मुंबई: विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026: भारत में कैंसर के बढ़ते खतरे पर विशेषज्ञों की चेतावनी।मीरा रोड के वॉकहार्ट हॉस्पिटल्स ने युवाओं को निकोटीन की लत से बचाने के लिए चलाया जागरूकता अभियान।

मुंबई: विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026: भारत में कैंसर के बढ़ते खतरे पर विशेषज्ञों की चेतावनी।
मीरा रोड के वॉकहार्ट हॉस्पिटल्स ने युवाओं को निकोटीन की लत से बचाने के लिए चलाया जागरूकता अभियान।

अखिलेश चौबे 
मुंबई। विश्व तंबाकू निषेध दिवस 2026 के अवसर पर वॉकहार्ट हॉस्पिटल्स, मीरा रोड ने तंबाकू और निकोटीन की लत से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य खतरों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विशेष अभियान चलाया। इस वर्ष की थीम “आकर्षण का पर्दाफाश: निकोटीन और तंबाकू की लत का मुकाबला” रखी गई है, जो ई-सिगरेट, वेप्स और निकोटीन पाउच जैसे उत्पादों के माध्यम से युवाओं को लुभाने की बढ़ती प्रवृत्ति पर प्रकाश डालती है।
भारत में तंबाकू का उपयोग एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या बना हुआ है। देश में 26.7 करोड़ से अधिक लोग तंबाकू का सेवन करते हैं, जिससे भारत दुनिया के सबसे बड़े तंबाकू उपभोक्ता देशों में शामिल है। विशेषज्ञों के अनुसार, तंबाकू कैंसर, हृदय रोग, स्ट्रोक, श्वसन संबंधी बीमारियों और समय से पहले मृत्यु के प्रमुख कारणों में से एक है।
इस अवसर पर वॉकहार्ट हॉस्पिटल्स, मीरा रोड के कंसल्टेंट सर्जिकल ऑन्कोलॉजी एवं रोबोटिक सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. प्रियंक चवाथे ने कहा कि एक ऑन्कोलॉजिस्ट के रूप में वे रोजाना तंबाकू के दुष्प्रभावों को देख रहे हैं। उन्होंने बताया कि तंबाकू में हजारों हानिकारक रसायन होते हैं, जिनमें कई कैंसरकारक तत्व शामिल हैं, जो शरीर की कोशिकाओं के डीएनए को नुकसान पहुंचाते हैं और समय के साथ कैंसर का कारण बनते हैं।
डॉ. चवाथे के अनुसार, मुंह, जीभ, गला, स्वरयंत्र, भोजन नली, फेफड़े, अग्न्याशय और मूत्राशय जैसे अंगों के कैंसर का प्रमुख कारण तंबाकू है। उन्होंने विशेष रूप से चिंता जताई कि आज के युवा ई-सिगरेट और वेपिंग जैसे आधुनिक उत्पादों के जरिए निकोटीन की लत का शिकार हो रहे हैं, जिन्हें अक्सर सुरक्षित विकल्प के रूप में प्रचारित किया जाता है, जबकि ये गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि कई मरीज यह सोचते हैं कि कभी-कभार तंबाकू सेवन या धूम्रपान से कोई नुकसान नहीं होता, लेकिन यह धारणा गलत है। तंबाकू का कोई भी रूप सुरक्षित नहीं है। किसी भी समय तंबाकू छोड़ने से स्वास्थ्य जोखिमों में कमी लाई जा सकती है और जीवन की गुणवत्ता बेहतर हो सकती है।
विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर वॉकहार्ट हॉस्पिटल्स ने सभी नागरिकों, परिवारों, शैक्षणिक संस्थानों और नीति-निर्माताओं से अपील की है कि वे मिलकर युवाओं को निकोटीन की लत से बचाने के लिए आगे आएं और एक तंबाकू-मुक्त, स्वस्थ भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।

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