नई दिल्ली: मध्य पूर्व युद्ध का असर भारत पर, ईंधन बचत की अपील के बीच नितिन गडकरी ने दिया 25 रुपये प्रति लीटर ईंधन का दावा।

नई दिल्ली: मध्य पूर्व युद्ध का असर भारत पर, ईंधन बचत की अपील के बीच नितिन गडकरी ने दिया 25 रुपये प्रति लीटर ईंधन का दावा।

अखिलेश चौबे 
नई दिल्ली। मध्य पूर्व में जारी युद्ध का असर अब भारत पर भी दिखाई देने लगा है। इस बीच प्रधानमंत्री ने देशवासियों से पेट्रोल-डीजल और गैस की खपत कम करने की अपील की है। साथ ही उन्होंने नागरिकों से सोने की खरीद भी कुछ समय के लिए टालने का सुझाव दिया है, जिससे आर्थिक दबाव को नियंत्रित किया जा सके।
प्रधानमंत्री की अपील के बाद अब केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने भी देशवासियों से ईंधन की बचत करने का आह्वान किया है। इसके साथ ही उन्होंने एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि भविष्य में देश में ईंधन की लागत घटकर प्रभावी रूप से 25 रुपये प्रति लीटर तक आ सकती है।
नितिन गडकरी के अनुसार, यह परिवर्तन पेट्रोल और डीजल पर निर्भरता खत्म करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम होगा। उन्होंने बताया कि इथेनॉल और इलेक्ट्रिक वाहनों के बढ़ते उपयोग से न केवल आम लोगों को सस्ता परिवहन मिलेगा, बल्कि वायु प्रदूषण में भी भारी कमी आएगी।
उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण पेट्रोल और डीजल का अत्यधिक उपयोग है। ऐसे में सरकार वैकल्पिक ईंधनों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि देश में अब इलेक्ट्रिक स्कूटर, कार, बसें, हाइड्रोजन ट्रक और यहां तक कि इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर भी उपयोग के लिए तैयार हैं।
नितिन गडकरी ने यह भी कहा कि देश का किसान अब केवल अन्नदाता ही नहीं, बल्कि इथेनॉल उत्पादन के जरिए ‘ऊर्जादाता’ और ‘इंधनदाता’ भी बन रहा है, जो देश की अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत है।
अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि वे स्वयं 100 प्रतिशत बायो-इथेनॉल पर चलने वाले वाहन का उपयोग कर रहे हैं। वर्तमान में इथेनॉल की कीमत करीब 65 रुपये प्रति लीटर है, लेकिन यह वाहन चलते समय 60 प्रतिशत तक बिजली उत्पन्न करता है, जिससे इसकी प्रभावी लागत घटकर लगभग 25 रुपये प्रति लीटर के बराबर हो जाती है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बायो-इथेनॉल पूरी तरह स्वदेशी और पर्यावरण के अनुकूल ईंधन है, जिससे न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि ईंधन आयात पर होने वाला भारी खर्च भी घटेगा।
नितिन गडकरी ने यह भी भरोसा दिलाया कि फ्लेक्स-फ्यूल इंजन तकनीक वाली गाड़ियां जल्द ही भारतीय बाजार में बड़े पैमाने पर उपलब्ध होंगी, जिससे आम नागरिकों को सस्ती और स्वच्छ ऊर्जा विकल्प मिल सकेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह योजना सफल होती है, तो भारत ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ सकता है और आम जनता को भी महंगे ईंधन से राहत मिल सकती है।

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