पालघर: सुब्रोतो मुखर्जी अंतरविद्यालयीन फुटबॉल प्रतियोगिता में पालघर के खिलाड़ियों ने दिखाया दम, विभिन्न आयु वर्गों में विजेताओं का हुआ सम्मान।
पालघर: सुब्रोतो मुखर्जी अंतरविद्यालयीन फुटबॉल प्रतियोगिता में पालघर के खिलाड़ियों ने दिखाया दम, विभिन्न आयु वर्गों में विजेताओं का हुआ सम्मान।
अखिलेश चौबे
पालघर। महाराष्ट्र राज्य के क्रीड़ा एवं युवक सेवा संचालनालय तथा जिला क्रीड़ा अधिकारी, पालघर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित सुब्रोतो मुखर्जी अंतरविद्यालयीन फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन बोईसर स्थित एईसीएस मैदान, टीएपीएस में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। दो दिनों तक चली इस प्रतियोगिता में पालघर जिले के विभिन्न विद्यालयों की टीमों ने उत्कृष्ट खेल कौशल, अनुशासन और खेल भावना का परिचय देते हुए दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
प्रतियोगिता में 17 वर्ष से कम आयु वर्ग के बालकों की 16 टीमों, 15 वर्ष से कम आयु वर्ग के बालकों की 8 टीमों तथा 17 वर्ष से कम आयु वर्ग की बालिकाओं की 4 टीमों ने भाग लिया। पूरे आयोजन के दौरान रोमांचक मुकाबले, बेहतरीन टीम भावना और खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने प्रतियोगिता को यादगार बना दिया।
15 वर्ष से कम आयु वर्ग के बालकों की प्रतियोगिता में तारापुर विद्यामंदिर एवं जूनियर कॉलेज, एमआईडीसी, बोईसर की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता बनने का गौरव प्राप्त किया। एईसीएस स्कूल क्रमांक-2 ने उपविजेता तथा चिन्मय विद्यालय, बोईसर ने तृतीय स्थान हासिल किया।
वहीं 17 वर्ष से कम आयु वर्ग के बालकों की प्रतियोगिता में सोनोपंत दांडेकर महाविद्यालय, पालघर ने प्रभावशाली खेल का प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। एईसीएस स्कूल क्रमांक-3 उपविजेता रहा, जबकि तारापुर विद्यामंदिर एवं जूनियर कॉलेज, एमआईडीसी, बोईसर की टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
17 वर्ष से कम आयु वर्ग की बालिकाओं की प्रतियोगिता में डॉन बॉस्को स्कूल, बोईसर ने विजेता बनने का गौरव हासिल किया। वहीं तारापुर विद्यामंदिर एवं जूनियर कॉलेज, एमआईडीसी, बोईसर की टीम ने उपविजेता बनकर जिले में महिला फुटबॉल की बढ़ती प्रतिभा को प्रदर्शित किया।
प्रतियोगिता का सफल संचालन एवं समन्वय जिला क्रीड़ा अधिकारी सुहास व्हनमाने के मार्गदर्शन में किया गया। आयोजन को सफल बनाने में निर्णायकों, प्रशिक्षकों, सहभागी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, क्रीड़ा शिक्षकों, स्वयंसेवकों तथा आयोजन समिति के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
समापन समारोह में विजेता एवं उपविजेता टीमों को सम्मानित किया गया। आयोजकों ने सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि ऐसी प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों में खेल भावना, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता तथा स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। साथ ही भविष्य में भी जिले में खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए इस प्रकार की प्रतियोगिताओं का नियमित आयोजन जारी रखने की बात कही गई।
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