पालघर: तारापुर में बड़ा केमिकल हादसा, आरती फार्मा लैब से जहरीली गैस रिसाव, 19 श्रमिक अस्पताल में भर्ती।
पालघर: तारापुर में बड़ा केमिकल हादसा, आरती फार्मा लैब से जहरीली गैस रिसाव, 19 श्रमिक अस्पताल में भर्ती।
अखिलेश चौबे
पालघर। जिले के तारापुर एमआईडीसी क्षेत्र स्थित प्लॉट क्रमांक डी-18 पर स्थापित आरती फार्मा लैब में रविवार को एक गंभीर रासायनिक हादसा सामने आया, जिसने औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्थाओं पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। कंपनी में अत्यंत विषैले रसायन डाइमिथाइल सल्फेट (DMS) का रिसाव होने से 19 श्रमिक इसकी चपेट में आ गए, जिन्हें तत्काल बोईसर स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना रविवार को रसायन भरने की प्रक्रिया के दौरान हुई। बताया जाता है कि दोपहर लगभग 1:30 से 2:00 बजे के बीच डाइमिथाइल सल्फेट को टैंकर में भरा जा रहा था, तभी टैंकर की वेंट लाइन से अचानक गैस का रिसाव शुरू हो गया। स्थिति को भांपते हुए कंपनी प्रबंधन ने तुरंत रसायन भरने की प्रक्रिया को रोका और रिसाव को नियंत्रित करने का प्रयास किया। इसके लिए कॉस्टिक सोडा सहित अन्य रसायनों का उपयोग किया गया, ताकि गैस के प्रभाव को कम किया जा सके।
हालांकि, इस दौरान वहां मौजूद श्रमिक जहरीली गैस के संपर्क में आ गए। प्रारंभ में स्थिति सामान्य प्रतीत होने के कारण कुछ कर्मचारियों को घर भेज दिया गया, लेकिन शाम होते-होते उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। प्रभावित श्रमिकों को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन, चक्कर, उल्टी और बेचैनी जैसी समस्याएं होने लगीं। इसके बाद सभी को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अस्पताल में भर्ती श्रमिकों की पहचान सुमित कुमार, विकास कुमार, संतोष मुले, हेमंत बदाने, अक्षय पाटिल, मनोज राय, स्वप्निल तारे, निलेश शिर्डगे, पंकज गौतम, जितेश भोई, आशीष दुबे, अजय पांडे, अजय यादव, अभिवाश शाहू, ओमकार तांडेकर, मितलेश पनालम, निकेश ओझा, चुन्नू कुमार और नितिन चौधरी के रूप में हुई है। चिकित्सकों के अनुसार सभी की स्थिति फिलहाल स्थिर है और उन्हें निगरानी में रखा गया है।
इस घटना को लेकर स्थानीय नागरिकों और श्रमिकों में आक्रोश व्याप्त है। आरोप है कि कंपनी प्रबंधन ने प्रारंभ में गैस रिसाव की जानकारी छुपाने का प्रयास किया और प्रशासन को समय पर सूचित नहीं किया। यदि समय रहते उचित कदम उठाए जाते, तो श्रमिकों की स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती।
घटना की सूचना मिलते ही औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग, बोईसर पुलिस तथा तारापुर अग्निशमन दल की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने मामले में शिकायत दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है। संबंधित विभाग यह जांच कर रहे हैं कि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं तथा रिसाव के पीछे वास्तविक कारण क्या था।
उल्लेखनीय है कि तारापुर औद्योगिक क्षेत्र में हाल के समय में इस प्रकार की दुर्घटनाओं में वृद्धि देखी गई है। आग, विस्फोट और गैस रिसाव की घटनाओं ने न केवल श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाई है, बल्कि औद्योगिक सुरक्षा तंत्र की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े किए हैं।
स्थानीय नागरिकों और कामगार संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषी कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।
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