पालघर: दाभोसा ग्लास स्काईवॉक से पालघर के पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान, पालकमंत्री गणेश नाईक ने किया ग्लास स्काईवॉक का लोकार्पण।

पालघर: दाभोसा ग्लास स्काईवॉक से पालघर के पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान, पालकमंत्री गणेश नाईक ने किया ग्लास स्काईवॉक का लोकार्पण।

अखिलेश चौबे 
पालघर। जिले के प्रसिद्ध दाभोसा जलप्रपात पर्यटन स्थल पर स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आकर्षक ग्लास स्काईवॉक का उत्साहपूर्ण वातावरण में लोकार्पण किया गया। इस अवसर पर वन मंत्री तथा पालघर जिले के पालकमंत्री गणेश नाईक ने कहा कि दाभोसा अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है और ग्लास स्काईवॉक के निर्माण से यहां देश के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ विदेशों से आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय नागरिकों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
कार्यक्रम में सांसद डॉ. हेमंत सवरा, विधायक राजेंद्र गावित, विधायक हरिश्चंद्र भोये, जिलाधिकारी डॉ. इंदु रानी जाखड़, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे, पुलिस अधीक्षक यतीश देशमुख, जव्हार की परियोजना अधिकारी अपूर्वा बासुर, उप वन संरक्षक सैफुन शेख, भारतीय प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु पी. वी. अमल, जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष प्रकाश निकम, सार्वजनिक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता महेंद्र केनी तथा सरपंच योगिता माडी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी और नागरिक उपस्थित रहे।
पालघर जिले की भौगोलिक एवं प्राकृतिक विशेषताओं का उल्लेख करते हुए पालकमंत्री गणेश नाईक ने कहा कि आने वाले समय में पालघर को देश के पर्यटन और आर्थिक विकास के मानचित्र पर महत्वपूर्ण स्थान दिलाने की व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि पालघर की मुंबई, अहमदाबाद, दिल्ली, कोलकाता सहित देश के विभिन्न प्रमुख शहरों से संपर्क व्यवस्था तेजी से मजबूत हो रही है।
विमानतल, बुलेट ट्रेन और विभिन्न राजमार्गों के माध्यम से जिले की संपर्क व्यवस्था तथा विकास को बड़ी गति मिलने की संभावना है। इससे पर्यटन क्षेत्र के साथ-साथ स्थानीय व्यापार, उद्योग और रोजगार के अवसरों में भी वृद्धि होगी।
पालघर को समुद्र तटों के साथ-साथ पहाड़ी और प्राकृतिक संपदा से भरपूर क्षेत्रों की दोहरी प्राकृतिक देन मिली है। सरकार का उद्देश्य जिले के प्रत्येक प्रमुख समुद्र तट और पर्यटन स्थल का योजनाबद्ध तरीके से विकास करना है, ताकि पर्यटन के माध्यम से स्थानीय लोगों को रोजगार और आय का स्थायी साधन उपलब्ध कराया जा सके।
पालकमंत्री गणेश नाईक ने कहा कि दाभोसा ग्लास स्काईवॉक केवल शुरुआत है। जव्हार तालुका के अन्य पर्यटन स्थलों पर भी आवश्यक आधारभूत सुविधाएं विकसित करने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश प्रशासन को दिए गए हैं।
स्काईवॉक परिसर में पर्यटकों के लिए पार्किंग व्यवस्था, आवश्यक सुविधाएं और अन्य आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। पर्यटन से होने वाली आय का एक हिस्सा ग्राम पंचायत को प्राप्त हो तथा पार्किंग व्यवस्था से भी स्थानीय संस्थाओं को आर्थिक लाभ मिले, इस दिशा में व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता पालकमंत्री ने व्यक्त की।
उन्होंने महिला स्वयं सहायता समूहों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़ने का भी आह्वान किया, ताकि स्थानीय महिलाओं को अपने उत्पादों और कौशल के माध्यम से रोजगार तथा आय का अवसर मिल सके।
पालकमंत्री गणेश नाईक ने दाभोसा और जव्हार क्षेत्र में ‘घर में पर्यटक आवास’ की अवधारणा को प्रभावी रूप से लागू करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पर्यटकों को स्थानीय आदिवासी परिवारों के घरों में रहने की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है।
उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से मिलने वाली सहायता के अतिरिक्त पर्यटकों के ठहरने के लिए आवश्यक सुविधाएं विकसित करने हेतु ऋण अथवा अन्य आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर विचार किया जाए।
इससे पर्यटन से होने वाला आर्थिक लाभ सीधे स्थानीय आदिवासी परिवारों तक पहुंच सकेगा। साथ ही रोजगार के लिए होने वाले स्थानीय लोगों के पलायन को कम करने में भी सहायता मिलेगी।
दाभोसा ग्लास स्काईवॉक पर भविष्य में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए पालकमंत्री ने सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यटकों की सुरक्षा से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाना चाहिए।
स्काईवॉक की निर्धारित क्षमता, प्रवेश व्यवस्था, सीसीटीवी निगरानी और भीड़ नियंत्रण व्यवस्था को कड़ाई से लागू करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सीसीटीवी व्यवस्था को स्थानीय पुलिस तंत्र से जोड़ने तथा प्रवेश द्वार पर नियंत्रण व्यवस्था को और मजबूत करने को कहा गया।
पर्यटकों को सुरक्षित वातावरण का विश्वास मिलना चाहिए और किसी भी परिस्थिति में दुर्घटना न हो, इसके लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय पहले से सुनिश्चित करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए गए।
पालकमंत्री गणेश नाईक ने पर्यटन स्थलों पर उपलब्ध खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने खाद्य एवं औषधि प्रशासन के सहयोग से जिले में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि पर्यटकों को स्वच्छ, गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित भोजन उपलब्ध होना चाहिए। इसके लिए संबंधित विभागों को पर्यटन स्थलों पर खाद्य पदार्थों की नियमित जांच करने तथा नियमों का पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता है।
समुद्र तटों पर संचालित पर्यटन व्यवसाय, स्थानीय पर्यटन उद्यम तथा आदिवासी क्षेत्रों के उद्यमियों को कानून के दायरे में आवश्यक अनुमति और उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की भूमिका भी पालकमंत्री ने स्पष्ट की।
उन्होंने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में नए व्यवसाय शुरू करने वाले स्थानीय नागरिकों को बैंक के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन को पहल करनी चाहिए। इससे स्थानीय स्तर पर छोटे और मध्यम पर्यटन व्यवसाय विकसित होंगे तथा रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
पालघर जिले के सर्वांगीण विकास के लिए प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और नागरिकों को मिलकर काम करने की आवश्यकता पर पालकमंत्री गणेश नाईक ने जोर दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में जिले में मूलभूत सुविधाओं, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और परिवहन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में भी तेजी से कार्य करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पर्यटन का विकास केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि इससे स्थानीय नागरिकों की आर्थिक स्थिति मजबूत होनी चाहिए। पर्यटन परियोजनाओं से स्थानीय लोगों को रोजगार, व्यवसाय और आय के स्थायी अवसर मिलना आवश्यक है।
पालकमंत्री गणेश नाईक ने कहा कि पालघर जिले के पालकमंत्री के रूप में मिली जिम्मेदारी को पूरी क्षमता के साथ निभाते हुए आगामी तीन वर्ष चार महीने की अवधि में जिले में व्यापक परिवर्तन लाने का संकल्प उन्होंने लिया है।
उन्होंने कहा कि जिले के विकास की योजनाओं को केवल कागजों तक सीमित न रखते हुए उनका प्रभाव जमीन पर दिखाई देना चाहिए। प्रशासन और जनता के बीच विश्वास मजबूत करना विकास की सफलता का महत्वपूर्ण आधार है।
पालकमंत्री ने कहा कि नागरिकों के मन में प्रशासन के प्रति विश्वास पैदा करना ही विकास की वास्तविक सफलता है। दाभोसा ग्लास स्काईवॉक जैसे पर्यटन विकास कार्यों के माध्यम से जिले की प्राकृतिक संपदा को पर्यटन से जोड़कर स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए रास्ते तैयार किए जाएंगे।

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