पालघर: 21 अगस्त को पूरे महाराष्ट्र में होगा ‘महा वॉकेथॉन–वॉक फॉर वॉटर’।‘मिट्टी बचाएं, पानी बचाएं, भविष्य सुरक्षित करें’ की संकल्पना के साथ जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की पहल।
पालघर: 21 अगस्त को पूरे महाराष्ट्र में होगा ‘महा वॉकेथॉन–वॉक फॉर वॉटर’।
‘मिट्टी बचाएं, पानी बचाएं, भविष्य सुरक्षित करें’ की संकल्पना के साथ जल संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की पहल।
अखिलेश चौबे
पालघर। राज्य के कई क्षेत्रों में लगातार घटते भूजल स्तर और बढ़ती जल कमी की समस्या के स्थायी समाधान के लिए महाराष्ट्र शासन ने जल संरक्षण को व्यापक जनआंदोलन बनाने का निर्णय लिया है। बड़े बांधों पर निर्भरता कम करते हुए जलग्रहण क्षेत्र विकास, मृदा संरक्षण और भूजल पुनर्भरण पर जोर दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य से ‘पानी रोकें, पानी जमीन में उतारें’ का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत सुधाकररावजी नाईक ने राज्य में जल संरक्षण की व्यापक चळवळ खड़ी की थी। जल संरक्षण के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान को देखते हुए शासन ने 3 जुलाई 2026 को निर्णय लेकर 21 अगस्त को ‘जल संरक्षण दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया। इसके बाद 7 अगस्त 2026 को जारी शासन निर्णय के अनुसार राज्यभर में विभिन्न जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
‘मिट्टी बचाएं, पानी बचाएं, भविष्य सुरक्षित करें’ की व्यापक संकल्पना के तहत 15 से 21 अगस्त तक ‘जल संरक्षण सप्ताह’ मनाया जाएगा। इसका प्रमुख आकर्षण 21 अगस्त को आयोजित ‘महा वॉकेथॉन–वॉक फॉर वॉटर’ रहेगा। अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि जल संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसमें किसान, महिलाएं, युवक-युवतियां, विद्यार्थी, शहरी नागरिक और विभिन्न सामाजिक संस्थाएं सहभागी होंगी।
विद्यार्थियों में बचपन से ही मिट्टी, पानी और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। राज्य की सभी शालाओं में कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को ‘महा वॉकेथॉन–वॉक फॉर वॉटर’ तथा ‘मृदा एवं जल संरक्षण लघु वीडियो प्रतियोगिता’ में उत्साहपूर्वक सहभागी बनाने का प्रयास किया जाएगा।
सोशल मीडिया के माध्यम से विद्यार्थियों की रचनात्मकता को मंच देते हुए लघु वीडियो प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इसके माध्यम से जल संरक्षण, पानी की बचत, भूजल पुनर्भरण, मिट्टी संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा का संदेश युवा पीढ़ी समाज तक पहुंचाएगी।
जल संरक्षण सप्ताह और महा वॉकेथॉन को केवल औपचारिक आयोजन न रखते हुए दीर्घकालीन जनआंदोलन में बदलना अभियान का प्रमुख उद्देश्य है। बारिश के पानी को रोकना, उसे जमीन में उतारना, जलस्रोतों का पुनर्जीवन करना और मिट्टी के कटाव को रोकना आवश्यक है। इसके लिए सरकारी योजनाओं के साथ नागरिकों की सक्रिय सहभागिता भी महत्वपूर्ण है।
राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद, पुणे तथा महाराष्ट्र प्राथमिक शिक्षा परिषद, मुंबई इस अभियान के लिए आवश्यक सहयोग करेंगी। विद्यार्थियों के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश परिवार और समाज तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
जलवायु परिवर्तन, अनियमित वर्षा, घटते भूजल स्तर और बढ़ती जल कमी को देखते हुए जल संरक्षण का महत्व लगातार बढ़ रहा है। इसलिए जल संरक्षण दिवस केवल एक विशेष दिन न रहकर प्रत्येक नागरिक के लिए पानी और मिट्टी के संरक्षण का संकल्प दिवस बने, यही अभियान की अपेक्षा है।
‘पानी रोकें, पानी जमीन में उतारें, जलयुक्त महाराष्ट्र बनाएं’ का संदेश गांव से शहर और प्रत्येक घर तक पहुंचाने का आह्वान किया गया है। ‘मिट्टी बचाएं, पानी बचाएं और भविष्य सुरक्षित करें’ की भावना के साथ नागरिकों से इस जनआंदोलन में सहभागी बनने की अपील की गई है।
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