पालघर: मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण का समापन, 200 आदिवासी किसानों को प्रमाणपत्र वितरण।जव्हार क्षेत्र के किसानों का ‘मधु क्रांति’ की ओर बढ़ता कदम।
पालघर: मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण का समापन, 200 आदिवासी किसानों को प्रमाणपत्र वितरण।
जव्हार क्षेत्र के किसानों का ‘मधु क्रांति’ की ओर बढ़ता कदम।
अखिलेश चौबे
पालघर। जिले के जव्हार तालुका में आदिवासी किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत मधुमक्खी पालन प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन किया गया। एकात्मिक आदिवासी विकास परियोजना (ITDP) जव्हार और अंडर द मँगो ट्री (UTMT) सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम के अंतर्गत 10 से 12 गांवों के लगभग 200 आदिवासी किसानों को प्रशिक्षण पूर्ण करने पर प्रमाणपत्र वितरित किए गए।
यह संपूर्ण योजना प्रकल्प अधिकारी एवं सहायक जिलाधिकारी डॉ. अपूर्वा बासुर के मार्गदर्शन में प्रभावी ढंग से लागू की गई। कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में सहायक प्रकल्प अधिकारी दीपक टिके, तालुका कृषि अधिकारी जयराम आढळ, कृषि अधीक्षक मुकणे तथा UTMT सोसायटी के कार्यक्रम प्रमुख सचिन ढवळे उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान तालुका कृषि अधिकारी जयराम आढळ ने खेती में मधुमक्खियों की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि परागण (Pollination) प्रक्रिया में मधुमक्खियों की अहम भूमिका होती है, जिससे फसलों के उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि होती है। साथ ही उन्होंने किसानों को शासन की विभिन्न योजनाओं के माध्यम से अतिरिक्त लाभ प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया।
सहायक प्रकल्प अधिकारी दीपक टिके ने प्रशिक्षित किसानों के आत्मविश्वास की सराहना करते हुए कहा कि आदिवासी किसान सामान्यतः संकोची होते हैं, लेकिन इस प्रशिक्षण के बाद उनमें जो आत्मविश्वास देखने को मिला है, वह सराहनीय है। उन्होंने किसानों को व्यक्तिगत स्तर पर ही नहीं, बल्कि समूह बनाकर ITDP की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने की सलाह दी।
इस अवसर पर प्रकल्प अधिकारी की ओर से सभी सफल प्रशिक्षणार्थियों को शुभकामनाएं भी दी गईं।
कार्यक्रम के दौरान पांच प्रगतिशील मधुमक्खी पालकों ने अपने अनुभव साझा किए, जिनमें दो महिला किसान भी शामिल थीं। उन्होंने प्रशिक्षण से पहले की चुनौतियों और प्रशिक्षण के बाद मधुमक्खी पालन से मिलने वाले लाभों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उनके अनुभवों से अन्य किसानों को भी प्रेरणा मिली।
पूरे कार्यक्रम का संचालन प्रमोद चव्हाण ने किया, जबकि UTMT सोसायटी की टीम ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी, बल्कि क्षेत्र में ‘मधु क्रांति’ की मजबूत नींव भी रखेगी।
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