मुंबई: महाराष्ट्र में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा, चार प्रमुख अस्पताल बनेंगे शिक्षण संस्थान।मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बड़ा फैसला, उपचार के साथ शिक्षा और शोध को मिलेगा बढ़ावा।
मुंबई: महाराष्ट्र में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा, चार प्रमुख अस्पताल बनेंगे शिक्षण संस्थान।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का बड़ा फैसला, उपचार के साथ शिक्षा और शोध को मिलेगा बढ़ावा।
अखिलेश चौबे
मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए येरवडा, ठाणे, रत्नागिरी और नागपुर स्थित प्रादेशिक मानसिक स्वास्थ्य अस्पतालों को शिक्षण संस्थानों में परिवर्तित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने इसे स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक विकास की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण पहल बताया है।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि यह केवल स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण उपचार, शोध और प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करने की दिशा में एक दूरदर्शी और मानवकेंद्रित पहल है। इससे विशेष रूप से वंचित वर्गों तक आधुनिक और सुलभ मानसिक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में मदद मिलेगी।
राज्य के येरवडा (पुणे), ठाणे, रत्नागिरी और नागपुर के ये अस्पताल पहले से ही हजारों मरीजों को बाह्य और आंतरिक उपचार सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। लगभग 5700 बिस्तरों की क्षमता के साथ इन संस्थानों में पर्याप्त आधारभूत सुविधाएं और मानव संसाधन उपलब्ध हैं, जिन्हें अब शिक्षण और अनुसंधान के क्षेत्र में भी उपयोग में लाया जाएगा।
यह पहल केंद्र सरकार की मैनपावर डेवलपमेंट स्कीम के तहत “स्ट्रेंथनिंग पीजी डिपार्टमेंट इन मेंटल हेल्थ स्पेशलिटीज” योजना के अनुरूप है। राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत इस दिशा में पहले से प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे मानसिक स्वास्थ्य क्षेत्र में प्रशिक्षित विशेषज्ञों की कमी को दूर किया जा सके।
राज्य सरकार ने 16 सितंबर 2019 को जारी शासन निर्णय के माध्यम से एमडी साइकियाट्री, एमफिल क्लिनिकल साइकोलॉजी, एमफिल साइकियाट्रिक सोशल वर्क और डिप्लोमा इन साइकियाट्रिक नर्सिंग जैसे पाठ्यक्रमों को मंजूरी दी है। ये पाठ्यक्रम ठाणे, पुणे (येरवडा) और नागपुर के अस्पतालों में शुरू किए जा चुके हैं।
नागपुर में इंदिरा गांधी शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय के सहयोग से एमडी साइकियाट्री कोर्स 2022-23 से संचालित हो रहा है, जिसमें हर वर्ष चार छात्रों को प्रवेश दिया जा रहा है। अब तक 12 छात्र इसमें शामिल हो चुके हैं, जिनमें से दो ने कोर्स पूरा कर लिया है।
इसके अलावा ठाणे और पुणे में 2022-23 से साइकियाट्रिक नर्सिंग डिप्लोमा भी शुरू किया गया है, जहां प्रत्येक स्थान पर हर वर्ष 20 छात्रों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अब तक ठाणे से 59 और पुणे से 60 छात्र सफलतापूर्वक उत्तीर्ण हो चुके हैं।
इस पहल से मरीजों को बेहतर और विशेषज्ञ उपचार उपलब्ध होगा, साथ ही मानसिक स्वास्थ्य क्षेत्र में डॉक्टर, मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कार्यकर्ताओं की संख्या में वृद्धि होगी। इसके अलावा शोध और नवाचार को भी बढ़ावा मिलेगा और ग्रामीण व वंचित क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण सेवाओं का विस्तार संभव हो सकेगा।
राज्य सरकार का मानना है कि इन अस्पतालों को शिक्षण संस्थानों में परिवर्तित करना मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित होगा, जो आने वाले समय में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान करेगा।
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