पालघर: बेटियों की शिक्षा से ही बनेगा सशक्त समाज और देश का उज्ज्वल भविष्य : विद्या राजपूत।बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और समान अवसर देना पूरे समाज की जिम्मेदारी।
पालघर: बेटियों की शिक्षा से ही बनेगा सशक्त समाज और देश का उज्ज्वल भविष्य : विद्या राजपूत।
बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और समान अवसर देना पूरे समाज की जिम्मेदारी।
अखिलेश चौबे
पालघर। भारतीय जनता पार्टी की पालघर जिला उपाध्यक्ष विद्या राजपूत ने बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और उज्ज्वल भविष्य को लेकर महत्वपूर्ण संदेश दिया। उन्होंने कहा कि बेटियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। जिस समाज में बेटियों को शिक्षा और सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिलता है, वही समाज वास्तव में प्रगतिशील और मजबूत बनता है।
विद्या राजपूत ने कहा कि आज की बेटियां शिक्षा, खेल, विज्ञान, प्रशासन, चिकित्सा, तकनीक और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं। बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से पीछे नहीं हैं। यदि उन्हें उचित मार्गदर्शन, बेहतर शिक्षा, सुरक्षित वातावरण और अपनी प्रतिभा को निखारने के पर्याप्त अवसर मिलें, तो वे अपने परिवार के साथ-साथ समाज और देश के विकास में भी महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।
उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता दें और उन्हें अपने सपनों को पूरा करने के लिए प्रोत्साहित करें। कई बार सामाजिक सोच और पारंपरिक धारणाओं के कारण बेटियों को आगे बढ़ने के अवसर सीमित हो जाते हैं। ऐसी सोच को बदलने की आवश्यकता है। बेटियों को निर्णय लेने, अपनी बात रखने और अपने भविष्य को लेकर आगे बढ़ने के लिए आत्मविश्वास देना जरूरी है।
उन्होंने कहा कि शिक्षित बेटी केवल अपना भविष्य नहीं बनाती, बल्कि पूरे परिवार की दिशा बदलने की क्षमता रखती है। एक शिक्षित और आत्मनिर्भर महिला आने वाली पीढ़ियों को भी शिक्षा, संस्कार और आत्मनिर्भरता की प्रेरणा देती है। इसलिए बेटियों की शिक्षा को किसी बोझ के रूप में नहीं, बल्कि समाज और देश के उज्ज्वल भविष्य में किए जाने वाले महत्वपूर्ण निवेश के रूप में देखा जाना चाहिए।
विद्या राजपूत ने कहा कि “बेटी की शिक्षा पर किया गया निवेश उसके साथ-साथ पूरे परिवार और समाज के भविष्य को मजबूत करता है।” उन्होंने बेटियों को सुरक्षित, शिक्षित, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए परिवार, समाज और प्रशासन से मिलकर सकारात्मक वातावरण तैयार करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि जब हर बेटी को शिक्षा, सम्मान, सुरक्षा और समान अवसर मिलेगा, तभी एक मजबूत, जागरूक और आत्मनिर्भर समाज का निर्माण संभव होगा।
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