पालघर: हास्य कवि सुरेश मिश्र को 'महाकवि वाण पुरस्कार' से सम्मानित किया गया, 'डमरू शतक' और 'दोहे श्रृंगार के' का हुआ लोकार्पण।
पालघर: हास्य कवि सुरेश मिश्र को 'महाकवि वाण पुरस्कार' से सम्मानित किया गया, 'डमरू शतक' और 'दोहे श्रृंगार के' का हुआ लोकार्पण।
अखिलेश चौबे
पालघर। देश की प्रतिष्ठित साहित्यिक संस्था 'महाकवि वाण प्रतिष्ठान' द्वारा पंडित छैलबिहारी 'वाण' की स्मृति में प्रदान किए जाने वाले प्रतिष्ठित 'महाकवि वाण पुरस्कार' से मुंबई के प्रसिद्ध हास्य कवि सुरेश मिश्र को उनकी नवीनतम कृति 'डमरू शतक' के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मान राजाजीपुरम स्थित देशभारती इंटर कॉलेज के 'वाण सभागार' में आयोजित भव्य समारोह में लखनऊ की महापौर श्रीमती सुषमा खर्कवाल ने प्रदान किया। पुरस्कार स्वरूप स्मृति चिह्न, प्रशस्ति पत्र तथा 51 हजार रुपये की सम्मान राशि भेंट की गई। उल्लेखनीय है कि 'डमरू शतक' हिंदी साहित्य में डमरू छंद पर आधारित प्रथम पुस्तक मानी जा रही है।
समारोह के दौरान महापौर सुषमा खर्कवाल, ओज रस के शिखर कवि वेदव्रत वाजपेई, हरदोई की मल्हेरा के राजा कुंवर वीरेंद्र सिंह, नवाब खानदान के नवाब सैयद असद रिजवी, कर्नल दयाशंकर दूबे, भाजपा नेता शिवप्रकाश मिश्र सेनानी तथा उद्योगपति मुरलीधर आहूजा ने सुरेश मिश्र की दो कृतियों 'डमरू शतक' और 'दोहे श्रृंगार के' का लोकार्पण किया। इसी अवसर पर देशभारती इंटर कॉलेज के संस्थापक पंडित वेदव्रत वाजपेई का जन्मदिवस 'गुरु पर्व' के रूप में मनाया गया।
कार्यक्रम के अंतर्गत संयोजक मनुव्रत वाजपेई के संचालन में अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें सुरेश मिश्र, वेदव्रत वाजपेई, श्रीमती व्यंजना शुक्ला, सोनी शुक्ला क्रांति तथा आलोक तिवारी ने अपनी रचनाओं का प्रभावशाली काव्य पाठ प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में प्राचार्य जयव्रत वाजपेई ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
इस अवसर पर अभिनेत्री साधना वाजपेई, आचार्य राजा अवस्थी, वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एस. के. द्विवेदी एवं सी. पी. तिवारी, मूलचंद वाजपेई, राजेश अवस्थी, राकेश दीक्षित, राष्ट्रीय कृषक दल के प्रमुख सरोज दीक्षित, प्रकाशक प्रशांत श्रीवास्तव, पार्षद रेखा सिंह, अजय दीक्षित, के. के. शुक्ल, अरविंद मिश्र, राजू पंडित, प्रतिमा मिश्रा, अजय शुक्ला, मोहम्मद नईम, राजेंद्र कात्यायन, वाहिद अली वाहिद, रेखा मिश्रा तथा सुशीला परिहार सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समारोह में हजारों साहित्य प्रेमी, जनप्रतिनिधि, पत्रकार, शिक्षक, विद्यार्थी एवं अभिभावकों ने सहभागिता कर कार्यक्रम को गरिमामय बनाया।
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