पालघर: कोसबाड़ में चक्रवात से भारी तबाही, सैकड़ों परिवार संकट में; पीड़ितों की मदद के लिए आगे आने की अपील।पालघर जिले के कोसबाड़ में 30 सितंबर के भीषण चक्रवात से घरों, खेती और घरेलू सामान को भारी नुकसान।

पालघर: कोसबाड़ में चक्रवात से भारी तबाही, सैकड़ों परिवार संकट में; पीड़ितों की मदद के लिए आगे आने की अपील।
पालघर जिले के कोसबाड़ में 30 सितंबर के भीषण चक्रवात से घरों, खेती और घरेलू सामान को भारी नुकसान।

अखिलेश चौबे 
पालघर। जिले के कोसबाड़ में 30 सितंबर 2026 को आए भीषण चक्रवात ने बड़े पैमाने पर तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा से अनेक परिवारों के घर क्षतिग्रस्त हो गए, घरों की छतों के पत्रे उड़ गए और खाद्यान्न सहित घरेलू उपयोग की आवश्यक वस्तुओं को नुकसान पहुंचा है। खेती, पेड़-पौधों और लोगों की आजीविका के साधन भी बड़े पैमाने पर प्रभावित हुए हैं। इस संकट के कारण सैकड़ों परिवारों के सामने रहने, भोजन और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की चुनौती खड़ी हो गई है।
कई परिवारों के सिर से छत छिन गई है, तो कई घरों में रखा अनाज और घरेलू सामान बर्बाद हो गया है। प्रभावित परिवारों की स्थिति को देखते हुए उन्हें तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की आवश्यकता जताई गई है।
आपदा प्रभावित क्षेत्र का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर नुकसान की गंभीरता से सरकारी तंत्र को अवगत कराया गया है। इसके साथ ही पालघर के तहसीलदार से संपर्क कर प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, सरकारी तंत्र ने गांव में पहुंचकर राहत एवं सहायता का कार्य शुरू कर दिया है।
हालांकि, प्रभावित परिवारों की जरूरतों को देखते हुए सरकारी सहायता के साथ सामाजिक संस्थाओं, कंपनियों, सेवाभावी संगठनों और दानदाताओं की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया है।
कोसबाड़ के प्रभावित परिवारों को दोबारा सामान्य जीवन शुरू करने में सहायता मिल सके, इसके लिए विभिन्न प्रकार की सामग्री उपलब्ध कराने की अपील की गई है। इसमें घरों की छतों के लिए पत्रे और निर्माण सामग्री, ईंटें, खाद्यान्न, दैनिक उपयोग की वस्तुएं तथा खेती के लिए आवश्यक सहायता शामिल है।
प्रभावित परिवारों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सभी सामाजिक संस्थाओं, कंपनियों, सेवाभावी संगठनों और दानशील व्यक्तियों से आगे आने का अनुरोध किया गया है।
कोसबाड़ के संकटग्रस्त परिवारों की सहायता के लिए सभी राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से भी आगे आने का आह्वान किया गया है। अपील में कहा गया है कि संकट की इस घड़ी में राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर प्रभावित लोगों के साथ खड़ा होना आवश्यक है।
संदेश में जोर दिया गया है कि जनसेवा केवल शब्दों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि संकट के समय जरूरतमंद लोगों की सहायता के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। मानवीय संवेदना और सामूहिक सहयोग के माध्यम से प्रभावित परिवारों को दोबारा अपने पैरों पर खड़ा करने का प्रयास किया जाना चाहिए।
कोसबाड़ के प्रभावित परिवारों की मदद के लिए गांव के संपर्क व्यक्तियों के नंबर जारी किए गए हैं। सहायता पहुंचाने के इच्छुक नागरिक इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं। जयेंद्र घाटाळ: 9021984148, संतोष शिवराम जनाठे: 7030719758 कोसबाड़ के प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए सभी से सहयोग की अपील की गई है, ताकि क्षतिग्रस्त घरों की मरम्मत, आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और आजीविका को दोबारा शुरू करने में मदद मिल सके। सामूहिक प्रयासों से आपदा प्रभावित परिवारों को इस कठिन परिस्थिति से उबरने में सहारा मिलने की उम्मीद जताई गई है।

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