पालघर: 30 जून तक वार्षिक विवरणपत्र जमा करना अनिवार्य, चूकने पर 10 हजार रुपये का लगेगा जुर्माना।
पालघर: 30 जून तक वार्षिक विवरणपत्र जमा करना अनिवार्य, चूकने पर 10 हजार रुपये का लगेगा जुर्माना।
अखिलेश चौबे
मुंबई। केंद्र सरकार ने प्रेस एवं नियतकालिकों के प्रकाशकों को आर्थिक वर्ष 2024-25 का लेखापरीक्षित वार्षिक विवरणपत्र (एनुअल स्टेटमेंट) जमा करने के लिए 30 जून 2026 तक का अंतिम अवसर दिया है। निर्धारित तिथि तक विवरणपत्र ऑनलाइन जमा नहीं करने वाले प्रकाशकों पर न्यूनतम 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इसके बाद किसी भी प्रकार की समय-सीमा में बढ़ोतरी नहीं की जाएगी।
प्रेस रजिस्ट्रार जनरल, नई दिल्ली द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, प्रेस एवं नियतकालिक पंजीकरण अधिनियम, 2023 के तहत पंजीकृत प्रत्येक समाचार-पत्र, पत्रिका और अन्य नियतकालिक के लिए अपने आर्थिक वर्ष का लेखापरीक्षित वार्षिक विवरणपत्र प्रेस सेवा पोर्टल (PSP) पर ऑनलाइन प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
निर्देशों में कहा गया है कि जिन प्रकाशकों ने अभी तक वित्तीय वर्ष 2024-25 का वार्षिक विवरणपत्र जमा नहीं किया है, वे इसे 30 जून 2026 तक ऑनलाइन अनिवार्य रूप से दाखिल कर दें। यह अंतिम अवसर है और इसके बाद विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रेस एवं नियतकालिक पंजीकरण अधिनियम, 2023 की धारा 14(1)(ब) तथा धारा 14(3) के तहत निर्धारित समय सीमा में वार्षिक विवरणपत्र प्रस्तुत नहीं करने पर दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। पहली बार नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित प्रकाशक पर कम से कम 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
यदि इसके बाद भी नियमों का पालन नहीं किया जाता है और दोबारा उल्लंघन होता है, तो प्रत्येक अगली चूक पर जुर्माने की राशि पिछले जुर्माने की दोगुनी होगी। हालांकि, अधिनियम के अनुसार कुल जुर्माने की अधिकतम सीमा दो लाख रुपये निर्धारित की गई है।
केंद्र सरकार ने सभी पंजीकृत प्रकाशकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते अपना लेखापरीक्षित वार्षिक विवरणपत्र प्रेस सेवा पोर्टल (PSP) पर ऑनलाइन जमा कर दें, ताकि दंडात्मक कार्रवाई से बचा जा सके।
गौरतलब है कि प्रेस एवं नियतकालिक पंजीकरण अधिनियम, 2023 लागू होने के बाद वार्षिक विवरणपत्र ऑनलाइन जमा करना प्रत्येक पंजीकृत प्रकाशन के लिए कानूनी रूप से अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में सभी समाचार-पत्रों, पत्रिकाओं और अन्य नियतकालिकों के प्रकाशकों को निर्धारित समय-सीमा का पालन करना आवश्यक होगा।
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