पालघर: ठाणे-पालघर विधान परिषद सीट पर महायुति में खींचतान तेज, भाजपा ने ठोका मजबूत दावा।नगरसेवकों के आंकड़ों में भाजपा आगे, शिंदे गुट भी पीछे हटने को तैयार नहीं, पालघर से उम्मीदवार बनाने की मांग तेज।

पालघर: ठाणे-पालघर विधान परिषद सीट पर महायुति में खींचतान तेज, भाजपा ने ठोका मजबूत दावा।
नगरसेवकों के आंकड़ों में भाजपा आगे, शिंदे गुट भी पीछे हटने को तैयार नहीं, पालघर से उम्मीदवार बनाने की मांग तेज।

अखिलेश चौबे
पालघर। महाराष्ट्र विधान परिषद की 17 सीटों के लिए होने वाले चुनाव से पहले महायुति में सीट बंटवारे को लेकर अंदरूनी खींचतान तेज हो गई है। खासतौर पर ठाणे-पालघर, पुणे, नाशिक और अहिल्यानगर की सीटों को लेकर तीनों सहयोगी दलों के कार्यकर्ता अपने-अपने दावे मजबूत करने में जुट गए हैं।
ठाणे-पालघर स्थानीय स्वराज्य संस्था मतदारसंघ को लेकर भाजपा और शिंदे गुट के बीच सबसे ज्यादा रस्साकशी देखने को मिल रही है। पालघर जिले को अब तक इस मतदारसंघ से प्रतिनिधित्व नहीं मिलने के कारण भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस बार स्थानीय चेहरे को उम्मीदवार बनाने की मांग तेज कर दी है।
भाजपा का कहना है कि इस मतदारसंघ में कुल 1,030 नगरसेवकों में से 444 नगरसेवक उसके पास हैं, जबकि शिंदे गुट के पास 326 नगरसेवक हैं। ऐसे में भाजपा ने इस सीट पर अपना मजबूत दावा पेश किया है। हालांकि, शिंदे गुट भी इस सीट को छोड़ने के मूड में नहीं दिख रहा है।
गौरतलब है कि इससे पहले इसी मतदारसंघ से शिंदे गुट के रविंद्र फाटक निर्वाचित हुए थे, जिनका कार्यकाल 8 जून 2022 को समाप्त हो गया था। इसके बाद महानगरपालिका चुनाव नहीं होने के कारण यह चुनाव लंबित था।
राजनीतिक समीकरणों में जिजाऊ संस्थे के नीलेश सांबरे के शिंदे गुट में शामिल होने से समीकरण और जटिल हो गए हैं। उनके साथ जुड़े करीब 20 नगरसेवकों के समर्थन से शिंदे गुट की संख्या बढ़कर 346 हो सकती है।
दूसरी ओर हितेंद्र ठाकुर की बहुजन विकास आघाड़ी के 71 नगरसेवक इस चुनाव में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि भाजपा के साथ उनके संबंध सामान्य नहीं हैं, लेकिन राज्य सरकार के साथ तालमेल को देखते हुए उनका समर्थन किसे मिलेगा, यह महत्वपूर्ण रहेगा।
राष्ट्रवादी कांग्रेस (अजित पवार गुट) के 29 नगरसेवक महायुति के साथ माने जा रहे हैं, जिससे महायुति की स्थिति और मजबूत होती दिख रही है।
वहीं महाविकास आघाड़ी के पास करीब 150 नगरसेवक हैं, जिनमें कांग्रेस के 47, राष्ट्रवादी (शरद पवार गुट) के 38, उद्धव गुट के 18, समाजवादी पार्टी के 6 और अन्य छोटे दलों के नगरसेवक शामिल हैं। इसके अलावा मनसे (6), माकपा (6), एआईएमआईएम (5), कोणार्क विकास (4), भिवंडी विकास आघाड़ी (3), वंचित बहुजन आघाड़ी (2), साई पार्टी (1) और 9 निर्दलीय नगरसेवक भी चुनावी समीकरण को प्रभावित कर सकते हैं।
ठाणे, नवी मुंबई, कल्याण-डोंबिवली, भिवंडी-निजामपुर, उल्हासनगर, मीरा-भाईंदर, वसई-विरार महानगरपालिका सहित कई नगरपालिकाओं और नगर पंचायतों के नगरसेवक इस चुनाव में मतदान करेंगे।
इस बीच भाजपा के सांसद डॉ. हेमंत सवरा, विधायक हरिश्चंद्र भोये, वीणा देशमुख, जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश निकम, शहराध्यक्ष जयेश आव्हाड, वाडा की नगराध्यक्षा रीमा गंधे, भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष नंदन वर्तक और महासचिव अशोक वडे सहित कई पदाधिकारियों ने ठाणे-पालघर सीट पर भाजपा उम्मीदवार उतारने की जोरदार मांग की है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस सीट पर जीत का समीकरण उम्मीदवार की घोषणा और छोटे दलों व निर्दलीयों के समर्थन पर निर्भर करेगा। ऐसे में आने वाले दिनों में महायुति और महाविकास आघाड़ी दोनों के लिए यह सीट प्रतिष्ठा की लड़ाई बनती नजर आ रही है।

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