मुंबई: तेरणा अस्पताल के ‘टीपीए एवं बीमा वैज्ञानिक सम्मेलन 2026’ में मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर।

मुंबई: तेरणा अस्पताल के ‘टीपीए एवं बीमा वैज्ञानिक सम्मेलन 2026’ में मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर।

अखिलेश चौबे 
मुंबई। अस्पतालों, बीमा कंपनियों और तृतीय पक्ष प्रशासकों (टीपीए) के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी वित्तीय प्रक्रियाओं को सरल, पारदर्शी और मरीज-केंद्रित बनाने के उद्देश्य से तेरणा स्पेशालिटी अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र ने ‘टीपीए एवं बीमा वैज्ञानिक सम्मेलन 2026’ का आयोजन किया। सम्मेलन में स्वास्थ्य सेवा, बीमा, दावों के प्रबंधन और चिकित्सा प्रौद्योगिकी क्षेत्र के विशेषज्ञों ने भाग लिया।
सम्मेलन में ‘बीमा प्रदाता और स्वास्थ्य सेवा प्रदाता के बीच साझेदारी’ तथा ‘रणनीतिक नेतृत्व’ जैसे विषयों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने नकदरहित उपचार की मंजूरी में देरी, दस्तावेजों की कमियां, बिलिंग संबंधी विवाद और बीमा पॉलिसी के लाभों को लेकर भ्रम जैसी समस्याओं के समाधान पर जोर दिया। इन समस्याओं को दूर करने के लिए मानकीकृत प्रक्रियाओं, पारदर्शी संवाद, समयबद्ध निर्णय और प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था को आवश्यक बताया गया।
जनरल इंश्योरेंस काउंसिल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. एस. प्रकाश मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि पैरामाउंट हेल्थ ग्रुप के संस्थापक एवं प्रबंध निदेशक डॉ. नयन शाह ने सम्मेलन की अध्यक्षता की।
पहले परिचर्चा सत्र में मार्श ब्रोकर्स के कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ. जयकुमार रेड्डी, ओलो के वरिष्ठ उपाध्यक्ष आनंद श्रीधर और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के साथ साझेदारी के विशेषज्ञ डॉ. फारूक शेख ने भाग लिया। दूसरे सत्र में भारतीय स्टेट बैंक की वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. मंजुषा पाध्ये, चोला एमएस के दावों एवं स्वास्थ्य नेटवर्किंग विभाग की क्षेत्रीय प्रमुख डॉ. सिंटी गुप्ता, तेरणा अस्पताल की संचालन महाप्रबंधक डॉ. सारा जाधव, मेरिल लाइफ साइंसेज के सरकारी मामलों एवं बाजार पहुंच विभाग की उप महाप्रबंधक डॉ. श्रद्धा रामास्वामी और तेरणा अस्पताल के आंतरिक चिकित्सा सलाहकार डॉ. निखिल वर्गे शामिल हुए।
तेरणा स्पेशालिटी अस्पताल एवं अनुसंधान केंद्र की चिकित्सा सेवाओं की निदेशक डॉ. अपर्णा मेथिल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े प्रत्येक निर्णय में चिकित्सा की उपयुक्तता और मरीज की सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए। अस्पतालों, बीमा कंपनियों और टीपीए के बीच बेहतर समन्वय से अनावश्यक देरी कम करने तथा मरीजों को समय पर गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
तेरणा अस्पताल के विपणन महाप्रबंधक डॉ. मनीष राय ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में सार्थक सहयोग के लिए सभी पक्षों को केवल व्यक्तिगत लेन-देन तक सीमित न रहकर साझा उद्देश्यों के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने बताया कि इस सम्मेलन के माध्यम से विश्वास, पारदर्शिता और मरीजों के हितों पर आधारित साझेदारी को मजबूत करने का प्रयास किया गया।
तेरणा की ‘साक्ष्य से परिणाम’ पहल के माध्यम से साक्ष्य-आधारित चिकित्सा निर्णयों, प्रभावी अस्पताल प्रबंधन और जिम्मेदार स्वास्थ्य वित्तपोषण को प्रोत्साहित किया जाता है। इस सम्मेलन के आयोजन में मेरिल लाइफ साइंसेज ने भी सहयोग दिया।
सम्मेलन के माध्यम से तेरणा अस्पताल ने अस्पतालों, बीमा कंपनियों और टीपीए के बीच सहयोग को मजबूत करने तथा नकदरहित उपचार और बीमा दावों की प्रक्रिया को अधिक सहज, पारदर्शी एवं मरीज-केंद्रित बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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