पालघर। जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने किया दौरा, राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा; 1,200 नागरिकों का सुरक्षित स्थानों पर कराया गया विस्थापन।
पालघर। जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने किया दौरा, राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा; 1,200 नागरिकों का सुरक्षित स्थानों पर कराया गया विस्थापन।
अखिलेश चौबे
पालघर। भारतीय मौसम विभाग द्वारा पालघर जिले में अत्यधिक वर्षा की चेतावनी जारी किए जाने के बाद महाराष्ट्र के आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने सोमवार को पालघर जिले का दौरा कर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का विस्तृत जायजा लिया। लगातार हो रही मूसलाधार वर्षा के कारण जिले के अनेक गांव जलमग्न हो गए हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है तथा कई स्थानों पर यातायात भी बाधित हुआ है। इस गंभीर परिस्थिति के मद्देनज़र मंत्री ने प्रशासन द्वारा संचालित राहत एवं बचाव कार्यों का स्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया और अधिकारियों को नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
दौरे के दौरान मंत्री गिरीश महाजन ने जव्हार, मनोर तथा जिले के अन्य बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने पालघर–जव्हार मार्ग पर विक्रमगढ़ तहसील के पाचमाड़ नाले पर बने उड़ान पुल का भी निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों से वर्तमान स्थिति और राहत कार्यों की जानकारी प्राप्त की।
इस अवसर पर पालघर के सांसद डॉ. हेमंत सवरा, जिला कलेक्टर डॉ. इंदु रानी जाखड़, जिला पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख, जव्हार की प्रांताधिकारी अपूर्वा बासुरे, सहायक जिला अधिकारी अमोल पी., जलसंपदा विभाग की अभियंता वैशाली नारकर, वाडा के प्रांताधिकारी संदीप चव्हाण सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान जिला कलेक्टर डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि अब तक जिले के विभिन्न बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से लगभग 1,200 नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जा चुका है। सभी विस्थापित परिवारों के लिए अस्थायी राहत शिविरों में रहने की व्यवस्था की गई है, जहां उन्हें भोजन, स्वच्छ पेयजल तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जिले में वर्षा से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में अब तक 10 लोगों की दुखद मृत्यु हो चुकी है।
आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्थिति में जनहानि नहीं होनी चाहिए और बाढ़ प्रभावित प्रत्येक व्यक्ति को समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। साथ ही राहत एवं बचाव अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए।
मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि पालघर जिले में बार-बार उत्पन्न होने वाली बाढ़ की समस्या के स्थायी समाधान के लिए आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से किसी प्रतिष्ठित संस्था द्वारा वैज्ञानिक अध्ययन कराया जाएगा। अध्ययन रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार दीर्घकालिक एवं प्रभावी उपाय लागू करेगी, जिससे भविष्य में बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
दौरे के दौरान मंत्री ने माहीम–केळवा (झांझरोली) बांध का भी निरीक्षण किया। लगातार हुई भारी वर्षा के कारण बांध के मिट्टी वाले तटबंध की पत्थरयुक्त सुरक्षा परत (पिचिंग) के क्षतिग्रस्त होने के बाद जलसंपदा विभाग द्वारा किए गए सुरक्षा एवं मरम्मत कार्यों की उन्होंने समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक स्थायी एवं तकनीकी उपाय तत्काल सुनिश्चित किए जाएं।
इसके बाद मंत्री गिरीश महाजन ने मात्रेवाड़ी तथा केळवा–माहीम बांध के समीप स्थित गांवों का दौरा कर स्थानीय ग्रामीणों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों की मांग पर दो बस्तियों को जोड़ने वाले पुल के निर्माण हेतु जिला कलेक्टर को शीघ्र प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजने के निर्देश भी उन्होंने दिए।
मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि राज्य सरकार बाढ़ प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा, राहत और पुनर्वास के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रही है। प्रशासन चौबीसों घंटे स्थिति पर नजर बनाए हुए है तथा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी संबंधित विभागों को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने नागरिकों से भी प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने, अनावश्यक रूप से जलभराव वाले क्षेत्रों में न जाने तथा किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन को सहयोग करने की अपील की।
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