पालघर: ग्रामीण विद्यार्थियों में पठन संस्कृति विकसित करने की पहल, 100 प्राथमिक विद्यालयों तक पहुंचेंगी पुस्तक पेटियां।रोटरी क्लब ऑफ बोईसर-तारापुर ने शुरू किया ‘सजली-फुलली, पुस्तकों की परसबाग’ अभियान, पहली खेप में 10 पुस्तक पेटियां वितरित।
पालघर: ग्रामीण विद्यार्थियों में पठन संस्कृति विकसित करने की पहल, 100 प्राथमिक विद्यालयों तक पहुंचेंगी पुस्तक पेटियां।
रोटरी क्लब ऑफ बोईसर-तारापुर ने शुरू किया ‘सजली-फुलली, पुस्तकों की परसबाग’ अभियान, पहली खेप में 10 पुस्तक पेटियां वितरित।
अखिलेश चौबे
पालघर। ग्रामीण विद्यार्थियों में पढ़ने की आदत और पुस्तकों के प्रति रुचि विकसित करने के उद्देश्य से रोटरी क्लब ऑफ बोईसर-तारापुर ने रोटरी क्लब अध्यक्ष डॉ. प्रवीण वैश्य के मार्गदर्शन में ‘सजली-फुलली, पुस्तकों की परसबाग’ अभियान शुरू किया है। क्लब सचिव रेखेश जैन की संकल्पना से शुरू किए गए इस अभियान के अंतर्गत पालघर जिले के 100 प्राथमिक विद्यालयों तक पुस्तक पेटियां पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिला शासकीय पुस्तकालय कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिला पुस्तकालय अधिकारी प्रशांत पाटील के हाथों केंद्र प्रमुखों, शिक्षकों और विद्यार्थियों को अभियान की पहली खेप के रूप में 10 पुस्तक पेटियां वितरित की गईं। प्रत्येक पुस्तक पेटी में कक्षा 1 से 4 तक के विद्यार्थियों के लिए चयनित 131 पुस्तकें तथा आचार्य विनोबा भावे की ‘गीताई’ की पॉकेट पुस्तिका शामिल है।
पुस्तक पेटियों में बाल कहानियां, बड़बड़गीत, रोचक कथाएं, महान व्यक्तित्वों की जीवनियां, विज्ञान कथाएं, वैज्ञानिकों की प्रेरक कहानियां और कविताएं शामिल हैं। ग्रामीण विद्यालयों में विद्यार्थियों को उनकी आयु और समझ के अनुरूप पुस्तकें उपलब्ध कराने के माध्यम से उनमें नियमित पढ़ने की आदत विकसित करने के साथ-साथ भाषा, कल्पनाशक्ति और विचारशक्ति को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम में प्रशांत पाटील ने कहा कि बच्चों के बौद्धिक और व्यक्तित्व विकास में पुस्तकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने पुस्तकालय विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी देते हुए ‘गांव तहाँ पुस्तकालय’ की संकल्पना को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर रोटरी क्लब अध्यक्ष डॉ. प्रवीण वैश्य, फर्स्ट लेडी अर्चना वैश्य, पूर्व अध्यक्ष राकेश मिश्रा, रमेश मित्तल, जगदीश भूते, विलास शाहपुरे, वैशाली शिंदे, प्रशांत बाविस्कर, ओ पी. सिंह, रत्नासिंह, परियोजना अध्यक्ष संध्या शाहपुरे, समन्वयक अलका जैन, अमोल पाटकर और शीतल पाटकर सहित जिला परिषद के शिक्षक, केंद्र प्रमुख और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
‘ज्ञान की बगिया सजाने’ की संकल्पना के तहत शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य केवल ग्रामीण विद्यालयों तक पुस्तकें पहुंचाना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में पढ़ने की रुचि, ज्ञान के प्रति जिज्ञासा और नियमित पठन की आदत विकसित करना है। ‘पुस्तकों की परसबाग’ अभियान के माध्यम से ग्रामीण विद्यालयों में पुस्तकों को विद्यार्थियों की दैनिक सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
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