मुंबई: वॉकहार्ट हॉस्पिटल्स, रीढ़ की हड्डी और खोपड़ी में दुर्लभ ट्यूमर से जूझ रही महिला को मिला नया जीवन।

मुंबई: वॉकहार्ट हॉस्पिटल्स, रीढ़ की हड्डी और खोपड़ी में दुर्लभ ट्यूमर से जूझ रही महिला को मिला नया जीवन।

अखिलेश चौबे 
मुंबई। वॉकहार्ट हॉस्पिटल्स, मीरा रोड के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने अत्यंत दुर्लभ एवं जटिल मल्टीपल मायलोमा (रक्त कैंसर) से पीड़ित 64 वर्षीय महिला का सफलतापूर्वक उपचार कर चिकित्सा क्षेत्र में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। मरीज की रीढ़ की हड्डी पर ट्यूमर के कारण तेजी से लकवे की स्थिति विकसित हो रही थी, जबकि खोपड़ी में भी विशाल ट्यूमर मौजूद था। समय पर की गई सटीक जांच, आपातकालीन शल्य चिकित्सा तथा विभिन्न विशेषज्ञों की समन्वित चिकित्सा के परिणामस्वरूप मरीज कुछ ही दिनों में दोबारा चलने-फिरने में सक्षम हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला पिछले लगभग तीन माह से लगातार पीठ दर्द से पीड़ित थीं। प्रारंभ में उन्होंने इसे सामान्य समस्या समझकर अनदेखा कर दिया। समय बीतने के साथ उनके पैरों में कमजोरी बढ़ने लगी, चलने-फिरने में कठिनाई होने लगी तथा मल-मूत्र पर नियंत्रण भी समाप्त हो गया। गंभीर स्थिति उत्पन्न होने पर परिजन उन्हें वॉकहार्ट हॉस्पिटल्स, मीरा रोड लेकर पहुंचे।
अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने तत्काल एमआरआई एवं पीईटी-सीटी जांच कराई। जांच में रीढ़ की हड्डी और खोपड़ी में बड़े ट्यूमर के साथ शरीर की अनेक हड्डियों में भी बीमारी के फैलाव की पुष्टि हुई। मरीज की स्थिति को अत्यंत गंभीर मानते हुए तत्काल शल्य चिकित्सा का निर्णय लिया गया।
कंसल्टेंट स्पाइन सर्जन डॉ. मनोजकुमार गड्डिकेरी तथा कंसल्टेंट न्यूरोसर्जन डॉ. निमेष जैन ने संयुक्त रूप से जटिल शल्य चिकित्सा कर रीढ़ की हड्डी एवं मस्तिष्क पर पड़ रहे दबाव को सफलतापूर्वक दूर किया। इस उपचार के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार हुआ और कुछ ही दिनों में वह पुनः चलने-फिरने लगी।
डॉ. मनोजकुमार गड्डिकेरी ने बताया कि मरीज स्पाइनल कॉर्ड कंप्रेशन की अत्यंत गंभीर अवस्था में थीं, जो शल्य चिकित्सा की दृष्टि से आपातकालीन स्थिति मानी जाती है। उन्होंने कहा कि यदि लंबे समय तक पीठ दर्द के साथ पैरों में कमजोरी या सुन्नपन जैसे लक्षण दिखाई दें तो उन्हें सामान्य समस्या मानकर अनदेखा नहीं करना चाहिए। समय पर एमआरआई जांच और उचित शल्य चिकित्सा से स्थायी लकवे जैसी गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है।
वहीं डॉ. निमेष जैन ने बताया कि मल्टीपल मायलोमा के रोगियों में रीढ़ की हड्डी तथा खोपड़ी में एक साथ इतने बड़े ट्यूमर का पाया जाना अत्यंत दुर्लभ होता है। उन्होंने कहा कि दोनों जटिल समस्याओं का एक ही शल्य चिकित्सा के माध्यम से सफल उपचार उनकी मल्टीडिसिप्लिनरी विशेषज्ञ टीम के समन्वित प्रयासों का परिणाम है। मरीज की तेज़ रिकवरी चिकित्सा दल के लिए अत्यंत संतोषजनक रही।
चिकित्सकों के अनुसार यह मामला इस बात का महत्वपूर्ण उदाहरण है कि गंभीर बीमारियों की समय पर पहचान, आधुनिक इमेजिंग तकनीकों का उपयोग तथा विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों के समन्वित उपचार से अत्यंत जटिल रोगों का भी सफलतापूर्वक इलाज संभव है।
वॉकहार्ट हॉस्पिटल्स, मीरा रोड में आधुनिक स्पाइन सर्जरी, न्यूरोसर्जरी, ऑन्कोलॉजी तथा पुनर्वास चिकित्सा की उन्नत सुविधाएं उपलब्ध हैं। अस्पताल के विशेषज्ञ चिकित्सक आधुनिक तकनीकों और समन्वित उपचार पद्धति के माध्यम से जटिल रोगों से पीड़ित मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण जीवन प्रदान करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहे हैं।

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