पालघर: बारिश के मौसम में सर्पदंश से बचाव के लिए पालघर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क, सभी सरकारी अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन उपलब्ध।

पालघर: बारिश के मौसम में सर्पदंश से बचाव के लिए पालघर स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क, सभी सरकारी अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन उपलब्ध।

अखिलेश चौबे
पालघर। वर्षा ऋतु के दौरान सर्पदंश की घटनाओं में संभावित वृद्धि को देखते हुए पालघर जिला परिषद के स्वास्थ्य विभाग ने पूरे जिले में व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिला स्वास्थ्य विभाग ने सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, ग्रामीण अस्पतालों, उपजिला अस्पतालों तथा अन्य शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) इंजेक्शन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध करा दिया है, ताकि सर्पदंश के प्रत्येक मरीज को समय पर उपचार मिल सके और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
जिला स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, बारिश के मौसम में खेतों, जंगलों, झाड़ियों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों में सांपों के निकलने की घटनाएं बढ़ जाती हैं। ऐसे समय में ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के नागरिकों के लिए विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने पूरे जिले की चिकित्सा व्यवस्था को सतर्क अवस्था में रखा है।
स्वास्थ्य विभाग ने सभी चिकित्सा अधिकारियों, परिचारिकाओं तथा स्वास्थ्य कर्मियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि सर्पदंश के प्रत्येक मरीज को तत्काल प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया जाए तथा गंभीर स्थिति होने पर बिना किसी विलंब के उच्च स्तरीय स्वास्थ्य संस्थान में रेफर किया जाए। इसके लिए 108 आपातकालीन एम्बुलेंस सेवा तथा अन्य शासकीय एम्बुलेंस सेवाओं को चौबीसों घंटे सक्रिय रखा गया है। सभी एम्बुलेंसों को स्वच्छ, सुसज्जित एवं आपात स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संतोष चौधरी ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सर्पदंश हो जाए तो किसी भी प्रकार के घरेलू उपचार, झाड़-फूंक, तांत्रिक, ओझा या अंधविश्वास का सहारा बिल्कुल न लें। मरीज को बिना समय गंवाए निकटतम शासकीय स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि समय पर उचित चिकित्सकीय उपचार तथा एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) इंजेक्शन मिलने से अधिकांश मामलों में मरीज की जान बचाई जा सकती है तथा गंभीर जटिलताओं से भी बचाव संभव है।
स्वास्थ्य विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि मानसून के दौरान किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए संपूर्ण स्वास्थ्य तंत्र पूरी क्षमता के साथ कार्य कर रहा है। जिले के सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाइयों, चिकित्सकीय उपकरणों तथा प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है।
जिला परिषद, पालघर के स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से आग्रह किया है कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तुरंत 108 अथवा 102 एम्बुलेंस सेवा से संपर्क करें या निकटतम शासकीय स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचकर उपचार प्राप्त करें। विभाग ने लोगों से सतर्क रहने, अंधविश्वास से दूर रहने तथा केवल वैज्ञानिक एवं चिकित्सकीय उपचार पर ही विश्वास करने की अपील की है, ताकि सर्पदंश से होने वाली मृत्यु एवं गंभीर स्वास्थ्य जोखिमों को प्रभावी रूप से रोका जा सके।

Comments

Popular posts from this blog

पालघर: बोईसर में दर्दनाक सड़क हादसा; स्कूटी सवार महिला की मौके पर मौत, टक्कर की परिस्थितियां अस्पष्ट।

पालघर: यू.एस.ओस्तवाल इंग्लिश अकादमी स्कूल में रोटरी क्लब ऑफ बोईसर तारापुर की नशामुक्ति जागरूकता पहल।

पालघर: चिन्मया विद्यालय कक्षा 10वीं में 100% परिणाम के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन।शारन्या माबियन ने 99.60% अंक लाकर किया कमाल, चिन्मया विद्यालय में बनीं टॉपर।