पालघर: 30 सितंबर को आए चक्रवात से करीब 260 परिवार प्रभावित, कोसबाड़ में चक्रवात प्रभावित 73 परिवारों को सेवा भारती ने बांटी सीमेंट की चादरें।
पालघर: 30 सितंबर को आए चक्रवात से करीब 260 परिवार प्रभावित, कोसबाड़ में चक्रवात प्रभावित 73 परिवारों को सेवा भारती ने बांटी सीमेंट की चादरें।
अखिलेश चौबे
पालघर। जिले के कोसबाड़ गांव में 30 सितंबर को आए चक्रवात से अनेक परिवारों को भारी नुकसान हुआ। इस प्राकृतिक आपदा में करीब 260 परिवार प्रभावित हुए हैं। कई परिवारों के घरों की छतें क्षतिग्रस्त होने के साथ ही घरेलू सामान को भी नुकसान पहुंचा है।
आपदा से प्रभावित परिवारों की सहायता के लिए विभिन्न सामाजिक संस्थाओं, कंपनियों और राजनीतिक दलों को आगे आकर सहयोग करने तथा कोसबाड़ गांव को फिर से खड़ा करने में योगदान देने का आह्वान संतोष जनाठे ने किया था।
इस आह्वान को सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जनकल्याण समिति और सेवा भारती–कोकण प्रांत की ओर से कोसबाड़ में चक्रवात प्रभावित 73 परिवारों को सीमेंट की चादरें वितरित की गईं।
आयोजकों ने कहा कि आपदा के समय जरूरतमंदों की मदद करना ही सच्ची समाजसेवा है। नुकसानग्रस्त परिवारों के घरों पर दोबारा सुरक्षित छत खड़ी हो, उनके जीवन में फिर से स्थिरता आए और उन्हें यह विश्वास मिले कि “संकट में समाज हमारे साथ है”, इसी भावना से यह सहायता अभियान चलाया गया।
इस अवसर पर सेवा भारती के जिला सचिव हर्षल भानुशाली, सरपंच घाटाळ मैडम, उपसरपंच शैलेश दळवी, ग्राम पंचायत के पूर्व सरपंच, ग्राम पंचायत सदस्य, सेवा भारती के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता तथा बिरसायत के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कोसबाड़ के पुनर्वास के लिए किया गया सहायता का आह्वान केवल शब्दों तक सीमित न रहकर प्रत्यक्ष रूप से कार्रवाई में बदलना इस पहल की विशेष बात रही। इस अवसर पर भविष्य में भी कोसबाड़ के प्रभावित परिवारों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए सामाजिक संस्थाओं, उद्योग समूहों और समाज के दानदाताओं से आगे आकर सहयोग करने का आह्वान किया गया।
आयोजकों ने कहा कि आपदा कितनी भी बड़ी क्यों न हो, समाज की एकजुटता और सेवाभाव की शक्ति से संकट का सामना किया जा सकता है।
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