पालघर: राष्ट्रीय नाट्य प्रतियोगिता में सेंट जॉन कॉलेज का शानदार प्रदर्शन।सर्वोत्तम निर्मिति के लिए ‘पृथ्वीराज कपूर पुरस्कार’ के साथ चार व्यक्तिगत पुरस्कार और दो गुणवत्ताप्रमाणपत्र हासिल।
पालघर: राष्ट्रीय नाट्य प्रतियोगिता में सेंट जॉन कॉलेज का शानदार प्रदर्शन।
सर्वोत्तम निर्मिति के लिए ‘पृथ्वीराज कपूर पुरस्कार’ के साथ चार व्यक्तिगत पुरस्कार और दो गुणवत्ताप्रमाणपत्र हासिल।
अखिलेश चौबे
पालघर। जिले के औद्योगिक बोइसर शहर सेंट जॉन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड मैनेजमेंट, पालघर ने नाट्य क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। भारतीय जननाट्य संघटना (आईपीटीए) की 53वीं राष्ट्रीय अंतरमहाविद्यालयीन नाट्य प्रतियोगिता में सेंट जॉन कॉलेज के नाट्य दल ने सर्वोत्तम निर्मिति के लिए ‘पृथ्वीराज कपूर पुरस्कार’ हासिल किया। इस पुरस्कार के साथ महाविद्यालय को 21 हजार रुपये का नकद पुरस्कार भी प्रदान किया गया।
राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस उपलब्धि के साथ सेंट जॉन कॉलेज के नाट्य दल ने चार व्यक्तिगत पुरस्कार और दो गुणवत्ताप्रमाणपत्र भी अपने नाम किए। विद्यार्थियों की रचनात्मकता, अभिनय कौशल, तकनीकी गुणवत्ता और सामूहिक प्रयासों को इस प्रदर्शन के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
प्रतियोगिता के प्राथमिक चरण में कुल 25 महाविद्यालयों ने हिस्सा लिया। प्राथमिक चरण का आयोजन 7 से 10 सितंबर 2026 के दौरान माटुंगा पूर्व स्थित म्हैसूर एसोसिएशन के सभागार में किया गया। प्राथमिक चरण में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर चयनित नाट्य दलों को अंतिम चरण में प्रवेश दिया गया।
अंतिम चरण का आयोजन 10 सितंबर 2026 को माटुंगा पश्चिम, दादर स्थित यशवंत नाट्य मंदिर में किया गया। इस चरण में सेंट जॉन कॉलेज के नाट्य दल ने प्रभावी प्रदर्शन करते हुए सर्वोत्तम निर्मिति का पृथ्वीराज कपूर पुरस्कार हासिल किया। स्रोत में प्रतियोगिता के आयोजन की तिथि 17 सितंबर 2026 भी दी गई है।
सर्वोत्तम निर्मिति के पुरस्कार के साथ सेंट जॉन कॉलेज के नाट्य दल ने चार व्यक्तिगत पुरस्कार भी हासिल किए।
अमित पाटील को सर्वोत्तम निर्देशक का पुरस्कार प्रदान किया गया। उन्हें आर. एम. सिंह करंडक तथा 6 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया।
सिद्धेश सालवी ने सर्वोत्तम पटकथा लेखक का पुरस्कार प्राप्त किया। उन्हें के. ए. अब्बास करंडक और 6 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।
जिया राऊत को सर्वोत्तम अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। उन्हें शौकत कैफी करंडक के साथ 6 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।
वहीं साई शिरसेकर को सर्वोत्तम प्रकाश योजना का पुरस्कार मिला। उन्हें ईशान आर्य करंडक तथा 6 हजार रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान किया गया।
इसके अलावा हिमांशू कपाडिया (एमसीए) और कृपा पाटील (टी.ई., ईसीएस) को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए गुणवत्ताप्रमाणपत्र प्रदान किए गए।
सेंट जॉन कॉलेज के लिए यह उपलब्धि विशेष महत्व रखती है, क्योंकि महाविद्यालय ने लगातार दूसरी बार राष्ट्रीय स्तर की नाट्य प्रतियोगिता में मान का पुरस्कार हासिल किया है। इस प्रदर्शन ने विद्यार्थियों की अभिनय क्षमता के साथ-साथ उनकी रचनात्मक सोच, तकनीकी समझ और सामूहिक कार्यक्षमता को भी सामने रखा है।
इस राष्ट्रीय स्तर की उपलब्धि पर संस्थान के संस्थापक एवं अध्यक्ष अल्बर्ट डब्ल्यू. डिसूजा, सचिव एल्विना डिसूजा, कोषाध्यक्ष एलेन डिसूजा बुथेलो, आल्ड्रिज डिसूजा तथा प्राचार्य डॉ. कमल शाह ने नाट्य दल का अभिनंदन किया। महाविद्यालय के शिक्षकों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों ने भी इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त करते हुए नाट्य दल को बधाई दी।
इस सफलता के पीछे विद्यार्थियों की मेहनत, रचनात्मकता और सामूहिक भावना के साथ-साथ मार्गदर्शकों और समन्वयकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। परिसर सांस्कृतिक समन्वयक प्रा. सुभासिनी शुक्ला, संस्थान की सांस्कृतिक समन्वयक प्रा. विद्या कवटिकवार और प्रा. करिश्मा तांबोळी, नाट्य निर्देशक निलेश गोपनारायण तथा उनके सहयोगियों ने विद्यार्थियों को मार्गदर्शन और प्रोत्साहन प्रदान किया।
सेंट जॉन कॉलेज की ओर से विद्यार्थियों की कलात्मक प्रतिभा और रचनात्मकता को उचित मंच उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय स्तर पर मिली इस सफलता से इन सांस्कृतिक गतिविधियों को नई ऊर्जा मिलने की उम्मीद है। महाविद्यालय के नाट्य दल की उपलब्धि से संस्थान के सांस्कृतिक उपक्रमों को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों को भी मजबूती मिली है।
पुरस्कार ग्रहण करते हुए नाट्य दल : सर्वोत्तम निर्मिति के लिए पृथ्वीराज कपूर पुरस्कार स्वीकार करते समय सेंट जॉन कॉलेज के नाट्य दल के प्रतिनिधि, संस्थान की सचिव एल्विना डिसूजा, सदस्य आल्ड्रिज डिसूजा और मार्गदर्शक उपस्थित रहे।
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