पालघर: बोईसर में करोड़ों के संदिग्ध बैंक लेन-देन का मामला, कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी।HACE Welfare Foundation ने मनोर पुलिस स्टेशन को दिया अल्टीमेटम, आदिवासी युवती के खाते से 2 करोड़ से अधिक के लेन-देन पर उठे सवाल।
पालघर: बोईसर में करोड़ों के संदिग्ध बैंक लेन-देन का मामला, कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी।
HACE Welfare Foundation ने मनोर पुलिस स्टेशन को दिया अल्टीमेटम, आदिवासी युवती के खाते से 2 करोड़ से अधिक के लेन-देन पर उठे सवाल।
अखिलेश चौबे
पालघर। जिले के बोईसर क्षेत्र में एक बड़े आर्थिक घोटाले की आशंका ने तूल पकड़ लिया है। HACE Welfare Foundation के जिला अध्यक्ष अमर रविंद्र सावंत द्वारा मनोर पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई गई शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने पर संगठन ने आंदोलन की चेतावनी दी है।
शिकायत के अनुसार, रोशनी संतोष वावरे नाम की 21 वर्षीय युवती के बैंक खाते के माध्यम से करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन किए गए हैं। यह खाता Canara Bank की स्पेशलाइज्ड SME ब्रांच, बोईसर में संचालित बताया गया है।
▪️करोड़ों के लेन-देन पर उठे सवाल:-
दस्तावेजों के अनुसार, 30 सितंबर 2024 से 3 अप्रैल 2026 के बीच संबंधित खाते में RTGS, NEFT, चेक डिपॉजिट और फंड ट्रांसफर के जरिए भारी रकम का लेन-देन हुआ। कुल राशि लगभग 2 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है।
इन लेन-देन में जिन नामों का उल्लेख सामने आया है, उनमें शामिल हैं:-
• Dharamveer Raju Dhum – लगभग ₹72,04,375
• Manish Labhubhai Sutariya – लगभग ₹69,04,375
• Pradesh Parashuram Valvi – लगभग ₹33,00,000
• Kotak Mahindra Bank Clearing – ₹30,95,625 और ₹40,85,750
• Niyati Enterprises – फंड ट्रांसफर
इन ट्रांजैक्शनों को लेकर यह आशंका जताई जा रही है कि कहीं यह मनी लॉन्ड्रिंग, कर चोरी या किसी संगठित आर्थिक अपराध का हिस्सा तो नहीं है।
▪️पीड़िता का दावा:- बिना जानकारी के हुआ खाते का इस्तेमाल:-
रोशनी संतोष वावरे ने अपने आवेदन में कहा है कि उसके नाम और बैंक खाते का इस्तेमाल कुछ लोगों द्वारा बिना उसकी जानकारी के किया गया। इस कारण उसे मानसिक, सामाजिक और आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
उसने HES Welfare Foundation से कानूनी सहायता, पुलिस और सरकारी दफ्तरों में सहयोग, तथा सामाजिक समर्थन की मांग की है।
▪️प्रशासन पर लापरवाही का आरोप:-
अमर रविंद्र सावंत का कहना है कि 16 मई 2026 को आर्थिक गैरव्यवहार और संदिग्ध बैंक लेन-देन को लेकर लिखित शिकायत दी गई थी, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। इससे स्थानीय नागरिकों में नाराजगी बढ़ रही है।
▪️10 दिन का अल्टीमेटम, फिर होगा आंदोलन:-
HACE Welfare Foundation ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर उचित जांच और कार्रवाई नहीं की गई, तो मनोर पुलिस स्टेशन के सामने लोकतांत्रिक तरीके से बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
इसके बाद भी न्याय नहीं मिलने पर पुलिस अधीक्षक कार्यालय और जिला अधिकारी कार्यालय, पालघर में चरणबद्ध आंदोलन और ज्ञापन दिए जाएंगे।
▪️जांच की मुख्य मांगें:-
1.शिकायत में निम्न बिंदुओं पर जांच की मांग की गई है:
2.लेन-देन के वास्तविक स्रोत की पहचान
3.सेविंग खाते का व्यावसायिक उपयोग क्यों किया गया
4.मनी लॉन्ड्रिंग या कर चोरी की संभावना
5.RBI और AML नियमों का पालन हुआ या नहीं
6.Suspicious Transaction Report (STR) भेजी गई या नहीं
▪️अब निगाहें प्रशासन पर:-
पूरा मामला आर्थिक अपराध शाखा (EOW), आयकर विभाग और रिजर्व बैंक तक भेजा गया है। ऐसे में अब यह देखना अहम होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और पीड़ित को न्याय मिल पाता है या नहीं।
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