पालघर: जिला परिषद पालघर में राजर्षि शाहू महाराज जयंती उत्साहपूर्वक मनाई गई।
पालघर: जिला परिषद पालघर में राजर्षि शाहू महाराज जयंती उत्साहपूर्वक मनाई गई।
अखिलेश चौबे
पालघर। समाज सुधार, सामाजिक न्याय, शिक्षा के प्रसार और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले राजर्षि शाहू महाराज की जयंती शुक्रवार को जिला परिषद पालघर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों और कर्मचारियों ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शशिकांत सालुंखे ने राजर्षि शाहू महाराज के चित्र पर पुष्पहार अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसके बाद उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने भी पुष्पांजलि अर्पित कर समाज सुधार और लोककल्याण के क्षेत्र में उनके योगदान को याद किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि राजर्षि शाहू महाराज एक दूरदर्शी, जनकल्याणकारी और प्रगतिशील शासक थे, जिन्होंने समाज में समानता स्थापित करने तथा पिछड़े और वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए। उन्होंने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे प्रभावी माध्यम माना और समाज के प्रत्येक वर्ग तक शिक्षा पहुंचाने के लिए उल्लेखनीय कार्य किए।
वक्ताओं ने बताया कि राजर्षि शाहू महाराज ने पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण लागू करने, महिला शिक्षा को बढ़ावा देने, अस्पृश्यता उन्मूलन तथा सामाजिक भेदभाव समाप्त करने की दिशा में अनेक ऐतिहासिक कदम उठाए। उनके द्वारा लागू की गई जनकल्याणकारी नीतियां आज भी सामाजिक न्याय और समावेशी विकास की प्रेरणा मानी जाती हैं।
कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि समाज के कमजोर वर्गों के उत्थान और समान अवसर उपलब्ध कराने की उनकी सोच आज भी उतनी ही प्रासंगिक है। उनके आदर्शों और विचारों का अनुसरण कर ही एक समतामूलक और शिक्षित समाज का निर्माण संभव है।
जिला परिषद परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने राजर्षि शाहू महाराज के बताए मार्ग पर चलने तथा सामाजिक समरसता, शिक्षा और जनकल्याण के मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प व्यक्त किया।
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