पालघर: दलहन आत्मनिर्भरता अभियान के अंतर्गत प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग इकाई स्थापना पर मिलेगा 25 लाख रुपये तक का अनुदान।
पालघर: दलहन आत्मनिर्भरता अभियान के अंतर्गत प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग इकाई स्थापना पर मिलेगा 25 लाख रुपये तक का अनुदान।
अखिलेश चौबे
पालघर। राज्य सरकार द्वारा किसानों की आय बढ़ाने तथा दलहन फसलों का मूल्य संवर्धन करने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2026-27 के दलहन आत्मनिर्भरता अभियान के अंतर्गत कटाई उपरांत आधारभूत संरचना, प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग इकाई स्थापित करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना के तहत पालघर जिले के लिए इस घटक का एक भौतिक लक्ष्य स्वीकृत किया गया है। जिला कृषि विभाग ने पात्र लाभार्थियों से निर्धारित अवधि के भीतर आवेदन करने की अपील की है।
योजना के अनुसार दलहन फसलों की कटाई के बाद प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग इकाई स्थापित करने हेतु वास्तविक निर्माण लागत का 33 प्रतिशत अथवा अधिकतम 25 लाख रुपये, दोनों में से जो राशि कम होगी, उतनी अनुदान सहायता प्रदान की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य दलहन फसलों के प्रसंस्करण को बढ़ावा देना, किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना तथा कृषि आधारित उद्यमों को प्रोत्साहित करना है।
जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी निलेश भागेश्वर ने बताया कि इस योजना के अंतर्गत किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), किसान उत्पादक कंपनियां, प्राथमिक कृषि साख समितियां तथा व्यक्तिगत आवेदक पात्र होंगे। इच्छुक लाभार्थियों को आवश्यक दस्तावेजों सहित अपने संबंधित तालुका कृषि अधिकारी कार्यालय में 5 अगस्त 2026 तक आवेदन प्रस्तुत करना होगा।
उन्होंने बताया कि यह योजना बैंक ऋण से संबद्ध है। इसलिए आवेदकों को केंद्र सरकार की ग्रामीण भंडारण योजना तथा नाबार्ड के दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी राष्ट्रीयकृत बैंक में परियोजना प्रस्ताव प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। बैंक द्वारा ऋण स्वीकृत होने के बाद ही संबंधित आवेदक, संस्था अथवा कंपनी योजना के लाभ के लिए पात्र मानी जाएगी।
योजना की पात्रता संबंधी शर्तों के अनुसार किसान उत्पादक संगठन, प्राथमिक कृषि साख समिति तथा किसान उत्पादक कंपनी का कम से कम पिछले दो वर्षों से विधिवत पंजीकृत एवं सक्रिय होना आवश्यक है। इसके साथ ही पिछले दो वर्षों के लेखापरीक्षित (ऑडिट) प्रतिवेदन भी प्रस्तुत करने होंगे। व्यक्तिगत आवेदक की आयु कम से कम 21 वर्ष होना अनिवार्य है। साथ ही एक ही परिवार में पति, पत्नी अथवा अविवाहित पुत्र-पुत्रियों में से केवल एक व्यक्ति को ही इस योजना का लाभ दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त आवेदक के पास परियोजना लागत का कम से कम 15 प्रतिशत स्वयं निवेश करने की क्षमता तथा कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) के लिए आवश्यक मार्जिन राशि उपलब्ध होना भी अनिवार्य होगा।
जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी निलेश भागेश्वर ने जिले के पात्र किसान उत्पादक संगठनों, किसान उत्पादक कंपनियों, प्राथमिक कृषि साख समितियों तथा इच्छुक किसानों से समय सीमा के भीतर आवेदन कर राज्य सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि यह योजना किसानों की आय में वृद्धि, कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन तथा ग्रामीण स्तर पर कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगी।
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