पालघर: रोटरी क्लब ऑफ बोईसर-तारापुर की ‘रक्षासूत्र’ पहल, जवानों के सम्मान में विद्यार्थियों ने बांधा देशभक्ति का धागा।इंटरैक्ट क्लबों के सहयोग से विद्यार्थियों ने सीमा पर तैनात वीर जवानों के लिए तैयार किए रक्षासूत्र।
पालघर: रोटरी क्लब ऑफ बोईसर-तारापुर की ‘रक्षासूत्र’ पहल, जवानों के सम्मान में विद्यार्थियों ने बांधा देशभक्ति का धागा।
इंटरैक्ट क्लबों के सहयोग से विद्यार्थियों ने सीमा पर तैनात वीर जवानों के लिए तैयार किए रक्षासूत्र।
अखिलेश चौबे
पालघर। रक्षाबंधन का पर्व केवल भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का प्रतीक नहीं, बल्कि यह सुरक्षा, जिम्मेदारी और अपनेपन की भावना को भी अभिव्यक्त करने का अवसर है। इसी भावना को राष्ट्रप्रेम से जोड़ते हुए जिले के औद्योगिक बोईसर शहर के रोटरी क्लब ऑफ बोईसर-तारापुर ने इंटरैक्ट क्लबों के सहयोग से ‘रक्षासूत्र’ नामक विशेष पहल शुरू की है। इस अभिनव परियोजना के माध्यम से विद्यार्थियों ने देश की सीमाओं पर दिन-रात डटे रहने वाले वीर जवानों के प्रति अपना प्रेम, सम्मान, कृतज्ञता और देशभक्ति व्यक्त की।
‘रक्षासूत्र’ पहल के अंतर्गत विद्यार्थियों ने अपने हाथों से जवानों के लिए रक्षासूत्र तैयार किए। इन रक्षासूत्रों में केवल रंग-बिरंगे धागे ही नहीं, बल्कि देश की रक्षा में अपना सर्वस्व समर्पित करने वाले सैनिकों के प्रति सम्मान और भावनाओं को भी पिरोया गया है। विद्यार्थियों का यह प्रयास इस भाव को सामने लाता है कि सीमा पर खड़ा प्रत्येक सैनिक पूरे देश की सुरक्षा का प्रहरी है और देश का प्रत्येक नागरिक उसके त्याग का ऋणी है।
▪️विद्यार्थियों को सैनिकों के त्याग और बलिदान से जोड़ना उद्देश्य
इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में बचपन से ही राष्ट्रप्रेम, कर्तव्यनिष्ठा और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। साथ ही, उन्हें यह समझाना भी है कि देश की स्वतंत्रता और सुरक्षा के पीछे हमारे सैनिकों का अदम्य साहस, कठिन परिश्रम और सर्वोच्च बलिदान जुड़ा हुआ है।
रक्षाबंधन के अवसर पर जवानों के लिए रक्षासूत्र तैयार कर विद्यार्थियों ने एक भावनात्मक संदेश दिया कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिक भले ही अपने परिवारों से दूर हों, लेकिन पूरा देश उनके साथ खड़ा है। विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए ये रक्षासूत्र सैनिकों के प्रति सम्मान और स्नेह का प्रतीक बनकर उनके पास पहुंचेंगे।
▪️आठ विद्यालयों के इंटरैक्ट क्लब हुए सहभागी
रोटरी क्लब ऑफ बोईसर-तारापुर की इस पहल में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के इंटरैक्ट क्लब सक्रिय रूप से सहभागी बने हैं। विराज इंटरनेशनल स्कूल, सेंट फ्रांसिस स्कूल, सेंट विलिब्रॉड लीडरशिप लीग स्कूल, दीप ग्लोबल स्कूल, यू.एस. ओसवाल इनोवेटिव स्कूल, यू.एस. ओसवाल इंटरनेशनल स्कूल, चिन्मया विद्यालय तथा राहुल इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थियों ने इस परियोजना में उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
विद्यालयों में विद्यार्थियों ने रक्षासूत्र तैयार करने के साथ-साथ सैनिकों के जीवन, उनके संघर्ष और राष्ट्र के प्रति उनके समर्पण को समझने का प्रयास किया। इससे बच्चों के भीतर देश के प्रति सम्मान की भावना और अधिक मजबूत हुई।
