पालघर: धोडीपाड़ा में अंतिम संस्कार मार्ग पर पुल का निर्माण धन के अभाव में लंबित, निर्माण विभाग ने स्पष्ट की स्थिति।
पालघर: धोडीपाड़ा में अंतिम संस्कार मार्ग पर पुल का निर्माण धन के अभाव में लंबित, निर्माण विभाग ने स्पष्ट की स्थिति।
अखिलेश चौबे
पालघर। धुंदलवाड़ी ग्राम पंचायत के अंतर्गत आने वाले धोडीपाड़ा में अंतिम संस्कार के मार्ग पर पुल निर्माण को लेकर प्रकाशित समाचार के बाद जिला परिषद के निर्माण विभाग ने स्थल का प्रत्यक्ष निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की है। विभाग की ओर से किए गए निरीक्षण में सामने आया कि धोडीपाड़ा के ग्रामीणों को अंतिम संस्कार के लिए धुंदलवाड़ी खड़कीपाड़ा स्थित श्मशान भूमि तक पहुंचने के लिए लगभग एक से डेढ़ किलोमीटर लंबा खड़ंजा मार्ग उपलब्ध है।
निर्माण विभाग के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में ग्रामीण इसी मार्ग का उपयोग कर श्मशान भूमि तक पहुंच सकते हैं। हालांकि, अंतिम संस्कार के समय ग्रामीण पारंपरिक तरीके से नाले के बीच से रास्ता बनाकर भी आवागमन करते हैं। स्थल निरीक्षण के दौरान यह स्थिति विभाग के अधिकारियों के संज्ञान में आई है।
धोडीपाड़ा की अनुमानित जनसंख्या लगभग १३० से १५० है। ग्रामीणों की मांग है कि अंतिम संस्कार के समय आवागमन को अधिक सुविधाजनक और सुरक्षित बनाने के लिए नाले पर एक पुल का निर्माण किया जाए। पुल बन जाने से ग्रामीणों को नाले से होकर रास्ता बनाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी और श्मशान भूमि तक पहुंचने के लिए अधिक सुविधाजनक मार्ग उपलब्ध हो सकेगा।
जिला परिषद के निर्माण विभाग द्वारा किए गए निरीक्षण और तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित पुल के निर्माण के लिए लगभग एक करोड़ रुपये की धनराशि की आवश्यकता है। वर्तमान में आवश्यक निधि उपलब्ध नहीं होने के कारण पुल का निर्माण कार्य लंबित है।
निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया है कि पुल निर्माण की मांग को नजरअंदाज नहीं किया गया है, बल्कि इसके लिए आवश्यक धनराशि उपलब्ध न होने के कारण कार्य फिलहाल आगे नहीं बढ़ सका है। आवश्यक निधि उपलब्ध होने के बाद प्रस्तावित कार्य को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया की जा सकती है।
धोडीपाड़ा के ग्रामीणों के लिए श्मशान भूमि तक सुविधाजनक और सुरक्षित पहुंच मार्ग उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। इसी को देखते हुए नाले पर पुल निर्माण की मांग सामने आई है। विभाग के स्थल निरीक्षण से यह भी स्पष्ट हुआ है कि वर्तमान में लगभग एक से डेढ़ किलोमीटर का खड़ंजा मार्ग उपलब्ध है, लेकिन अंतिम संस्कार के समय ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक रूप से नाले से होकर जाने की स्थिति बनी हुई है।
इस प्रकार, धोडीपाड़ा के अंतिम संस्कार मार्ग पर पुल निर्माण का विषय मुख्य रूप से आवश्यक धनराशि की उपलब्धता से जुड़ा हुआ है। जिला परिषद निर्माण विभाग की ओर से निरीक्षण के बाद वास्तविक स्थिति स्पष्ट किए जाने से इस मामले में सामने आई विभिन्न जानकारियों की स्थिति भी स्पष्ट हुई है।
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