पालघर: जिले के खिलाड़ियों को हरसंभव प्रोत्साहन मिलेगा: जिलाधिकारी डॉ. इंदूराणी जाखड़।

पालघर: जिले के खिलाड़ियों को हरसंभव प्रोत्साहन मिलेगा: जिलाधिकारी डॉ. इंदूराणी जाखड़।

अखिलेश चौबे
पालघर। जिले के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए हरसंभव प्रोत्साहन एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। खिलाड़ियों को अपने लक्ष्य पर पूरी तरह केंद्रित रहना चाहिए, क्योंकि सफलता प्राप्त करने के लिए उन्हें और उनके परिवारों को अनेक त्याग और संघर्ष करने पड़ते हैं। यह बात पालघर की जिलाधिकारी एवं जिला क्रीड़ा परिषद की अध्यक्ष डॉ. इंदूराणी जाखड़ ने जिला परिषद सभागार में आयोजित जिले के क्रीड़ा शिक्षकों की कार्यशाला एवं बैठक को संबोधित करते हुए कही।
जिला क्रीड़ा अधिकारी कार्यालय द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में सांसद डॉ. हेमंत सवरा, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे, माध्यमिक शिक्षा अधिकारी अशोक पाटील, जिला क्रीड़ा अधिकारी सुहास वनमाने, अंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी गिरीश इर्नाक, जेएसडब्ल्यू सीएसआर प्रमुख सुधीर तेलंग तथा विजयराज सुहास देशपांडे सहित अनेक अधिकारी एवं खेल क्षेत्र से जुड़े गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी डॉ. इंदूराणी जाखड़ ने कहा कि खिलाड़ियों के साथ-साथ उनके परिवारों को भी अनेक कठिनाइयों और त्याग का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जिले की आश्रम शालाओं, सरकारी विद्यालयों और निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों की खेलों में समान भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि जिले में प्रस्तावित क्रीड़ा संकुल को शीघ्र शुरू करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष पालघर जिले के 69 हजार विद्यार्थियों ने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में भाग लिया, जो पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि जिले में आयोजित होने वाली सभी खेल प्रतियोगिताएं पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न कराई जाएं।
इस अवसर पर सांसद डॉ. हेमंत सवरा ने कहा कि आज पालघर जिले ने खेलों के क्षेत्र में जो उपलब्धियां हासिल की हैं, उनका सबसे बड़ा श्रेय क्रीड़ा शिक्षकों की मेहनत और समर्पण को जाता है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 983 खिलाड़ियों ने राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया, जिनमें से 47 पदक पालघर जिले के खिलाड़ियों ने अपने नाम किए। इसके अलावा जिले के खिलाड़ियों ने विश्व योग प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक जीतकर पालघर का नाम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि भविष्य में जिले में पेशेवर खेल संस्कृति और अधिक विकसित होगी।
जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे ने कहा कि पिछले वर्ष जिले की लगभग 700 से 750 विद्यालयों ने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में भाग लिया था। उन्होंने बताया कि जिले में जिला परिषद की लगभग 3,300 विद्यालयें हैं और इस वर्ष कम से कम 700 से 800 विद्यालयों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस वर्ष जिले में खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विद्यालयों की संख्या बढ़कर 1,500 तक पहुंचेगी।
कार्यक्रम के दौरान विश्व योग प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक विजेता विधीश राऊत तथा राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतने वाली तनुशी गडग और भावना मीना का सम्मान भी किया गया।
कार्यक्रम का सफल संचालन किरण थोरात ने किया। अंत में जिले में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने, खेल सुविधाओं का विस्तार करने और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प व्यक्त किया गया।

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