पालघर: जव्हार की आश्रमशालाओं और सरकारी छात्रावासों में व्यापक वृक्षारोपण अभियान। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 30 शासकीय, 17 अनुदानित आश्रमशालाओं और 16 सरकारी छात्रावासों में रोपे गए पौधे।
पालघर: जव्हार की आश्रमशालाओं और सरकारी छात्रावासों में व्यापक वृक्षारोपण अभियान।
‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत 30 शासकीय, 17 अनुदानित आश्रमशालाओं और 16 सरकारी छात्रावासों में रोपे गए पौधे।
अखिलेश चौबे
पालघर। सेवा, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सहभागिता का संदेश देते हुए ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत जव्हार स्थित एकात्मिक आदिवासी विकास परियोजना के अधीन आने वाली आश्रमशालाओं और सरकारी छात्रावासों में व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया गया। इस अभियान के माध्यम से शैक्षणिक संस्थानों के परिसरों को अधिक हराभरा और पर्यावरण के अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की गई।
इस अभियान के अंतर्गत जव्हार क्षेत्र की 30 शासकीय आश्रमशालाओं, 17 अनुदानित आश्रमशालाओं तथा 16 शासकीय छात्रावासों में वृक्षारोपण किया गया। अभियान का उद्देश्य केवल संस्थानों के परिसरों का सौंदर्यीकरण करना ही नहीं, बल्कि विद्यार्थियों और संस्थानों से जुड़े कर्मचारियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा प्रकृति के संरक्षण के लिए सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना भी रहा।
वृक्षारोपण अभियान में आश्रमशालाओं और छात्रावासों के विद्यार्थियों के साथ अधीक्षक, मुख्याध्यापक, शिक्षक तथा शिक्षकेतर कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विद्यार्थियों की प्रत्यक्ष भागीदारी ने इस अभियान को विशेष रूप से सामाजिक और शैक्षणिक स्वरूप प्रदान किया।
विद्यार्थियों ने पौधारोपण में सक्रिय सहभागिता करते हुए पर्यावरण संरक्षण के महत्व को समझने का प्रयास किया। इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी, सामाजिक सहभागिता और पर्यावरण के संरक्षण की भावना को प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया।
आश्रमशालाओं और सरकारी छात्रावासों के परिसर में आयोजित इस वृक्षारोपण अभियान से संस्थानों के आसपास के वातावरण को अधिक हराभरा और पर्यावरणपूरक बनाने की दिशा में सकारात्मक कदम उठाया गया है। वृक्षारोपण के माध्यम से इन परिसरों के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देने का प्रयास किया गया।
‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित इस हरित पहल के माध्यम से आदिवासी विकास क्षेत्र की शैक्षणिक संस्थाओं में पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों को व्यापक बनाने का प्रयास किया गया है। विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों की सामूहिक भागीदारी से यह संदेश दिया गया कि पर्यावरण संरक्षण केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की साझा जिम्मेदारी है।
इस अभियान के माध्यम से आश्रमशालाओं और छात्रावासों के परिसरों में हरियाली बढ़ाने के साथ विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता और सामाजिक दायित्व की भावना विकसित करने पर भी जोर दिया गया।
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