पालघर: खदान में मौत का रहस्य—23 वर्षीय दिलशाद शबिर शेख की लाश से मचा हड़कंप।दांडीपाड़ा से चिल्लर फाटा तक खौफ की कहानी—दो दोस्तों की वापसी, तीसरा लापता… दो दिन बाद खदान में मिला शव।

पालघर: खदान में मौत का रहस्य—23 वर्षीय दिलशाद शबिर शेख की लाश से मचा हड़कंप।
दांडीपाड़ा से चिल्लर फाटा तक खौफ की कहानी—दो दोस्तों की वापसी, तीसरा लापता… दो दिन बाद खदान में मिला शव।

अखिलेश चौबे 
पालघर। जिला के मनोर क्षेत्र में सामने आई एक सनसनीखेज घटना ने पूरे इलाके को दहला कर रख दिया है। बोईसर दांडीपाड़ा के 23 वर्षीय युवक दिलशाद शबिर शेख का शव खदान में मिलने के बाद डर, गुस्सा और कई अनसुलझे सवाल एक साथ खड़े हो गए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, 23 तारीख की रात दांडीपाड़ा के तीन युवक—बादशाह, हीरो और दिलशाद शबिर शेख—किसी काम से चिल्लर फाटा की ओर गए थे। परिवार के मुताबिक 24 तारीख की सुबह बादशाह और हीरो घर लौट आए, लेकिन दिलशाद वापस नहीं पहुंचा। यहीं से एक अनहोनी की आशंका गहराने लगी।
दिलशाद के घर नहीं लौटने पर परिवार और स्थानीय लोगों ने तुरंत उसकी तलाश शुरू की और पुलिस प्रशासन को सूचना दी। दो दिनों तक लगातार खोजबीन चलती रही, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। आखिरकार 26 अप्रैल को चिल्लर फाटा स्थित आदिवासी एकता होटल के पीछे एक खदान में दिलशाद का शव बरामद हुआ। शव मिलने की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
24 अप्रैल की मध्यरात्रि को दांडीपाड़ा क्षेत्र में कुछ युवक महामार्ग के किनारे खड़े थे। तभी पुलिस गश्ती दल के पहुंचते ही सभी युवक घबराकर भागने लगे। बताया जाता है कि इसी दौरान दिलशाद शबिर शेख पास की खदान की ओर भागा था—और संभवतः उसी दिशा में उसकी मौत की कहानी लिखी गई।
इस मामले में मनोर पुलिस थाना ने आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने उस रात दिलशाद के साथ मौजूद बादशाह और हीरो को पूछताछ के लिए बुलाया। जानकारी के अनुसार एक युवक को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है, जबकि दूसरे से अब भी गहन पूछताछ जारी है। पुलिस हर पहलू—हादसा, साजिश या लापरवाही—सभी कोणों से जांच कर रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस खदान में शव मिला, वहां पहले भी एक शव मिलने की घटना सामने आ चुकी है, जिससे इस जगह को लेकर गंभीर संदेह पैदा हो गया है। बताया जा रहा है कि खदान का मालिक गुंदले क्षेत्र का निवासी है।
इस पूरी घटना ने एक और गंभीर मुद्दे को उजागर किया है—खदान क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था का अभाव। खुले और खतरनाक गड्ढे किसी भी समय जानलेवा साबित हो सकते हैं। स्थानीय नागरिकों में भारी आक्रोश है और उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसी खदानों पर तुरंत कार्रवाई की जाए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएं।
दांडीपाड़ा, चिल्लर फाटा और आसपास के इलाकों में इस घटना के बाद डर और तनाव का माहौल है। हर कोई यही जानना चाहता है—क्या यह सिर्फ एक हादसा है या इसके पीछे कोई और गहरी साजिश छिपी है?
फिलहाल, पुलिस जांच जारी है और पूरे क्षेत्र की नजरें अब इस रहस्यमयी मौत के सच पर टिकी हुई हैं।

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