पालघर: जिला परिषद में महाराणा प्रताप जयंती मनाई गई, अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि।
पालघर: जिला परिषद में महाराणा प्रताप जयंती मनाई गई, अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि।
अखिलेश चौबे
पालघर। जिला परिषद पालघर में हिंदवी स्वराज्य के शूरवीर, पराक्रम और स्वाभिमान के प्रतीक महाराणा प्रताप की जयंती तिथि के अनुसार श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर जिला परिषद परिसर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महान योद्धा को नमन किया।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन त्याग, साहस और स्वाभिमान का अद्वितीय उदाहरण है, जिससे आज की पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए।
इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेंद्र पाटील, उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी (सामान्य) इजाज अहमद शरीक मसलत तथा उपमुख्य कार्यकारी अधिकारी (पंचायत) अशोक पाटील सहित जिला परिषद के विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में महाराणा प्रताप के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि उनका जन्म 9 मई 1540 को राजस्थान के कुंभलगढ़ में हुआ था। मेवाड़ के शासक के रूप में उन्होंने अपने राज्य की स्वतंत्रता की रक्षा के लिए मुगल सम्राट अकबर के विरुद्ध लंबा और संघर्षपूर्ण युद्ध लड़ा। हल्दीघाटी के युद्ध में उनका अद्वितीय पराक्रम भारतीय इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज है।
वक्ता ने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में भी महाराणा प्रताप ने कभी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। उनका जीवन राष्ट्रप्रेम, साहस, त्याग और स्वतंत्रता की भावना का प्रतीक है, जो आज भी समाज को प्रेरित करता है।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महाराणा प्रताप के आदर्शों को अपनाने और उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
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