पालघर: आदिवासी विद्यार्थियों को वितरित की गई शैक्षणिक सामग्री, 63 बच्चों को मिला स्कूल किट।
पालघर: आदिवासी विद्यार्थियों को वितरित की गई शैक्षणिक सामग्री, 63 बच्चों को मिला स्कूल किट।
अखिलेश चौबे
पालघर। आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करने और उनकी मूलभूत शैक्षणिक आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री सहायता निधि एवं धर्मादाय रुग्णालय सहायता कक्ष, पालघर तथा सर्वजीवन सेवा फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में शैक्षणिक सामग्री वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम डहाणू तहसील के दाभले गांव स्थित खड़खड़ापाड़ा आंगनवाड़ी केंद्र में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र के 63 आदिवासी विद्यार्थियों को स्कूल किट वितरित किए गए। इन किटों में विद्यार्थियों के दैनिक अध्ययन के लिए आवश्यक शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई गई। आयोजकों ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं आदिवासी परिवारों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ना, उन्हें नियमित रूप से विद्यालय जाने के लिए प्रेरित करना तथा उनके शैक्षणिक विकास को प्रोत्साहित करना है।
कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की भी सक्रिय भागीदारी रही। इस अवसर पर ग्राम पंचायत सदस्य सरिता चिपात, आंगनवाड़ी सेविका प्रमिला कोरे, पूर्व सरपंच दिनेश कोरे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं अभिभावक उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए शिक्षा को जीवन में आगे बढ़ने का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
आयोजकों ने कहा कि ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए केवल विद्यालयों की भूमिका ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज, स्वयंसेवी संस्थाओं और प्रशासन के संयुक्त प्रयास भी आवश्यक हैं। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जरूरतमंद विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराई गई है, ताकि आर्थिक अभाव उनकी पढ़ाई में बाधा न बने।
कार्यक्रम के सफल आयोजन पर मुख्यमंत्री सहायता निधि एवं धर्मादाय रुग्णालय सहायता कक्ष, पालघर के चिकित्सा अधिकारी डॉ. कृपेश बाबरेकर ने सहयोग करने वाले सभी जनप्रतिनिधियों, ग्रामवासियों, स्वयंसेवकों तथा सर्वजीवन सेवा फाउंडेशन के कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार के जनकल्याणकारी एवं शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन कर अधिक से अधिक जरूरतमंद विद्यार्थियों तक सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
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