पालघर: महाराष्ट्र सरकार ने जिले के बाढ़ पीड़ितों के लिए 81.22 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज किया मंजूर, दुकानदारों, फेरीवालों और आजीविका के नुकसान को पहली बार मिला मुआवजा।
पालघर: महाराष्ट्र सरकार ने जिले के बाढ़ पीड़ितों के लिए 81.22 करोड़ रुपये का विशेष राहत पैकेज किया मंजूर, दुकानदारों, फेरीवालों और आजीविका के नुकसान को पहली बार मिला मुआवजा।
अखिलेश चौबे
पालघर। महाराष्ट्र सरकार ने जुलाई 2026 में हुई अतिवृष्टि और भीषण बाढ़ से प्रभावित पालघर जिले तथा वसई-विरार महानगरपालिका क्षेत्र के नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए विशेष सहायता पैकेज को मंजूरी प्रदान की है। जिला प्रशासन द्वारा प्रस्तुत विस्तृत प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए राज्य सरकार ने बाढ़ प्रभावितों के लिए राहत राशि में अभूतपूर्व वृद्धि की है। इस निर्णय के तहत पूर्व निर्धारित 12.80 करोड़ रुपये की सहायता बढ़ाकर 81.22 करोड़ रुपये कर दी गई है। इस प्रकार कुल 68.40 करोड़ रुपये की अतिरिक्त सहायता स्वीकृत की गई है, जो पूर्व निर्धारित सहायता की तुलना में लगभग 534 प्रतिशत अधिक है।
यह सहायता महाराष्ट्र शासन के सहायता एवं पुनर्वसन विभाग द्वारा बजट वितरण प्रणाली (बीडीएस) के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। इस संशोधित राहत पैकेज की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि पहली बार दुकानदारों, सड़क किनारे व्यवसाय करने वाले फेरीवालों, पोल्ट्री शेड, नाव तथा अन्य आजीविका के साधनों को हुए नुकसान को भी मुआवजे के दायरे में शामिल किया गया है।
जिले में बाढ़ के बाद किए गए व्यापक सर्वेक्षण, पंचनामों तथा नुकसान के विस्तृत आकलन के आधार पर पालघर की जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने राज्य सरकार को विस्तृत प्रस्ताव भेजा था। प्रस्ताव में आपदा की गंभीरता तथा प्रभावित नागरिकों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने की आवश्यकता बताई गई थी। इस प्रस्ताव को पालघर के पालकमंत्री गणेश नाईक तथा जलसंपदा एवं आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन का भी समर्थन प्राप्त हुआ, जिसके बाद राज्य सरकार ने विशेष राहत पैकेज को मंजूरी प्रदान की।
जुलाई माह में 1 से 8 जुलाई तथा 22 से 24 जुलाई के दौरान हुई दो अलग-अलग अतिवृष्टि की घटनाओं के लिए पूर्व निर्धारित मानकों के अनुसार क्रमशः 8.53 करोड़ रुपये और 4.27 करोड़ रुपये की सहायता देय थी। संशोधित पैकेज के तहत पहली अवधि के लिए सहायता बढ़ाकर 64.04 करोड़ रुपये तथा दूसरी अवधि के लिए 17.16 करोड़ रुपये कर दी गई है।
▪️आजीविका के नुकसान पर पहली बार विशेष सहायता
राज्य सरकार ने पहली बार बाढ़ से प्रभावित छोटे व्यापारियों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों को राहत प्रदान करने का निर्णय लिया है।
▪️दुकानदारों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए राहत
बाढ़ से प्रभावित प्रत्येक दुकान एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान को 50 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी।
1 से 8 जुलाई की अवधि में प्रभावित 6,065 दुकानदारों को कुल 30.32 करोड़ रुपये तथा 22 से 24 जुलाई की अवधि में प्रभावित 277 दुकानदारों को 1.38 करोड़ रुपये की सहायता दी जाएगी।
▪️फेरीवालों एवं अस्थायी व्यवसायों को सहायता
सड़क किनारे व्यवसाय करने वाले फेरीवालों एवं अस्थायी प्रतिष्ठानों को प्रति लाभार्थी 10 हजार रुपये की सहायता मिलेगी। पहली अतिवृष्टि के दौरान प्रभावित 1,000 फेरीवालों को कुल एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
▪️पोल्ट्री शेड के लिए राहत
