पालघर: तारापुर एमआईडीसी में धूल-राख को लेकर गुरुद्वारा प्रबंधन की शिकायत, औचक जांच की मांग।BRFL Textiles Pvt. Ltd. पर कथित प्रदूषण को लेकर MPCB से रात में निरीक्षण और वैज्ञानिक परीक्षण कराने का अनुरोध।
पालघर: तारापुर एमआईडीसी में धूल-राख को लेकर गुरुद्वारा प्रबंधन की शिकायत, औचक जांच की मांग।
BRFL Textiles Pvt. Ltd. पर कथित प्रदूषण को लेकर MPCB से रात में निरीक्षण और वैज्ञानिक परीक्षण कराने का अनुरोध।
अखिलेश चौबे
पालघर। जिले के तारापुर एमआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र स्थित गुरुद्वारा श्री गुरु नानक दरबार, बसंत कॉलोनी की ओर से BRFL Textiles Pvt. Ltd., प्लॉट नंबर C-6 एवं C-7 से कथित रूप से निकलने वाली धूल एवं राख को लेकर शिकायत की गई है। गुरुद्वारा प्रबंधन का आरोप है कि कंपनी के बॉयलर से निकलने वाली धूल के कारण श्रद्धालुओं, कर्मचारियों और आसपास के नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में गुरुद्वारा प्रबंधन ने हेस वेलफेयर फाउंडेशन के पालघर जिला अध्यक्ष अमर रविंद्र सावंत को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की।
शिकायत के अनुसार, पिछले छह महीने से अधिक समय से यह समस्या बनी हुई है। विशेष रूप से रात के समय धूल की मात्रा बढ़ने और उसके गुरुद्वारा परिसर के साथ आसपास के घरों तक पहुंचने का आरोप लगाया गया है। गुरुद्वारा प्रबंधन ने आशंका जताई है कि इससे घरों में रखे खाद्य पदार्थ और पीने का पानी प्रभावित हो सकता है। धार्मिक कार्यक्रमों में छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक की उपस्थिति को देखते हुए उनके स्वास्थ्य को लेकर भी चिंता व्यक्त की गई है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि गुरुद्वारे में सेवा करने वाले कुछ कर्मचारियों को धूल के कारण सांस लेने में परेशानी तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। गुरुद्वारा प्रबंधन के अनुसार, कंपनी प्रबंधन से इस संबंध में कई बार शिकायत की गई, लेकिन आश्वासन के बावजूद विशेष रूप से रात के समय फिर धूल की समस्या सामने आती है।
गुरुद्वारा प्रबंधन की शिकायत के बाद अमर रविंद्र सावंत ने महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (MPCB), तारापुर उप-प्रादेशिक कार्यालय को लिखित शिकायत दी है। इसमें BRFL Textiles Pvt. Ltd. के परिसर का रात के समय औचक निरीक्षण करने तथा कंपनी से बाहर निकलने वाली धूल और राख की प्रत्यक्ष जांच करने की मांग की गई है।
शिकायत में कंपनी के Dust Collector, Bag Filter, Scrubber, Exhaust सहित अन्य प्रदूषण नियंत्रण प्रणालियों की जांच करने और हवा तथा धूल के वैज्ञानिक नमूने लेकर अधिकृत प्रयोगशाला में परीक्षण कराने का अनुरोध किया गया है। साथ ही कंपनी की MPCB Consent तथा उसमें निर्धारित पर्यावरणीय शर्तों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी भी जांच करने की मांग की गई है।
हेस वेलफेयर फाउंडेशन ने रात के समय होने वाले कथित प्रदूषण की विशेष निगरानी करने तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित कंपनी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही गुरुद्वारा और आसपास के नागरिकों को तत्काल राहत देने के लिए आवश्यक उपाय करने का अनुरोध किया गया है।
गुरुद्वारा प्रबंधन और हेस वेलफेयर फाउंडेशन ने मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए प्रत्यक्ष निरीक्षण और वैज्ञानिक परीक्षण कराने पर जोर दिया है। फिलहाल कंपनी की ओर से लगाए गए आरोपों पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
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