पालघर: भाजपा नेता प्रशांत संखे का प्रयास – वाणगंगा नदी को बचाने की दिशा में बड़ा कदम।"राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से की मुलाकात, प्रदूषण नियंत्रण और सौंदर्यीकरण की रखी मांग"

पालघर: भाजपा नेता प्रशांत संखे का प्रयास – वाणगंगा नदी को बचाने की दिशा में बड़ा कदम।
"राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से की मुलाकात, प्रदूषण नियंत्रण और सौंदर्यीकरण की रखी मांग"

अखिलेश चौबे 
पालघर। जिले के औद्योगिक शहर बोईसर की प्राचीन धरोहर और धार्मिक आस्था की प्रतीक वाणगंगा नदी लगातार प्रदूषण की चपेट में आ रही है। इस पवित्र नदी के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रशांत आ. संखे ने राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले से मुलाकात कर ठोस कदम उठाने की मांग की है।
भाजपा नेता द्वारा राजस्व मंत्री को सौंपे गए निवेदन में ‘वाणगंगा नदी’ के धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व का विस्तारपूर्वक उल्लेख किया गया है। संखे ने बताया कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्रीराम ने वनवास के दौरान माता सीता और भ्राता लक्ष्मण के साथ इसी नदी में स्नान किया था। आज भी यह नदी गणेश विसर्जन, दुर्गा विसर्जन, छठ पूजा जैसे धार्मिक अनुष्ठानों के अलावा पिंडदान और अंत्येष्टि संस्कार के लिए विशेष रूप से पूजनीय मानी जाती है।
प्रशांत आ. संखे ने कहा कि औद्योगिक गतिविधियों के कारण नदी का अस्तित्व गंभीर संकट में है। उनके अनुसार, तारापुर एटॉमिक पावर स्टेशन (टेप्स) और भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (बीएआरसी) सहित अन्य औद्योगिक इकाइयों से निकलने वाला रासायनिक अपशिष्ट सीधे नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे ‘वाणगंगा’ की पवित्र धारा प्रदूषित हो गई है। इसके कारण न केवल पर्यावरण असंतुलन बढ़ रहा है, बल्कि आसपास के नागरिकों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
भाजपा नेता ने अपने निवेदन में नदी में मिल रहे रासायनिक जल को अन्यत्र मोड़ने की व्यवस्था करने, नदी की वर्तमान स्थिति की जांच के लिए विशेष समिति गठित करने और तटीय क्षेत्र के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ उसे धार्मिक पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग रखी है।
इस विषय पर मंगलवार को आयोजित बैठक में राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के साथ सीईओ जिला परिषद पालघर, राजस्व विभाग, टेप्स, प्रदूषण नियंत्रण विभाग, ग्राम पंचायत पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि एंड. धनेश संगे, मिलिंद आ. संखे तथा भाजपा नेता प्रशांत आ. संखे उपस्थित थे।
बैठक के दौरान ‘वाणगंगा नदी’ के संरक्षण को लेकर गहन चर्चा हुई। मंत्री बावनकुले ने संबंधित विभागों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए और कहा कि पवित्र नदी की पवित्रता, स्वच्छता एवं सौंदर्य पुनः स्थापित करने के लिए सभी पक्षों का सहयोग आवश्यक है।

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