युवा संघर्ष समिति के मिलिंद राऊत ने भी प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया।
कांग्रेस द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से तत्काल हटाने तथा चुनावी प्रक्रिया में कथित हेरफेर और लोकतांत्रिक व्यवस्था के विरुद्ध काम करने के आरोपों की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की गई।
इसके अलावा मतदाता सूची से कथित रूप से गैर-कानूनी तरीके से नाम हटाने की प्रक्रिया पर रोक लगाने, चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता बहाल करने तथा सभी पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल करने की मांग भी रखी गई।
कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से मतदाता सूची से जुड़े विवादों पर स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक करने और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
विरोध प्रदर्शन के अवसर पर कांग्रेस के मधुकर चौधरी, शैलेश ठाकुर, बच्चा ठाकुर, घनश्याम आलशी, अशद चूनावाला, रविश नाचन, राजेंद्र तामोरे, नरोत्तम पाटिल, प्रकाश संखे, उदय संखे, दीपक पाटिल, मेहमूद शेख, शैला प्रसाद और वायडा सहित अनेक कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग करते हुए निर्वाचन आयोग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया और ज्ञापन के माध्यम से अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचाईं।
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