पालघर: अतिवृष्टि प्रभावितों की सहायता के लिए पालघर जिला प्रशासन की युद्धस्तरीय कार्रवाई, सर्वेक्षण एवं आर्थिक सहायता वितरण में आई तेजी।
पालघर: अतिवृष्टि प्रभावितों की सहायता के लिए पालघर जिला प्रशासन की युद्धस्तरीय कार्रवाई, सर्वेक्षण एवं आर्थिक सहायता वितरण में आई तेजी।
अखिलेश चौबे
पालघर। जुलाई माह के प्रथम सप्ताह तथा 22 से 24 जुलाई 2026 के दौरान हुई लगातार मूसलाधार वर्षा से पालघर जिले के अनेक क्षेत्रों में बाढ़ जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो गई। इस प्राकृतिक आपदा के कारण हजारों घरों में पानी भर गया, पशुधन की हानि हुई तथा सार्वजनिक एवं निजी संपत्तियों को व्यापक नुकसान पहुंचा। इस स्थिति को देखते हुए पालघर की जिलाधिकारी डॉ. इंदू रानी जाखड़ के मार्गदर्शन में राजस्व विभाग सहित सभी संबंधित विभागों ने युद्धस्तर पर क्षति का सर्वेक्षण (पंचनामा) प्रारंभ कर दिया है तथा पात्र प्रभावितों को शासन के नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है।
प्रशासन द्वारा जारी प्रारंभिक आकलन के अनुसार जुलाई माह के प्रथम सप्ताह में हुई अतिवृष्टि से जिले में लगभग 170 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। विशेष रूप से पालघर शहर, पालघर पूर्व के गांव, केलवे, केलवे रोड, सफाले तथा अन्य निचले क्षेत्रों में बाढ़ का व्यापक प्रभाव देखने को मिला। हजारों परिवारों के घरों में पानी घुस जाने से घरेलू सामान, खाद्यान्न, पशुधन तथा कच्चे एवं पक्के मकानों को भारी क्षति पहुंची। इसके अतिरिक्त सार्वजनिक निर्माण विभाग, नगर विकास विभाग तथा ऊर्जा विभाग की परिसंपत्तियों को भी व्यापक नुकसान हुआ, जिनका सर्वेक्षण पूर्ण कर लिया गया है।
जुलाई के प्रथम सप्ताह में हुई अतिवृष्टि के दौरान 20 लोगों की मृत्यु के मामलों में जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पात्र आश्रितों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया प्रारंभ की। अब तक 12 पात्र आश्रितों को कुल 48 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की जा चुकी है। शेष मामलों में बैंक खाते, आवश्यक दस्तावेज, पहचान सत्यापन एवं पात्रता संबंधी औपचारिकताएं पूर्ण होते ही सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
इसी प्रकार घरों में पानी भरने से प्रभावित 15,472 पात्र परिवारों के मामलों में भी सहायता वितरण की प्रक्रिया तेज की गई है। अब तक 7,469 परिवारों को शासन के नियमानुसार 3 करोड़ 66 लाख 31 हजार 575 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। शेष पात्र परिवारों को आवश्यक दस्तावेज एवं बैंक विवरण प्राप्त होते ही सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। जिला प्रशासन का प्रयास है कि कोई भी पात्र लाभार्थी सरकारी सहायता से वंचित न रहे।
अतिवृष्टि के कारण मकानों को हुए नुकसान के मामलों में भी प्रशासन ने तेजी से कार्रवाई की है। पूर्ण रूप से ध्वस्त हुए 23 मकानों में से 3 मामलों में 2 लाख 23 हजार 650 रुपये, आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त 469 पक्के मकानों में से 319 मामलों में 19 लाख 27 हजार 370 रुपये तथा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त 69 कच्चे मकानों के सभी पात्र मामलों में 2 लाख 70 हजार 420 रुपये की सहायता वितरित की गई है। इसके अतिरिक्त 10 झोपड़ियों में से 9 मामलों में 64 हजार 610 रुपये तथा 4 गोशालाओं में से 3 मामलों में 9 हजार रुपये की सहायता प्रदान की गई है। इस प्रकार मकानों, झोपड़ियों एवं गोशालाओं की क्षति के मामलों में अब तक कुल 24 लाख 95 हजार 50 रुपये की सहायता वितरित की जा चुकी है।
