पालघर: रेड अलर्ट के बीच पालघर प्रशासन हाई अलर्ट पर: जिलाधिकारी डॉ. इंदू राणी जाखड़ ने सभी विभागों को दिए कड़े निर्देश।
पालघर: रेड अलर्ट के बीच पालघर प्रशासन हाई अलर्ट पर: जिलाधिकारी डॉ. इंदू राणी जाखड़ ने सभी विभागों को दिए कड़े निर्देश।
अखिलेश चौबे
पालघर। जिले में जारी रेड अलर्ट और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश को देखते हुए पालघर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। संभावित आपदा की स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने, आवश्यक सेवाओं को निर्बाध बनाए रखने तथा राहत एवं बचाव कार्यों में बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष डॉ. इंदू राणी जाखड़ की अध्यक्षता में सभी प्रमुख विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिला परिषद, महावितरण, सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), जलापूर्ति विभाग, स्वास्थ्य विभाग, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग, पशुसंवर्धन विभाग, शिक्षा विभाग, राजस्व विभाग सहित विभिन्न संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान सभी विभागों की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने तथा नागरिकों को सभी आवश्यक सार्वजनिक सेवाएं बिना किसी बाधा के उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में जिले में निर्बाध विद्युत आपूर्ति बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। महावितरण को निर्देश दिए गए कि किसी भी उपकेंद्र में तकनीकी खराबी होने पर तत्काल मरम्मत की जाए तथा अस्पतालों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी), राहत शिविरों और अन्य महत्वपूर्ण संस्थानों में प्राथमिकता के आधार पर बिजली आपूर्ति बहाल की जाए। साथ ही स्थानीय स्तर पर त्वरित प्रतिक्रिया दल (रैपिड रिस्पांस टीम) सक्रिय रखने तथा मरम्मत कार्यों की नियमित जानकारी जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। मोबाइल संचार सेवाएं बाधित न हों, इसके लिए दूरसंचार टावरों की विद्युत आपूर्ति पर भी विशेष निगरानी रखने को कहा गया।
सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) तथा जिला परिषद को निर्देशित किया गया कि वर्षा से क्षतिग्रस्त सड़कों की तत्काल मरम्मत की जाए, जलभराव वाले मार्गों से पानी निकाला जाए तथा गिरे हुए पेड़ों एवं अन्य अवरोधों को हटाकर यातायात शीघ्र सामान्य किया जाए। साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) तथा मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना (सीएमजीएसवाई) के अंतर्गत चल रहे सड़क मरम्मत कार्यों की नियमित निगरानी करने के भी निर्देश दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग को संभावित महामारी और जलजनित तथा मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए पूरी तैयारी रखने को कहा गया है। सभी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में महामारी नियंत्रण किट, आवश्यक दवाएं, कीटनाशक, टीके एवं स्वच्छता सामग्री का पर्याप्त भंडार उपलब्ध रखा गया है। इसके अलावा ग्रामीण अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा बारिश के बाद पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने जानकारी दी कि जिले में आवश्यक खाद्यान्न का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। प्रशासन ने प्रभावित परिवारों तक समय पर राशन एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश जारी किए हैं।
पालघर नगर परिषद तथा डहाणू नगर परिषद सहित सभी शहरी स्थानीय निकायों को वर्षा जल निकासी नालों की तत्काल सफाई करने, अवरोध हटाने तथा शहरी क्षेत्रों में जलभराव की समस्या कम करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी तहसीलदारों एवं उपविभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि क्षतिग्रस्त मकानों, कृषि फसलों तथा अन्य संपत्तियों का पंचनामा निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि प्रभावित लोगों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराई जा सके। वहीं पशुसंवर्धन विभाग को पशुधन की क्षति का विस्तृत आकलन करने तथा मछुआरों को राहत देने के उद्देश्य से क्षतिग्रस्त नौकाओं का भी सर्वेक्षण करने के निर्देश दिए गए।
स्थानीय प्रशासन की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सभी ग्राम पंचायतों को खंड विकास अधिकारियों एवं तहसीलदारों के मार्गदर्शन में सक्रिय रहकर स्थानीय समस्याओं का तत्काल समाधान करने तथा आपदा प्रबंधन कार्यों में प्रशासन का सहयोग करने के निर्देश दिए गए। शिक्षा विभाग को भी निर्देशित किया गया कि आवश्यकता पड़ने पर आपातकालीन सहायता के लिए शिक्षक अपने-अपने विद्यालयों में उपलब्ध रहें।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिला आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष 24 घंटे सक्रिय रहेगा। अधिकारियों को सभी राहत एवं बचाव केंद्रों की निरंतर निगरानी रखने, वहां भोजन, पेयजल और स्वच्छता जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने तथा सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए नागरिकों की नियमित स्वास्थ्य जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। पुनर्वास अथवा सुरक्षित घर वापसी तक प्रभावित परिवारों की हर आवश्यक सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी डॉ. इंदू राणी जाखड़ ने सभी विभागों को नियमित प्रगति रिपोर्ट जिला आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष को उपलब्ध कराने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखते हुए आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
नागरिकों से अपील करते हुए डॉ. इंदू राणी जाखड़ ने कहा कि जिला प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे सतर्क रहें, अनावश्यक यात्रा से बचें, केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं का पालन करें तथा आपदा प्रबंधन कार्यों में प्रशासन का पूरा सहयोग करें। उन्होंने कहा कि जिले के प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी आवश्यक सेवाओं को हर परिस्थिति में सुचारु बनाए रखने के लिए युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है।
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