बाढ़ से क्षतिग्रस्त प्रत्येक पोल्ट्री शेड के लिए 5 हजार रुपये की सहायता स्वीकृत की गई है। पहली अवधि में प्रभावित दो पोल्ट्री शेड के लिए 10 हजार रुपये तथा दूसरी अवधि में प्रभावित सात पोल्ट्री शेड के लिए 35 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी।
▪️नाव एवं अन्य आजीविका साधनों को भी मिलेगा मुआवजा
मछुआरों एवं अन्य आजीविका साधनों पर निर्भर नागरिकों की नाव तथा पात्र उपकरणों को हुए नुकसान के लिए भी शासन द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।
▪️घरेलू सामग्री एवं मकानों के लिए बढ़ी सहायता
बाढ़ से प्रभावित परिवारों के कपड़े एवं घरेलू उपयोग के बर्तनों के लिए सहायता राशि प्रति परिवार 5 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये कर दी गई है।
1 से 8 जुलाई की अवधि में 15,802 लाभार्थियों के लिए सहायता राशि 7.90 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 31.60 करोड़ रुपये तथा 22 से 24 जुलाई की अवधि में 7,503 लाभार्थियों के लिए 3.07 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 15 करोड़ रुपये कर दी गई है।
▪️पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए बढ़ी सहायता
पूर्ण रूप से नष्ट हुए मकानों के लिए सहायता राशि 1.20 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.50 लाख रुपये प्रति मकान कर दी गई है।
पहली अवधि में प्रभावित 24 मकानों के लिए सहायता 28.80 लाख रुपये से बढ़ाकर 36 लाख रुपये तथा दूसरी अवधि में 34 मकानों के लिए 40.80 लाख रुपये से बढ़ाकर 51 लाख रुपये कर दी गई है।
▪️आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए भी बड़ी राहत
आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों के लिए नुकसान की गंभीरता के अनुसार प्रति मकान 6,500 रुपये से लेकर 50 हजार रुपये तक की सहायता प्रदान की जाएगी।
पहली अवधि में प्रभावित 466 मकानों के लिए सहायता 30.29 लाख रुपये से बढ़ाकर 69.90 लाख रुपये तथा दूसरी अवधि में प्रभावित 176 मकानों के लिए 11.44 लाख रुपये से बढ़ाकर 26.40 लाख रुपये कर दी गई है।
▪️झोपड़ियों के लिए सहायता दोगुनी के करीब
बाढ़ से क्षतिग्रस्त अथवा ध्वस्त झोपड़ियों के लिए सहायता राशि 8 हजार रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रति झोपड़ी कर दी गई है। पहली अवधि में पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त 11 झोपड़ियों के लिए सहायता 88 हजार रुपये से बढ़ाकर 1.65 लाख रुपये कर दी गई है।
▪️दुधारू पशुओं के लिए भी बढ़ा मुआवजा
बाढ़ में मृत दुधारू पशुओं के लिए सहायता राशि 37,500 रुपये से बढ़ाकर 40 हजार रुपये प्रति पशु कर दी गई है।
पहली अवधि में नौ पशुओं के लिए सहायता 3.37 लाख रुपये से बढ़ाकर 3.60 लाख रुपये तथा दूसरी अवधि में चार पशुओं के लिए 1.50 लाख रुपये से बढ़ाकर 1.60 लाख रुपये कर दी गई है।
▪️पारदर्शी तरीके से वितरित होगी सहायता
जिला प्रशासन ने बताया है कि संशोधित राहत पैकेज लागू होने के बाद सभी पात्र लाभार्थियों को पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से सहायता राशि वितरित की जाएगी।
जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़ ने कहा कि यह विशेष राहत पैकेज केवल बाढ़ से प्रभावित परिवारों को ही नहीं, बल्कि उन दुकानदारों, फेरीवालों, कुक्कुटपालन शेड संचालकों, नाव मालिकों तथा अन्य छोटे व्यवसायियों को भी आर्थिक संबल प्रदान करेगा, जो अब तक पारंपरिक राहत योजनाओं के दायरे से बाहर थे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह पैकेज प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को गति देने के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करेगा और बाढ़ प्रभावित समुदायों को सामान्य जीवन में लौटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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