पशुधन की क्षति के मामलों में भी जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सहायता वितरण प्रारंभ कर दिया है। बड़े दुधारू पशुओं के 13 मामलों में से 6 पात्र मामलों में 2 लाख 25 हजार रुपये, छोटे दुधारू पशुओं के 23 मामलों में से 10 मामलों में 40 हजार रुपये तथा हल चलाने वाले बड़े पशुओं के 6 मामलों में से 2 मामलों में 57 हजार रुपये की सहायता वितरित की गई है। इस प्रकार पशुधन क्षति के मामलों में अब तक कुल 3 लाख 22 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा चुकी है। शेष मामलों में पशु चिकित्सा प्रमाण-पत्र एवं अन्य आवश्यक दस्तावेज प्राप्त होने के बाद सहायता राशि वितरित की जाएगी।
सार्वजनिक अवसंरचना को हुए नुकसान का भी व्यापक आकलन किया गया है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधीन आने वाली सड़कों, पुलों एवं अन्य आधारभूत संरचनाओं को लगभग 148 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। संबंधित विभागों द्वारा सर्वेक्षण पूर्ण कर लिया गया है तथा यातायात सामान्य बनाए रखने के लिए मरम्मत एवं पुनर्निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है।
वहीं 22 से 24 जुलाई 2026 के बीच हुई दूसरी अतिवृष्टि से विशेष रूप से तलासरी, डहाणू और पालघर तहसील बुरी तरह प्रभावित हुईं। इस अवधि में 7,503 घरों में पानी घुसने की घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें से 3,450 मामलों का सर्वेक्षण पूरा हो चुका है। शेष मामलों में राजस्व विभाग प्राथमिकता के आधार पर सर्वेक्षण कार्य कर रहा है।
इसी अवधि में मकानों की क्षति के 690 मामले सामने आए, जिनमें 306 कच्चे मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त, 354 पक्के मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त, 14 कच्चे मकान पूर्ण रूप से ध्वस्त, 1 पक्का मकान पूर्ण रूप से ध्वस्त, 5 गोशालाएं तथा 10 झोपड़ियां क्षतिग्रस्त हुईं। इनमें से 26 मामलों का सर्वेक्षण पूरा कर लिया गया है, जबकि शेष मामलों में कार्रवाई जारी है।
इस अवधि में 3 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई है, जिनसे संबंधित आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा 1 बड़ा पशु, 3 छोटे दुधारू पशु तथा 500 मुर्गियों सहित कुल 504 पशुधन क्षति के मामले सामने आए हैं। इन सभी मामलों का सर्वेक्षण कर पात्र लाभार्थियों को शासन के नियमानुसार सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया जारी है।
बाढ़ से प्रभावित डहाणू, तलासरी और पालघर क्षेत्रों के अनेक परिवारों के घरों में पानी भर जाने से उनका सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है। ऐसे प्रभावित परिवारों को खाद्यान्न, आवश्यक घरेलू सामग्री, चादरें, सतरंजियां, वस्त्र एवं अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन के साथ विभिन्न औद्योगिक समूहों एवं सामाजिक संस्थाओं ने भी सक्रिय सहयोग किया है और राहत कार्य निरंतर जारी है।
जिलाधिकारी डॉ. इंदू रानी जाखड़ ने कहा कि जुलाई माह के प्रथम सप्ताह तथा 22 से 24 जुलाई के दौरान अतिवृष्टि से प्रभावित सभी मामलों में राजस्व विभाग की टीमें 24 घंटे कार्यरत हैं। सभी पात्र लाभार्थियों के सर्वेक्षण शीघ्र पूर्ण कर शासन के नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कर रहा है कि कोई भी पात्र प्रभावित परिवार सरकारी सहायता से वंचित न रहे।
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