पालघर: वाढवण बंदर परियोजना के भूमि मुआवजा घोटाले का पर्दाफाश, बोईसर पुलिस थाने में मामला दर्ज।

पालघर: वाढवण बंदर परियोजना के भूमि मुआवजा घोटाले का पर्दाफाश, बोईसर पुलिस थाने में मामला दर्ज।

अखिलेश चौबे
पालघर। जिले के बोईसर पुलिस थाना क्षेत्र में वाढवण बंदर (ग्रीनफील्ड महामार्ग) परियोजना से संबंधित भूमि मुआवजा राशि के गबन का गंभीर मामला सामने आया है। इस संबंध में शिकायतकर्ता किरण पांडु पालवा, निवासी तवा मोहंडकर पाडा, तालुका डहाणू ने पुलिस में विस्तृत शिकायत दर्ज कराई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता की मौजे तवा, तालुका डहाणू स्थित सर्वे नंबर 173 की कृषि भूमि वाढवण बंदर (ग्रीनफील्ड महामार्ग) परियोजना के लिए अधिग्रहित की गई थी। इस भूमि के बदले उन्हें कुल 2,91,89,126 रुपये की मुआवजा राशि बैंक ऑफ महाराष्ट्र, शाखा कासा स्थित उनके बैंक खाते में जमा की जानी थी।
आरोप है कि सुरज गिंभल (निवासी नानीवली चिखलीपाडा, ता. जि. पालघर), धर्मा वळवी (निवासी नानीवली चिखलीपाडा, ता. जि. पालघर) तथा प्रसाद उर्फ मॉन्टी पाटील (निवासी नानीवली घोडीचा पाडा, ता. जि. पालघर) ने शिकायतकर्ता की निरक्षरता और अज्ञानता का लाभ उठाते हुए उन्हें धोखे में रखा। आरोपियों ने “सरकार से मिलने वाला मुआवजा जल्दी दिलाने” का लालच देकर दिनांक 21 अप्रैल 2026 से 27 मई 2026 के बीच उन्हें ओस्तवाल एम्पायर, बोईसर स्थित कोटक महिंद्रा बैंक शाखा में ले जाकर बैंक संबंधी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर तथा डिजिटल मशीन पर अंगूठे के निशान लिए।
इसके बाद आरोपियों ने शिकायतकर्ता के बैंक खाते से अपने मोबाइल नंबर और ई-मेल आईडी को लिंक कर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और शिकायतकर्ता की जानकारी के बिना उनके खाते से कुल 50,27,760 रुपये की राशि निकाल ली, जिससे उनके साथ आर्थिक धोखाधड़ी की गई।
इस मामले में शिकायत के आधार पर बोईसर पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 211/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धाराएं 318(4), 316(2), 336(2), 338, 336(3), 340(2) तथा 3(5) के अंतर्गत दिनांक 27 मई 2026 को रात 8:30 बजे मामला दर्ज किया गया है।
प्रकरण की आगे की जांच पालघर के पुलिस अधीक्षक यतिश देशमुख, अपर पुलिस अधीक्षक विनायक नरळे, बोईसर विभाग के उपविभागीय पुलिस अधिकारी विकास नाईक तथा बोईसर पुलिस थाना के प्रभारी अधिकारी सुनिल जाधव के मार्गदर्शन में पुलिस उपनिरीक्षक नितीन नरळे द्वारा की जा रही है।
पालघर पुलिस प्रशासन की ओर से सभी नागरिकों, विशेष रूप से किसानों एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों से अपील की गई है कि वे भूमि अधिग्रहण मुआवजा या किसी भी सरकारी कार्य के लिए अज्ञात व्यक्तियों पर भरोसा न करें। अपने बैंक खाते से संबंधित दस्तावेज, अंगूठे के निशान अथवा ओटीपी किसी के साथ साझा न करें। यदि इस प्रकार की किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी प्राप्त हो, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने से संपर्क करें।
यह मामला एक बार फिर यह दर्शाता है कि सतर्कता और जागरूकता की कमी का फायदा उठाकर ठग किस तरह आम नागरिकों को निशाना बना रहे हैं।

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