▪️‘रक्षासूत्र’ केवल राखी नहीं, जवानों से भावनात्मक रिश्ता : डॉ. प्रविणचंद्र वैश्य
रोटरी क्लब ऑफ बोईसर-तारापुर के अध्यक्ष डॉ. प्रविणचंद्र वैश्य ने कहा कि देश के वीर जवान कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए राष्ट्र की सुरक्षा में जुटे रहते हैं। उनके लिए परिवार, आराम और व्यक्तिगत सुख-सुविधाओं से पहले देश का कर्तव्य होता है।
उन्होंने कहा कि ‘रक्षासूत्र’ केवल राखी बांधने की पहल नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों और वीर जवानों के बीच सम्मान, स्नेह तथा राष्ट्रप्रेम का भावनात्मक रिश्ता जोड़ने का प्रयास है। इस प्रकार की पहल विद्यार्थियों को देश के प्रति अपने कर्तव्यों को समझने और सैनिकों के बलिदान का सम्मान करने की प्रेरणा देती है।
▪️रक्षाबंधन को राष्ट्रसेवा की भावना से जोड़ने का संदेश
‘रक्षासूत्र’ पहल की विशेषता यह है कि इसमें रक्षाबंधन के पारंपरिक भाव को व्यापक राष्ट्रीय भावना से जोड़ा गया है। आमतौर पर रक्षाबंधन परिवार और रिश्तों के बीच सुरक्षा के संकल्प का पर्व माना जाता है, लेकिन इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह संदेश दिया कि देश की रक्षा करने वाले सैनिक भी हमारे अपने हैं और उनके प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
इस पहल से विद्यार्थियों में यह समझ विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है कि देशभक्ति केवल नारों और आयोजनों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि सैनिकों के त्याग को समझना, उनका सम्मान करना और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनना भी सच्ची देशभक्ति का हिस्सा है।
▪️सामूहिक सहभागिता से मजबूत हुआ राष्ट्रप्रेम का संदेश
रोटरी क्लब, विद्यालयों के इंटरैक्ट क्लब, शिक्षक, समन्वयक और विद्यार्थी—सभी की सामूहिक सहभागिता से यह परियोजना एक व्यापक जनभावना का रूप ले रही है। विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए प्रत्येक रक्षासूत्र में देश के वीर जवानों के लिए सम्मान, शुभकामना और सुरक्षित जीवन की कामना का भाव समाहित है।
इस परियोजना का संचालन अध्यक्ष डॉ. प्रविणचंद्र वैश्य, सचिव रेखेश जैन, परियोजना निदेशक रोटेरियन स्मिता जाधव एवं रोटेरियन आरती शिंदे, इंटरैक्ट क्लब समन्वयक रोटेरियन रत्ना सिंह, रोटेरियन अलका जैन,पास्ट प्रेसिडेंट जगदीश भूते, रोटेरियन प्रशांत कदम, रोटेरियन अधिवक्ता शानू ठाकुर तथा पूर्व अध्यक्ष एवं युवा निदेशक डॉ. पराग कुलकर्णी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।
‘रक्षासूत्र’ के माध्यम से विद्यार्थियों ने यह भावपूर्ण संदेश दिया है कि सीमा पर तैनात जवान भले ही हजारों किलोमीटर दूर हों, लेकिन उनके साथ देश के करोड़ों नागरिकों का स्नेह, सम्मान और विश्वास हमेशा मौजूद है। रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर विद्यार्थियों के हाथों से निकला यह रक्षासूत्र वास्तव में देश की रक्षा करने वाले वीर सपूतों के प्रति पूरे समाज की कृतज्ञता का प्रतीक बन गया है।
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