पालघर: वाडा और विक्रमगढ़ में एकलव्य आवासीय विद्यालयों का शुभारंभ, आदिवासी विद्यार्थियों को मिलेगा आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण।
पालघर: वाडा और विक्रमगढ़ में एकलव्य आवासीय विद्यालयों का शुभारंभ, आदिवासी विद्यार्थियों को मिलेगा आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षण।
अखिलेश चौबे
पालघर। जिले के आदिवासी विद्यार्थियों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण एवं आवासीय शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जव्हार परियोजना अधिकारी डॉ. अपूर्वा बासुर के मार्गदर्शन में एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल, वाडा एवं विक्रमगढ़ का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर नवप्रवेशित विद्यार्थियों के स्वागत समारोह का आयोजन शासकीय माध्यमिक आश्रमशाला, कलंभे में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
यह कार्यक्रम राष्ट्रीय आदिवासी छात्र समिति, नई दिल्ली तथा महाराष्ट्र ट्राइबल पब्लिक स्कूल सोसायटी, नाशिक के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एकात्मिक आदिवासी विकास परियोजना, जव्हार के सहायक परियोजना अधिकारी (प्रशासन) दीपक टिके ने की। इस अवसर पर ग्राम पंचायत पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, शिक्षा अधिकारी, ग्रामवासी, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यार्थियों के पारंपरिक स्वागत एवं अतिथियों द्वारा फीता काटकर किया गया। नवप्रवेशित विद्यार्थियों का पुस्तकों एवं गुलाब का फूल भेंट कर स्वागत किया गया।
विद्यालय के प्राचार्य मधुकर सरोदे ने अपने संबोधन में एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल योजना की जानकारी देते हुए आधुनिक आवासीय सुविधाओं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, तकनीक आधारित शिक्षण तथा आदिवासी विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान पांडुरंग पटारे ने विद्यालय की विभिन्न आवश्यकताओं और समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया। अध्यक्षीय संबोधन में दीपक टिके ने इन समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन देते हुए दोनों विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों, शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों के कार्यों की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, गुणवत्ता एवं शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर उज्ज्वल भविष्य निर्माण का आह्वान किया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में शासकीय माध्यमिक आश्रमशाला, कलंभे, एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल, वाडा तथा एकलव्य मॉडल रेजिडेंशियल स्कूल, विक्रमगढ़ के शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन भाग्यश्री चांदेवार ने किया, जबकि अच्युत पाटील ने आभार व्यक्त किया।
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