पालघर: आरएसएस की सामाजिक सद्भाव बैठक संपन्न, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने दिया एकता और सहयोग का संदेश।
पालघर: आरएसएस की सामाजिक सद्भाव बैठक संपन्न, विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने दिया एकता और सहयोग का संदेश।
अखिलेश चौबे
पालघर। जिले के औद्योगिक बोईसर शहर टीमा हॉल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की ओर से सामाजिक सद्भाव बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में विभिन्न समाजों एवं संप्रदायों के प्रमुख प्रतिनिधियों, प्रबुद्धजनों तथा गणमान्य नागरिकों सहित करीब २०० लोगों ने सहभागिता की। रोटरी क्लब ऑफ बोईसर-तारापुर के तत्कालीन अध्यक्ष रामनारायण गोयल तथा पूर्व अध्यक्ष विनायक पदमवार की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विभिन्न समाजों के बीच आपसी भाईचारे, सद्भाव, सहयोग और समन्वय की भावना को और मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर तथा ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष के साथ किया गया। इसके पश्चात विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने समाज की परंपराओं, संस्कारों, सामाजिक मूल्यों, सेवा कार्यों तथा समाज के योगदान के संबंध में विचार व्यक्त किए। वक्ताओं ने कहा कि विभिन्न समुदायों की अपनी विशिष्ट परंपराएं और सामाजिक पहचान होने के बावजूद सभी को आपसी सम्मान एवं सहयोग की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
बैठक में न्यू बृजवासी स्वीट्स के संचालक जितेन्द्र अग्रवाल ने महाराजा अग्रसेन की समाजसेवा एवं परोपकार की परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि महाराजा अग्रसेन के समय किसी नए व्यक्ति के गांव में आकर बसने पर प्रत्येक परिवार की ओर से उसे एक ईंट और एक रुपया देने की परंपरा थी। ईंट से वह अपना घर बनाता था, जबकि रुपये से व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ता था। उन्होंने इस परंपरा को सहयोग, स्वावलंबन और मानवता का प्रेरणादायी उदाहरण बताया।
बैठक के दौरान विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने अपने समाज की विशेषताओं तथा सामाजिक योगदान के बारे में जानकारी साझा की। वक्ताओं ने कहा कि आपसी विश्वास, सम्मान, सहयोग और निरंतर संवाद के माध्यम से ही वास्तविक सामाजिक समरसता को मजबूत किया जा सकता है। समाज के प्रत्येक वर्ग को एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करते हुए समाजहित के कार्यों में सहभागी बनने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में विनोद बाजपेयी और राकेश वैद्य ने विशेष सक्रिय भूमिका निभाई। दोनों ने मंच संचालन तथा समय प्रबंधन की जिम्मेदारी कुशलतापूर्वक संभाली। आयोजन समिति के सचिन बडगुजर, विनोद बाजपेयी, श्रीपाद तलवेलकर और श्याम करवीर ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
बैठक में आने वाले अतिथियों एवं आगंतुकों के लिए सुबह अल्पाहार तथा दोपहर में सात्विक भोजन की व्यवस्था की गई थी। आयोजन के दौरान सभी समाजों के प्रतिनिधियों के बीच संवाद और परिचय का अवसर भी मिला, जिससे सामाजिक समन्वय की भावना को बढ़ावा मिला।
कार्यक्रम के प्रमुख अतिथि कोंकण प्रांत संघचालक अर्जुन चांदेकर ने अपने संबोधन में सामाजिक समरसता के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विभिन्न समाजों के बीच आपसी सम्मान, संवाद और सहयोग की भावना को मजबूत करना वर्तमान समय की आवश्यकता है। उन्होंने समाजहित और राष्ट्रहित में सभी वर्गों को मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।
समापन अवसर पर श्रीपाद तलवेलकर ने मुख्य अतिथि, गणमान्य व्यक्तियों और सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने टीमा हॉल प्रशासन तथा आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग करने वाले स्वयंसेवकों को भी धन्यवाद दिया।
टीमा हॉल में आयोजित इस सामाजिक सद्भाव बैठक के माध्यम से विभिन्न समाजों के बीच आपसी भाईचारे, विश्वास, सहयोग और समन्वय को मजबूत करने का सकारात्मक संदेश दिया गया। बैठक में उपस्थित करीब २०० लोगों और विभिन्न समाजों के प्रतिनिधियों ने सामाजिक एकता को आगे बढ़ाने तथा समाजहित के कार्यों में मिलकर योगदान देने की भावना व्यक्त की।
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