पालघर: वाढवण बंदर प्रकल्प; मुआवजा वितरण अब यूनियन बैंक से, पारदर्शिता पर जोर।

पालघर: वाढवण बंदर प्रकल्प; मुआवजा वितरण अब यूनियन बैंक से, पारदर्शिता पर जोर।

अखिलेश चौबे
पालघर। परियोजना प्रभावित लाभार्थियों को मुआवजा वितरण की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और विश्वसनीय बनाने के उद्देश्य से पालघर जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रशासन ने वाढवण बंदर परियोजना के अंतर्गत दहाणू सक्षम प्राधिकरण (CALA) के भूसंपादन मुआवजा खाते का संचालन अब अग्रणी सार्वजनिक क्षेत्र की बैंक यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के माध्यम से करने का निर्णय लिया है।
इस परिवर्तन के लिए आवश्यक सभी प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूर्ण कर ली गई हैं। वर्तमान में विद्यमान निजी क्षेत्र की बैंक से निधि हस्तांतरण की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। इसके साथ ही पालघर CALA के मुआवजा खाते को यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया भी प्रगति पर है, जिसे शीघ्र ही पूर्ण कर लिया जाएगा।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भूसंपादन मुआवजा वितरण की प्रक्रिया पूर्व में भी और भविष्य में भी विधि में निर्धारित प्रावधानों के अनुसार तथा सक्षम प्राधिकरण की निगरानी में ही संचालित की जा रही है। पूर्व में लागू बैंकिंग व्यवस्था उस समय की प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप की गई थी।
हालांकि, लाभार्थियों को अधिक बेहतर सेवा, सुविधा और सरलता प्रदान करने तथा मुआवजा वितरण प्रक्रिया पर जनविश्वास को और सुदृढ़ करने के उद्देश्य से वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा की गई। इस दौरान लाभार्थियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श भी किया गया। समीक्षा के उपरांत यह निर्णय लिया गया कि मुआवजा वितरण की प्रक्रिया सार्वजनिक क्षेत्र की बैंक के माध्यम से संचालित की जाए।
इस निर्णय से न केवल पारदर्शिता को मजबूती मिलेगी, बल्कि लाभार्थियों को बैंकिंग सेवाएं अधिक सुगमता से उपलब्ध होंगी। राष्ट्रीयकृत बैंक के विस्तृत नेटवर्क के कारण नागरिकों का विश्वास भी और अधिक सुदृढ़ होने की अपेक्षा है।
यूनियन बैंक ऑफ इंडिया को बड़े आधारभूत संरचना परियोजनाओं से संबंधित भूसंपादन मुआवजा खातों के संचालन का व्यापक अनुभव प्राप्त है। मुंबई-अहमदाबाद उच्चगति रेल (बुलेट ट्रेन) परियोजना के अंतर्गत भी बैंक ने मुआवजा वितरण प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संभाला है। परियोजना प्रभावित लाभार्थियों की सुविधा के लिए यूनियन बैंक की कई शाखाएं परियोजना क्षेत्र के गांवों एवं आसपास के क्षेत्रों में कार्यरत हैं तथा अतिरिक्त बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना भी तैयार की जा रही है।
मुआवजा वितरण प्रक्रिया के दौरान प्रत्येक लाभार्थी को आवश्यक सहयोग सुनिश्चित करने हेतु जिला प्रशासन द्वारा निर्देश जारी किए गए हैं। इसके अंतर्गत बैंक के माध्यम से परियोजना प्रभावित गांवों में विशेष जनजागरूकता एवं मार्गदर्शन अभियान चलाए जाएंगे, जिससे लाभार्थियों को बैंकिंग प्रक्रियाओं, आवश्यक दस्तावेजों एवं लेन-देन संबंधी जानकारी प्रदान की जा सके।
वाढवण बंदर परियोजना देश की महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई गति मिलने की संभावना है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि परियोजना प्रभावित लाभार्थियों को उनका वैधानिक मुआवजा समयबद्ध, पारदर्शी और बिना किसी बाधा के प्रदान करने के लिए वह पूर्णतः प्रतिबद्ध है।
इसी बीच जिला प्रशासन के संज्ञान में यह बात आई है कि मुआवजा वितरण और भूसंपादन प्रक्रिया को लेकर कुछ अनधिकृत व्यक्तियों द्वारा भ्रामक जानकारी और अफवाहें फैलाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसी अफवाहों, सोशल मीडिया पर प्रसारित अप्रमाणित संदेशों, एजेंटों, दलालों या मुआवजा दिलाने के नाम पर प्रभाव का दावा करने वाले किसी भी अनधिकृत व्यक्ति पर विश्वास न करें।
लाभार्थियों को केवल जिला प्रशासन, भूसंपादन कार्यालय तथा अधिकृत बैंक प्रतिनिधियों द्वारा जारी की गई जानकारी को ही प्रमाणिक मानने की सलाह दी गई है। यदि कोई व्यक्ति मुआवजा दिलाने के नाम पर किसी प्रकार की राशि, कमीशन या अन्य मांग करता है, तो उसकी सूचना तत्काल संबंधित प्रशासन को देने का आह्वान किया गया है।



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