मुंबई: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में स्वयंसेवी चिकित्सा सेवाओं को बढ़ावा, सीएमई क्रेडिट अंक प्रणाली लागू।
मुंबई: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में स्वयंसेवी चिकित्सा सेवाओं को बढ़ावा, सीएमई क्रेडिट अंक प्रणाली लागू।
अखिलेश चौबे
मुंबई। ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने तथा स्वयंसेवी रूप से सेवा देने वाले चिकित्सकों को प्रोत्साहन प्रदान करने के उद्देश्य से महाराष्ट्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में महाराष्ट्र वैद्यकीय परिषद (एमएमसी) द्वारा स्वयंसेवी चिकित्सा सेवाओं के लिए सीएमई (Continuing Medical Education) क्रेडिट अंक प्रणाली को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया गया है।
इस पहल के तहत उन चिकित्सकों और चिकित्सा संस्थानों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जो ग्रामीण, आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए स्वयंसेवी रूप से कार्य कर रहे हैं। महाराष्ट्र वैद्यकीय परिषद द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थाओं, संगठनों, शिक्षण संस्थानों तथा चिकित्सा महाविद्यालयों को निर्धारित नियमों और दिशा-निर्देशों के अनुसार सीएमई क्रेडिट अंक प्रदान किए जाएंगे।
इस व्यवस्था के माध्यम से चिकित्सा पेशे से जुड़े विशेषज्ञों का ज्ञान निरंतर अद्यतन रहेगा और साथ ही समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी और सहभागिता भी मजबूत होगी। परिषद का मानना है कि इस प्रणाली से चिकित्सा क्षेत्र में सेवा भावना और सामाजिक दायित्व को नई दिशा मिलेगी।
राज्य सरकार ने उन संस्थाओं और संगठनों के लिए भी मार्ग स्पष्ट किया है, जो ग्रामीण या आदिवासी क्षेत्रों में चिकित्सा शिविर, शल्य चिकित्सा अथवा अन्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते हैं, लेकिन अभी तक परिषद से मान्यता प्राप्त नहीं हैं। ऐसी संस्थाएं यदि महाराष्ट्र वैद्यकीय परिषद से आधिकारिक मान्यता प्राप्त कर लेती हैं, तो उन्हें भी सीएमई क्रेडिट अंक देने की सुविधा उपलब्ध होगी।
इस निर्णय से एक ओर चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित होगी, वहीं दूसरी ओर स्वयंसेवी स्वास्थ्य सेवाएं अधिक व्यवस्थित, जिम्मेदार और प्रभावी बन सकेंगी। मान्यता प्रक्रिया के माध्यम से चिकित्सा शिविरों की योजना, उपचार की गुणवत्ता तथा रोगियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी।
महाराष्ट्र वैद्यकीय परिषद के इस नीति निर्णय से राज्य के चिकित्सकों को सामाजिक सेवा के क्षेत्र में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरणा मिलेगी। साथ ही सरकार की “सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा” की परिकल्पना को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सेवा भावना, कौशल विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व के संतुलन को आगे बढ़ाने वाली यह सीएमई क्रेडिट अंक प्रणाली महाराष्ट्र की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
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