पालघर: बहाडोली में जामुन प्रसंस्करण उद्योग परियोजना को मंजूरी, किसानों के आर्थिक विकास को मिलेगी नई दिशा।गणेश नाईक के प्रयासों से मंजूर हुआ प्रोजेक्ट, जामुन उत्पादकों को मिलेगा स्थिर बाजार और युवाओं को रोजगार।
पालघर: बहाडोली में जामुन प्रसंस्करण उद्योग परियोजना को मंजूरी, किसानों के आर्थिक विकास को मिलेगी नई दिशा।
गणेश नाईक के प्रयासों से मंजूर हुआ प्रोजेक्ट, जामुन उत्पादकों को मिलेगा स्थिर बाजार और युवाओं को रोजगार।
अखिलेश चौबे
पालघर। जिले के बहाडोली गांव में जामुन उत्पादक किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल के तहत “बहाडोली जामुन प्रसंस्करण उद्योग” परियोजना को मंजूरी दी गई है। यह परियोजना महाराष्ट्र राज्य के वनमंत्री तथा पालघर जिले के पालकमंत्री गणेश नाईक के विशेष प्रयासों से वन विभाग के माध्यम से स्वीकृत की गई है।
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य जामुन उत्पादक किसानों को स्थिर बाजार उपलब्ध कराना और गांव के आर्थिक विकास को गति देना है।
बहाडोली ग्राम पंचायत कार्यालय में आयोजित ग्रामसभा में पालघर वनपरिक्षेत्र अधिकारी (प्रादेशिक) सुशील नांदवटे, संबंधित वनपाल, वनरक्षक, सरपंच, उपसरपंच, ग्राम पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत सचिव तथा बड़ी संख्या में ग्रामस्थ उपस्थित रहे। हालांकि आवश्यक कोरम पूरा न होने के कारण ग्रामसभा स्थगित करनी पड़ी, लेकिन इस दौरान सुशील नांदवटे ने उपस्थित ग्रामीणों को परियोजना की विस्तृत जानकारी दी।
बताया गया कि बहाडोली गांव के लगभग 60 से 70 प्रतिशत किसान जामुन उत्पादन से जुड़े हैं, जो गांव की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। हालांकि जामुन सीजन की शुरुआत में किसानों को अच्छा मूल्य मिलता है, लेकिन सीजन के अंत में कीमतों में गिरावट, प्राकृतिक आपदाओं और मांग-आपूर्ति असंतुलन के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ता है।
इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए जामुन फलों का मूल्यवर्धन कर किसानों को स्थायी आय का स्रोत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस परियोजना को लागू किया जा रहा है। परियोजना के तहत किसानों से जामुन की सीधे खरीद की जाएगी, जिसमें पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी और समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।
इसके अलावा, उद्योग की स्थापना और संचालन के दौरान स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे, जिससे ग्रामीण क्षेत्र में बेरोजगारी कम होने की संभावना है।
परियोजना के अंतर्गत जामुन प्रसंस्करण, ग्रेडिंग, उत्पाद निर्माण, पैकेजिंग और भंडारण के लिए अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह उद्योग लगभग 6000 से 8000 वर्ग फुट क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा। साथ ही विशेषज्ञों, तकनीशियनों और कुशल श्रमिकों की नियुक्ति की जाएगी, जिनका मानधन कंपनी द्वारा दिया जाएगा।
उद्योग का संचालन प्रारंभिक पांच वर्षों तक अनुभवी संस्था द्वारा किया जाएगा। इसमें फूड लाइसेंस, प्रिजर्वेटिव्स, कंपनी एक्ट, श्रम कानून, विपणन, अंतरराष्ट्रीय बाजार और अन्य तकनीकी एवं कानूनी पहलुओं का पालन किया जाएगा। उद्योग स्थिर होने के बाद संयुक्त वन प्रबंधन समिति (JFMC) के सक्षम होने पर संचालन हस्तांतरण पर निर्णय लिया जाएगा।
परियोजना के संचालन की निगरानी के लिए ग्रामसभा के माध्यम से एक समन्वय एवं निगरानी समिति गठित की जाएगी। उद्योग की मासिक प्रगति और वित्तीय विवरण JFMC समिति को प्रस्तुत किए जाएंगे तथा वार्षिक रिपोर्ट ग्रामसभा में रखी जाएगी।
हर वित्तीय वर्ष के अंत में उद्योग का लेखा-जोखा तैयार कर लाभ का नियमानुसार वितरण किया जाएगा। JFMC को प्राप्त हिस्सा गांव के विकास कार्यों में उपयोग किया जाएगा।
इस परियोजना से बहाडोली गांव के जामुन उत्पादक किसानों को स्थिर बाजार, स्थानीय युवाओं को रोजगार और गांव के समग्र आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई गई है।
इस दौरान राहुल पाटील ने ग्राम पंचायत बहाडोली की ओर से सुशील नांदवटे, उपस्थित वनपाल, वनरक्षक और वन विभाग के सभी कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया और परियोजना को सफल बनाने के लिए ग्राम पंचायत की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
सुशील नांदवटे ने कहा कि यह परियोजना जामुन उत्पादक किसानों के लिए नई संभावनाएं लेकर आएगी और इसे राज्य के एक आदर्श ग्रामीण मूल्यवर्धन उद्योग के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है।
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