पालघर: एटीएम में वॉकी-टॉकी छिपाकर महिला से ठगी, बोईसर पुलिस ने आरोपी को दबोचा।
पालघर: एटीएम में वॉकी-टॉकी छिपाकर महिला से ठगी, बोईसर पुलिस ने आरोपी को दबोचा।
अखिलेश चौबे
पालघर। एटीएम बूथ में वॉकी-टॉकी छिपाकर उसके माध्यम से महिला को झांसे में लेते हुए एटीएम कार्ड और गोपनीय पिन हासिल कर खाते से 90 हजार रुपये निकालने के मामले में बोईसर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने एटीएम बूथ में वॉकी-टॉकी छिपाकर रखा था और उससे आवाज के माध्यम से महिला को यह विश्वास दिलाया कि वह एटीएम की निगरानी कर रहा है। मामले में पुलिस ने आरोपी के पास से ठगी की रकम में से 60 हजार रुपये नकद, अपराध में इस्तेमाल दो वॉकी-टॉकी और एक वाहन जब्त किया है।
पुलिस के अनुसार घटना 14 सितंबर को सुबह करीब 11:30 बजे की है। शिकायतकर्ता समीरा मुशर्रफ खान (37), निवासी पाम, अपने दामाद फैज मसूर करेशी के साथ शिवाजी नगर, बोईसर स्थित भारतीय स्टेट बैंक के एटीएम में पैसे निकालने गई थीं। उन्होंने एटीएम से 7 हजार रुपये निकाले। इसके बाद उनका यस बैंक का एटीएम कार्ड मशीन में फंस गया।
कार्ड मशीन में फंसने के बाद एटीएम बूथ में अचानक एक आवाज सुनाई दी। पुलिस के अनुसार आरोपी द्वारा पहले से छिपाकर रखे गए वॉकी-टॉकी के माध्यम से महिला से कहा गया कि कैमरे से उन्हें देखा जा रहा है और कार्ड निकालने की कोशिश न करें। साथ ही उनसे समस्या बताने के लिए कहा गया।
पुलिस के अनुसार महिला को विश्वास में लेने के बाद आरोपी ने वॉकी-टॉकी के माध्यम से उनसे एटीएम का गोपनीय पिन तीन बार दर्ज करने तथा ‘कैंसल’ और ‘एंटर’ बटन दबाने के लिए कहा। इसके बावजूद कार्ड मशीन से बाहर नहीं निकला।
इसके बाद आरोपी ने महिला से एक कागज पर अपना मोबाइल नंबर लिखकर एटीएम बूथ में छोड़ने को कहा और बताया कि अगले दिन मशीन का संचालक आने के बाद उनका कार्ड मिल जाएगा। इस बात पर विश्वास करते हुए महिला वहां से घर चली गईं।
महिला के एटीएम बूथ से चले जाने के बाद आरोपी ने मशीन में फंसा हुआ कार्ड निकाल लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी ने महिला द्वारा बताए गए पिन का इस्तेमाल कर उनके खाते से 90 हजार रुपये निकाल लिए। बाद में जब महिला को अपने साथ हुई ठगी का पता चला तो उन्होंने बोईसर पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पालघर पुलिस अधीक्षक यतिश देशमुख के मार्गदर्शन में बोईसर पुलिस की विशेष जांच टीम गठित की गई। जांच के दौरान पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण के साथ-साथ गोपनीय सूचनाओं के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास किया।
जांच के बाद पुलिस ने 18 सितंबर को जितेंद्र रामदेव पाल (26) को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार आरोपी कलवा, ठाणे का निवासी है और उसका मूल निवास प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश बताया गया है।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के पास से ठगी की रकम में से 60 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल किए गए दो वॉकी-टॉकी और एक वाहन भी जब्त किया गया है। पुलिस द्वारा मामले में आगे की जांच की जा रही है और ठगी की पूरी प्रक्रिया तथा आरोपी की भूमिका से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक यतिश देशमुख, अपर पुलिस अधीक्षक विनायक नारले तथा उपविभागीय पुलिस अधिकारी, बोईसर दिनेश बैसाणे के मार्गदर्शन में की गई।
जांच में पुलिस निरीक्षक सुनील एस. जाधव, सहायक पुलिस निरीक्षक एवं जांच अधिकारी सुनील सालुंखे, पुलिस उपनिरीक्षक विनय मोरे तथा बोईसर पुलिस और पालघर साइबर सेल की संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
पुलिस की ओर से की गई इस कार्रवाई के बाद एटीएम का उपयोग करने वाले नागरिकों से भी सतर्क रहने की आवश्यकता सामने आई है। विशेष रूप से एटीएम मशीन में कार्ड फंसने या किसी तकनीकी समस्या की स्थिति में किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर गोपनीय पिन साझा नहीं करना चाहिए और बैंक की अधिकृत सहायता सेवा या संबंधित बैंक शाखा से ही संपर्क करना चाहिए।
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