पालघर: यशवंतसृष्टि साईबाबा मंदिर मार्ग पर भारी वाहनों की अवैध आवाजाही के खिलाफ प्रशांत संखे ने उठाई आवाज।शिकायत पर एमआईडीसी ने अनधिकृत मार्ग बंद कर वैकल्पिक रास्ते की मांग की।
पालघर: यशवंतसृष्टि साईबाबा मंदिर मार्ग पर भारी वाहनों की अवैध आवाजाही के खिलाफ प्रशांत संखे ने उठाई आवाज।
शिकायत पर एमआईडीसी ने अनधिकृत मार्ग बंद कर वैकल्पिक रास्ते की मांग की।
अखिलेश चौबे
पालघर। जिले के बोईसर मार्ग पर यशवंतसृष्टि साईबाबा मंदिर के सामने एमआईडीसी के भूखंड से होकर बोईसर रेलवे माल यार्ड तक भारी वाहनों की कथित अनधिकृत आवाजाही का मामला सामने आया है। इस संबंध में भारतीय जनता पार्टी के पालघर जिला उपाध्यक्ष प्रशांत आत्माराम संखे ने 3 अगस्त 2026 को महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल के तारापुर स्थित जलनिकासी विभाग के उप अभियंता अविनाश संखे को लिखित पत्र देकर भारी ट्रेलर और अन्य जड़ वाहनों की आवाजाही तत्काल बंद कराने की मांग की थी।
प्रशांत आत्माराम संखे ने अपने पत्र में कहा था कि यशवंतसृष्टि साईबाबा मंदिर के सामने रेलवे यार्ड में आने वाले भारी कॉइल परिवहन करने वाले ट्रेलरों की लगातार आवाजाही हो रही है। उनके अनुसार, ये वाहन एमआईडीसी के खुले भूखंड क्रमांक ओएस-46/4 से होकर ऐसे मार्ग का उपयोग कर रहे हैं, जो अधिकृत मार्ग नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मार्ग से भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क पर लगातार कीचड़ जमा हो रहा है और मार्ग खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है।
नागरिकों और विद्यार्थियों की सुरक्षा का उठाया मुद्दा
प्रशांत आत्माराम संखे ने अपने पत्र में यह भी उल्लेख किया कि इसी मार्ग से सरावली, खैरा फाटा और पालघर की ओर जाने वाले नागरिकों के साथ-साथ विद्यालय एवं महाविद्यालय के विद्यार्थी-विद्यार्थिनियां, महिलाएं तथा वरिष्ठ नागरिक प्रतिदिन आवागमन करते हैं। भारी वाहनों के कारण सड़क की स्थिति खराब होने और दुर्घटना की आशंका बढ़ने का मुद्दा उठाते हुए उन्होंने नागरिकों की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रतिबंधात्मक उपाय किए जाने की मांग की।
उन्होंने एमआईडीसी से ओएस-46/4 भूखंड से बोईसर रेलवे माल यार्ड की ओर जाने वाले कथित अनधिकृत मार्ग को बंद करने, वहां से भारी ट्रेलर एवं अन्य जड़ वाहनों की आवाजाही रोकने तथा संबंधित कंपनियों और वाहन चालकों को केवल अधिकृत एवं नियोजित मार्ग का उपयोग करने के निर्देश देने की मांग की थी।
शिकायत के बाद एमआईडीसी ने पश्चिम रेलवे को लिखा पत्र
प्रशांत आत्माराम संखे की शिकायत के बाद महाराष्ट्र औद्योगिक विकास महामंडल, जलनिकासी उपविभाग, तारापुर की ओर से 27 अगस्त 2026 को पश्चिम रेलवे, मुंबई मंडल के विभागीय रेल प्रबंधक को पत्र भेजा गया। यह पत्र उप अभियंता अविनाश संखे की ओर से जारी किया गया है।
एमआईडीसी के पत्र में यशवंतसृष्टि साईबाबा मंदिर के सामने एमआईडीसी के भूखंड क्रमांक ओएस-46/4 से भारी वाहनों द्वारा सड़क का उपयोग किए जाने का उल्लेख किया गया है। पत्र में कहा गया है कि भारी वाहनों की आवाजाही के कारण सड़क पर कीचड़ आने से मार्ग खतरनाक हो रहा है तथा इस स्थान पर बार-बार दुर्घटनाएं होने की जानकारी शिकायत के माध्यम से प्राप्त हुई है।
एमआईडीसी ने पश्चिम रेलवे से आग्रह किया है कि रेलवे माल यार्ड से संबंधित मालवाहक एजेंसियों, परिवहनकर्ताओं और वाहन चालकों को उक्त भूखंड का पार्किंग तथा भूखंड के भीतर से सड़क के रूप में अनधिकृत उपयोग बंद करने के निर्देश दिए जाएं।
रेल प्रशासन से वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने की मांग
एमआईडीसी के पत्र में यह भी कहा गया है कि रेलवे माल यार्ड में आने-जाने वाले भारी मालवाहक वाहनों के लिए रेलवे प्रशासन की ओर से अधिकृत वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराया जाए। पत्र के अनुसार, वर्तमान में जिस मार्ग का उपयोग किया जा रहा है, वह एमआईडीसी के भूखंड से होकर जाता है और वहां से सड़क के रूप में किया जा रहा उपयोग अनधिकृत बताया गया है।
एमआईडीसी ने पश्चिम रेलवे से तत्काल उक्त मार्ग का उपयोग बंद कराने तथा भारी वाहनों की आवाजाही के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। साथ ही पालघर–बोईसर मार्ग पर विद्यालय, महाविद्यालय और आम नागरिकों को भविष्य में इन भारी वाहनों के कारण परेशानी न हो, इसके लिए आवश्यक सावधानी बरतने की बात कही गई है।
पुलिस और संबंधित अधिकारियों को भी दी गई जानकारी
एमआईडीसी के पत्र की प्रतिलिपि कार्यकारी अभियंता, एमआईडीसी विभाग क्रमांक 1, ठाणे तथा पालघर यातायात विभाग के पुलिस निरीक्षक को भी भेजी गई है। यातायात विभाग से अनधिकृत पार्किंग करने वाले भारी वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है। शिकायतकर्ता प्रशांत आत्माराम संखे को भी पत्र की जानकारी के लिए प्रतिलिपि भेजी गई है।
इस पूरे मामले में एक ओर प्रशांत आत्माराम संखे ने नागरिकों की सुरक्षा और भारी वाहनों के अनधिकृत मार्ग से आवागमन का मुद्दा उठाया है, वहीं दूसरी ओर एमआईडीसी के 27 अगस्त के पत्र में रेलवे प्रशासन से वर्तमान मार्ग का उपयोग बंद कराकर भारी वाहनों के लिए अधिकृत वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। अब इस संबंध में पश्चिम रेलवे और संबंधित विभागों की ओर से आगे क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर स्थानीय नागरिकों की नजर बनी हुई है।
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