पालघर: बोईसर में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी का भव्य जुलूस, हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे की दिखी मिसाल।12 रबीउल अव्वल के अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से निकले जुलूस मुख्य यात्रा में हुए शामिल; जगह-जगह पानी, जलपान और भोजन की व्यवस्था।
पालघर: बोईसर में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी का भव्य जुलूस, हिंदू-मुस्लिम एकता और भाईचारे की दिखी मिसाल।
12 रबीउल अव्वल के अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों से निकले जुलूस मुख्य यात्रा में हुए शामिल; जगह-जगह पानी, जलपान और भोजन की व्यवस्था।
अखिलेश चौबे
पालघर। 12 रबीउल अव्वल के मुबारक अवसर पर बुधवार को जिले के औद्योगिक बोईसर शहर में ईद-ए-मिलाद-उन-नबी का पर्व श्रद्धा, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर निकाले गए भव्य जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की। आयोजन के दौरान सबसे उल्लेखनीय दृश्य हिंदू-मुस्लिम एकता, आपसी सहयोग और भाईचारे का रहा। विभिन्न समुदायों के लोग एक-दूसरे के साथ खड़े दिखाई दिए और मिल-जुलकर आयोजन को सफल बनाने में सहयोग किया।
पूरे बोईसर क्षेत्र में जुलूस के दौरान उत्साह एवं उल्लास का वातावरण देखने को मिला। स्थानीय नागरिकों, समाजसेवियों तथा विभिन्न सामाजिक वर्गों के लोगों ने अपनी-अपनी ओर से आयोजन में सहयोग किया। जुलूस में शामिल लोगों के लिए अनेक स्थानों पर शुद्ध पेयजल, जलपान एवं भोजन की व्यवस्था की गई। लोगों की इस सहभागिता और सहयोग से आयोजन में सामाजिक सद्भाव की भावना और अधिक मजबूत दिखाई दी।
विभिन्न क्षेत्रों से निकले जुलूस मुख्य यात्रा में हुए शामिल
बोईसर का प्रमुख जुलूस रिफाई मोहल्ला, भंडारवाड़ा से निकाला गया। इसके बाद धनानी नगर क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में लोग जुलूस लेकर पहुंचे और मुख्य जुलूस में शामिल हुए। मुख्य जुलूस बोईसर मस्जिद से होते हुए रेलवे स्टेशन के मार्ग से आगे बढ़ा तथा नवापुर मार्ग से होते हुए संजय नगर पहुंचा।
संजय नगर से आगे बढ़ते हुए जुलूस मधुर होटल और ओसवाल क्षेत्र की ओर पहुंचा। इसी दौरान अवध नगर तथा शिवाजी नगर से भी उत्साहपूर्वक जुलूस निकाले गए। दोनों क्षेत्रों से निकले जुलूस मधुर होटल के समीप मुख्य जुलूस में आकर शामिल हुए।
धनानी नगर, अवध नगर और शिवाजी नगर से आए जुलूसों के एक साथ मुख्य यात्रा में शामिल होने से आयोजन का दृश्य और अधिक भव्य हो गया। बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता के कारण मार्ग पर उत्साह एवं उल्लास का वातावरण बना रहा।
ओसवाल से बस डिपो तक रहा उत्साह का वातावरण
इसके बाद सभी जुलूस एक साथ ओसवाल क्षेत्र के भीतर से आगे बढ़े और क्रोमा के समीप से होते हुए ओसवाल गेट से बस डिपो तक पहुंचे। पूरे मार्ग पर नागरिकों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। विभिन्न स्थानों पर लोगों ने जुलूस का स्वागत किया और इसमें शामिल लोगों के लिए पानी एवं जलपान की व्यवस्था की।
जुलूस के दौरान स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों द्वारा किए गए सहयोग से आयोजन में आपसी सद्भाव और सामाजिक सहभागिता का संदेश देखने को मिला। लोगों ने धार्मिक आयोजन के साथ मानवीय सहयोग और भाईचारे की भावना को भी महत्व दिया।
हिंदू-मुस्लिम एकता का दिया संदेश
ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के इस आयोजन की विशेषता केवल जुलूस की भव्यता तक सीमित नहीं रही, बल्कि विभिन्न समुदायों के लोगों का एक-दूसरे के साथ खड़े होकर सहयोग करना भी रहा। हिंदू और मुस्लिम समुदाय के नागरिकों ने मिल-जुलकर आयोजन में अपनी भूमिका निभाई। कई स्थानों पर लोगों ने जुलूस में शामिल श्रद्धालुओं एवं नागरिकों के लिए पानी, नाश्ता और अन्य खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई।
12 रबीउल अव्वल के अवसर पर बोईसर के अलग-अलग क्षेत्रों से निकले जुलूसों का एक साथ मुख्य यात्रा में शामिल होना सामाजिक एकता और आपसी सहयोग की तस्वीर प्रस्तुत करता रहा। धार्मिक उत्सव के दौरान नागरिकों के बीच दिखाई दिया यह सौहार्दपूर्ण वातावरण पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय रहा।
ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के अवसर पर बोईसर में आयोजित इस भव्य जुलूस ने धार्मिक उत्साह के साथ सामाजिक सद्भाव, सहयोग और भाईचारे का संदेश दिया। विभिन्न समुदायों के लोगों की सहभागिता ने यह दर्शाया कि धार्मिक एवं सामाजिक अवसरों को आपसी सम्मान और सौहार्द के साथ मनाने से समाज में एकता और सकारात्मक वातावरण को मजबूती मिलती है।
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