पालघर: ७५ वें अमृत महोत्सवी वर्ष में सार्वजनिक गणेशोत्सव मित्रमंडल ने रचा भव्य उत्सव।वंजारवाड़ा में गूंजा ‘गणपति बाप्पा मोरया’ का जयघोष, भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ आगमन।

पालघर: ७५ वें अमृत महोत्सवी वर्ष में सार्वजनिक गणेशोत्सव मित्रमंडल ने रचा भव्य उत्सव।
वंजारवाड़ा में गूंजा ‘गणपति बाप्पा मोरया’ का जयघोष, भव्य शोभायात्रा के साथ हुआ आगमन।

अखिलेश चौबे  
पालघर। जिले के औद्योगिक बोईसर शहर के वंजारवाड़ा क्षेत्र में सार्वजनिक गणेशोत्सव मित्रमंडल के ७५वें अमृत महोत्सवी वर्ष के अवसर पर मंडल के आराध्य महागणपति बाप्पा का भव्य आगमन समारोह उत्साह, श्रद्धा और भक्तिमय वातावरण में संपन्न हुआ। बाप्पा के आगमन को लेकर क्षेत्र में पहले से ही उत्साह का माहौल बना हुआ था। जैसे ही महागणपति बाप्पा की भव्य शोभायात्रा निकली, पूरा क्षेत्र ढोल-ताशों की गूंज और गणपति बाप्पा के जयघोष से भक्तिमय हो उठा।
महागणपति बाप्पा के आगमन के अवसर पर बड़े पैमाने पर ढोल-ताशा पथक के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज के बीच श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक बाप्पा का स्वागत किया। शोभायात्रा के दौरान छोटी उम्र की बच्चियों का शौर्य किया गया। इन साहसिक करतबों ने उपस्थित लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया और बालिकाओं के आत्मविश्वास एवं शौर्य की खूब सराहना हुई।
वहीं, स्थानीय महिलाओं ने भी उत्साह के साथ सहभागिता करते हुए नृत्य और पारंपरिक उत्सव के माध्यम से महागणपति बाप्पा का स्वागत किया। महिलाओं और युवाओं सहित क्षेत्र के नागरिक बड़ी संख्या में इस आगमन समारोह में शामिल हुए। श्रद्धा और उत्साह से भरे वातावरण में हर ओर गणपति बाप्पा के जयकारे सुनाई दे रहे थे।
सार्वजनिक गणेशोत्सव मित्रमंडल, बोईसर–वंजारवाड़ा के लिए इस वर्ष का गणेशोत्सव विशेष महत्व रखता है, क्योंकि मंडल अपना ७५वां अमृत महोत्सवी वर्ष मना रहा है। इसी विशेष अवसर को ध्यान में रखते हुए महागणपति बाप्पा के आगमन समारोह को भव्य रूप देने का प्रयास किया गया।
आयोजन में धार्मिक उत्साह के साथ स्थानीय परंपरा और सामूहिक सहभागिता का सुंदर संगम देखने को मिला। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक विभिन्न आयु वर्ग के नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विशेष रूप से बच्चियों के शौर्य प्रदर्शन और महिलाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आगमन समारोह को और आकर्षक बना दिया।
इस भव्य आगमन समारोह की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि स्थानीय नेताओं और मंडल के पदाधिकारियों ने यातायात व्यवस्था को भी प्राथमिकता दी। शोभायात्रा के दौरान आम नागरिकों को यातायात संबंधी परेशानी न हो, इसके लिए पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय करते हुए यातायात को सुचारु रखने में सहयोग किया गया।
शोभायात्रा के दौरान मार्ग पर यातायात को व्यवस्थित रखने और आवश्यकतानुसार रास्ता सुचारु करने में मंडल के कार्यकर्ताओं तथा स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन का सहयोग किया। धार्मिक आयोजन के साथ नागरिकों की सुविधा और यातायात व्यवस्था का ध्यान रखे जाने से आयोजन को लेकर सकारात्मक वातावरण देखने को मिला।


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