पालघर: बाढ़ प्रभावितों को राहत वितरण तेज, मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता, 19 हजार से अधिक घरों का सर्वे पूरा।
पालघर: बाढ़ प्रभावितों को राहत वितरण तेज, मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता, 19 हजार से अधिक घरों का सर्वे पूरा।
अखिलेश चौबे
पालघर। जुलाई माह के प्रथम सप्ताह में हुई अतिवृष्टि से पालघर जिले में आई बाढ़ के बाद राहत एवं पुनर्वास कार्य युद्धस्तर पर जारी है। पालकमंत्री गणेश नाईक के मार्गदर्शन तथा जिला कलेक्टर डॉ. इंदू रानी जाखड़ के नेतृत्व में जिला प्रशासन प्रभावित परिवारों को शासन की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज गति से चला रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कोई भी पात्र लाभार्थी सरकारी सहायता से वंचित नहीं रहेगा।
जिला प्रशासन के अनुसार, बाढ़ का पानी उतरने के बाद राजस्व, आपदा प्रबंधन, कृषि, पशुपालन, सार्वजनिक निर्माण विभाग, महावितरण तथा अन्य संबंधित विभागों के समन्वय से नुकसान का सर्वेक्षण और पंचनामा तेजी से पूरा किया गया। जिन लाभार्थियों के पंचनामे पूर्ण हो चुके हैं, उन्हें शासन के निर्धारित नियमों के अनुसार चरणबद्ध तरीके से आर्थिक सहायता वितरित की जा रही है।
अतिवृष्टि से जिले में 20 लोगों की मृत्यु हुई। इनमें से 13 मामलों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त हो चुकी है। इन 13 मामलों में 12 मृतकों के परिवार शासन की आर्थिक सहायता के पात्र पाए गए हैं। प्रत्येक पात्र परिवार को 4 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की गई है। अब तक 8 परिवारों को कुल 32 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जा चुकी है, जबकि शेष पात्र परिवारों को भी नियमानुसार सहायता देने की प्रक्रिया जारी है।
प्रशासन के अनुसार, आपदा में 44 मकान पूर्ण रूप से ध्वस्त, 421 मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त, 126 कच्चे मकानों, 10 झोपड़ियों तथा 3 पशुशालाओं के नुकसान का पंचनामा पूरा किया गया है। इसके अतिरिक्त 7 बड़े दुधारू पशु, 23 छोटे दुधारू पशु तथा 6 कार्यशील बड़े पशुओं की क्षति भी दर्ज की गई है। सभी पात्र लाभार्थियों को शासन के नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
बाढ़ के कारण 19,026 घरों में पानी प्रवेश करने के मामलों का सर्वेक्षण भी पूरा कर लिया गया है। पात्र परिवारों को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया लगातार जारी है। साथ ही सार्वजनिक सड़कों, पुलों, बिजली व्यवस्था तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं की मरम्मत का कार्य भी संबंधित विभागों द्वारा प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है, ताकि जनजीवन शीघ्र सामान्य हो सके।
जिला कलेक्टर डॉ. इंदू रानी जाखड़ ने बताया कि सभी उपविभागीय अधिकारियों, तहसीलदारों तथा संबंधित विभागों को राहत वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि शासन की सहायता प्रत्येक पात्र बाढ़ प्रभावित तक पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंचाना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह सर्वेक्षण और सहायता जुलाई माह के प्रारंभ में हुई अतिवृष्टि से हुए नुकसान से संबंधित है। वहीं 23 जुलाई को हुई नई अतिवृष्टि से प्रभावित क्षेत्रों में भी पंचनामा शुरू कर दिया गया है तथा जहां अभी पानी भरा हुआ है, वहां जलस्तर कम होते ही सर्वेक्षण कर राहत प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
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